Home Blog Page 83

अच्छी पहल: नगर निगम का ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन देगा प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड को रफ्तार

0

 

देहरादून शहर की प्रमुख जगह पर लगेगी ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन

*मनसा फैसिलिटी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से सीधे रिसाइकिल रॉ मैटेरियल खरीदेगा नगर निगम*

*दून मेयर और नगर आयुक्त ने किया ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन का उद्घाटन*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन की शुरुआत की गई है। बृहस्पतिवार को नगर निगम परिसर के बाहर मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल द्वारा शहर की पहली ऑटोमेटेड प्लास्टिक बोतल क्रैशर मशीन का उद्घाटन किया गया।


नगर निगम देहरादून द्वारा ऑटोमेटेड बॉटल क्रशर मशीन शहर के प्रमुख जगह पर लगाई जाएगी जिसमें प्रमुख पर्यटक स्थल, रेलवे, बस स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान, पार्क, सरकारी भवन और शहर के मुख्य चौराहे शामिल है। जिसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण और प्लास्टिक वेस्ट से बने उपयोगी सामान जैसे टेबल, चेयर, फ्लावर पॉट और घर की सजावटी शोपीस वस्तुओं को बनाने पर जोर रहेगा।

इस ऑटोमेटेड बॉटल क्रैशर मशीन का संचालन मनसा फैसिलिटी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो की प्लास्टिक की बॉटलो को रिसाइकल करेगा, जिससे नगर निगम देहरादून द्वारा रिसाइकल रॉ मैटेरियल को उनसे सीधे खरीदा जाएगा। जिसके माध्यम से नगर निगम उपयोगी वस्तु बनाकर शहर के मुख्य चौक चौराहा पर उपयोग के तौर पर इस्तेमाल करेगा। नगर निगम देहरादून की इस अभिनव पहल से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि आमजन को भी प्लास्टिक के सही निस्तारण के लिए प्रेरणा मिलेगी।

देहरादून नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि इस मशीन के द्वारा सिंगल यूज़ वेस्ट प्लास्टिक को रिसाइकिल कर उपयोगी चीजे बनाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जगह चिन्हित कर ली गई है, इस मशीन का फीडबैक देखते हुए यहां मशीन इन सभी चिन्हित जगह पर लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां मशीन पीपीपी मोड के माध्यम से संचालित की जा रही है।

मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा इस मशीन की पहल से प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड को बढ़ावा मिलेगा। ऑटोमेटिक प्लास्टिक बॉटल क्रैशर मशीन के सहयोग से नगर निगम सिंगल यूज़ प्लास्टिक से शहर को मुक्त कराएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिंगल यूज़ प्लास्टिक और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है, जो कि देहरादून स्वच्छ व अनुकूल उत्तराखंड के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

देहरादून: 16 फरवरी को भ्रष्टाचार, अपराध और बेरोज़गारी के खिलाफ कांग्रेस करेगी राजभवन घेराव

0

 

आज उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंध समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, सह प्रभारी द्वै सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव की महत्वपूर्ण बैठक हुई ,बैठक के उपरांत उपरोक्त सभी नेताओं द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया।

प्रेस वार्ता में सभी नेताओं ने एक स्वर में भाजपा सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राज्य आज भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेरोज़गारी और प्रशासनिक अराजकता के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।
राज्य की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार, अन्याय, अत्याचार, अव्यवस्था, उत्पीड़न, महिला अपराधों में बेतहाशा वृद्धि और नौकरियों की खुली बंदरबांट को ही अपनी पहचान बना लिया है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते, इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाएगी, जिसमें हर वर्ग—युवा, महिला, किसान, कर्मचारी और बेरोज़गार—को जोड़ा जाएगा।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने सत्ता को लूट, झूठ और दमन का औज़ार बना दिया है।
राज्य आज भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला, महिला असुरक्षा की राजधानी, बेरोज़गारी का गढ़ और अन्याय-अत्याचार का केंद्र बन चुका है। सरकार का हर विभाग भ्रष्टाचार में डूबा है और मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी अब हर घर तक पहुंच चुकी है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं सरकार मूक दर्शक बनी हुई है ,कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाएगी और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।
आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों, दलालों और भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन चुकी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर नौकरियों की बंदरबांट तक—हर मामले में सरकार का चेहरा बेनकाब हुआ है। भाजपा का “डबल इंजन” उत्तराखंड के लिए डबल अत्याचार बन चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की अस्मिता, संसाधनों और नौजवानों के भविष्य के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। अगले तीन महीनों तक राज्यव्यापी जन-जागरण अभियान चलाकर भाजपा सरकार की एक-एक नाकामी को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
पार्टी के वर्तमान “चतुर्भुज नेतृत्व” की खुलकर सराहना करते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह नेतृत्व साहस, संवेदनशीलता और संघर्ष की भावना का प्रतीक है। उन्होंने आगामी सभी कार्यक्रमों के लिए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं तथा अंकिता भंडारी हत्याकांड को जिस प्रभावशाली और निरंतर तरीके से उठाया जा रहा है, उसके लिए प्रदेश नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है जो पीड़ितों के साथ खड़ी रहती है और न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ती है।

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि जन-जागरण अभियान की कड़ी में 16 फरवरी को प्रदेशभर के मुद्दों को लेकर राजभवन का घेराव किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से कांग्रेसजन और आम नागरिक भाग लेंगे।प्रीतम ने कहा कि यह सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि जनता के हक़ की निर्णायक लड़ाई है। संगठन पूरी तरह तैयार है और भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरा जाएगा।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और जन आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से गांव-गांव, शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा।हरक ने कहा कि 16 फरवरी का राजभवन घेराव सरकार की नाकामी, अन्याय और अहंकार के खिलाफ जनता का सशक्त संदेश होगा।

सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा एवं मनोज यादव ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के जनविरोधी शासन के खिलाफ संघर्ष अब और तेज़ होगा तथा जनता के हक़ की लड़ाई हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी। सह प्रभारियों ने जानकारी दी कि 16 फरवरी के राजभवन घेराव कार्यक्रम के संयोजक चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह होंगे

गरिमा मेहरा दसौनी

जन जन की सरकार जन-जन के द्वार: सुदूरवर्ती न्याय पंचायत कोटी में अपर सचिव व CDO ने सुनी जन समस्याएं

0

 

जनहित में बडी पहलः 05 आयुष्मान कार्ड, 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र मौके पर निर्गत

*कोटी बहुउद्देशीय शिविरः 849 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ*

*लाभ भी, समाधान भीः 460 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*

*मौके पर निस्तारण की मिसालः 62 में से अधिकांश समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान*

*“डैम के लिए दी ज़मीन, फिर भी अंधेरे में गांव, विद्युत समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश”*

*क्षेत्रवासियों का शिविर में सड़क और विद्युत संकट रहा प्रमुख मुद्दा*

*देहरादून । जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत गुरुवार को विकासखंड कालसी स्थित कोटी ग्राउंड में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह द्वारा जनसमस्याएँ सुनी गईं तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषक मनीष एवं राजेन्द्र को पावर वीडर, राजेन्द्र शर्मा को आटा चक्की तथा भोलाराम को ब्रश कटर वितरित किए गए। सहकारिता विभाग के माध्यम से ग्राम लोल्टा के कृषक मोहन सिंह एवं संजय सिंह को एक-एक लाख रुपये का फसली ऋण प्रदान किया गया। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर 05 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 किशोरी किट वितरित की गईं।

समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र, देहरादून के सहयोग से एडिप एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत 40 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को कुल 120 सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए तथा 05 वृद्धजनों की पेंशन हेतु बैंक खाते आधार से सीड किए गए।

अपर सचिव हिमांशु खुराना ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री का संकल्प है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध रूप से पहुँचे तथा कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने आश्वस्त किया कि जनता से संबंधित प्रत्येक समस्या पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिविर में ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 62 समस्याएँ प्रस्तुत की गईं, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा।

शिविर में ग्राम दमऊ, लेन्टा, कोटी, सिमोग, दोऊ, दसेऊ आदि ग्रामों के ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, वन, सोलर लाइट, भूमि विवाद एवं मुआवजा संबंधी समस्याएँ प्रमुखता से रखीं। डैम निर्माण हेतु भूमि दान के बावजूद विद्युत आपूर्ति की खराब स्थिति की शिकायत पर विद्युत विभाग को स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए।

खैरवा-कोटी मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को 15 फरवरी से मार्ग सुधार कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोटी में आवश्यक स्टाफ एवं एंबुलेंस की अनुपलब्धता पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शीघ्र सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति की शिकायत पर शिक्षा विभाग को प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत दसेऊ अंतर्गत कौथावा-पावुआ से राजस्व ग्राम पाटा तक मोटर मार्ग निर्माण की मांग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोटी में खेल मैदान के विस्तार हेतु युवा कल्याण विभाग को प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। ग्राम तुनिया, खैरवा एवं दोऊ में स्ट्रीट लाइट स्थापना हेतु उरेडा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 257, होम्योपैथिक में 124 तथा आयुर्वेदिक में 79 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियाँ वितरित की गईं। शिविर में 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं 05 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। पशुपालन विभाग द्वारा 43 पशुपालकों को पशु औषधियाँ वितरित की गईं।

राजस्व विभाग द्वारा 54 खाता-खतौनी, 01 आय एवं 01 स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 57 तथा उद्यान विभाग द्वारा 40 कृषकों को लाभान्वित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन की गईं। जिला पूर्ति विभाग, पंचायती राज, डेयरी, श्रम, शिक्षा, उद्योग, लीड बैंक, सेवायोजन, विद्युत एवं सहकारिता विभागों द्वारा भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

शिविर में अपर सचिव हिमांशु खुराना, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम प्रेम लाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, बीडीओ जगत सिंह, अन्य विभागीय अधिकारियों सहित गढवाल संयोजक गजेन्द्र जोशी, पूर्व प्रमुख मटोर सिंह चौहान, प्रदेश महामंत्री जनजाति मोर्चा भरत सिंह चौहान, जनजाति मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश तोमर, क्षेत्र पंचायत सदस्य उर्मिला चौहान, ग्राम प्रधान रक्षा देवी, बीना वर्मा, श्याम सिंह, विनीता चौहान, सरिता चौहान, रमेश चौहान, रवि रावत, अजब सिंह एवं गणमान्य नागरिक और बडी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

Action : MDDA का अवैध निर्माणों पर कड़ा प्रहार, सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की तेज

0

 

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में देहरादून के प्रगति विहार क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। प्रगति विहार लेन संख्या-06, देहरादून में उपेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई।

वहीं, इसी क्षेत्र में श्रेयष अग्रवाल द्वारा निर्मित अवैध टिन शैड को चिन्हित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। दोनों ही मामलों में निर्माण प्राधिकरण से बिना स्वीकृति के किए जा रहे थे।

उक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गई, जिसमें सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा एवं प्राधिकरण के सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान शहर को सुनियोजित, सुरक्षित एवं अवैध निर्माण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए, बंशीधर तिवारी का बयान*
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। एमडीडीए द्वारा लगातार निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण की स्वीकृति अवश्य लें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*सचिव एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए निर्माणों को चिन्हित कर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। यह कदम शहर के सुनियोजित विकास और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। नागरिक सहयोग से ही अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

Good initiative: UPES और ICONA की साझेदारी से फ्यूचर मोबिलिटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की करेगी ‌स्थापना

0

 

देहरादून: UPES ने ऑटोमोटिव और मोबिलिटी डिज़ाइन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ICONA के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है, जिसका उद्देश्य फ्यूचर मोबिलिटी के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सशक्त बनाना है। इस साझेदारी के अंतर्गत ICONA, UPES को ICONA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्यूचर मोबिलिटी के रूप में मान्यता देगा और विश्वविद्यालय को ICONA के वैश्विक नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस में शामिल करेगा।
ICONA के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को अगली पीढ़ी की मोबिलिटी समाधानों में नवाचार और विकास के केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। इनका प्रमुख फोकस इलेक्ट्रिक वाहन, स्वायत्त ड्राइविंग, स्मार्ट सिटी एकीकरण, शहरी नियोजन, नीति विकास और सतत परिवहन प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों पर होगा। विश्वभर में सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के प्रमुख हितधारकों के साथ सहयोग के माध्यम से ये केंद्र विकसित हो रहे मोबिलिटी इकोसिस्टम में सहयोगात्मक सोच और नवाचार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
यह मान्यता केवल आमंत्रण के माध्यम से प्रदान की गई है और यह UPES स्कूल ऑफ डिज़ाइन के ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन विषय की क्षमताओं और संभावनाओं को उद्योग द्वारा दी गई स्वीकृति को दर्शाती है। यह केंद्र UPES की मौजूदा शैक्षणिक अवसंरचना और वर्चुअल सहभागिता के माध्यम से संचालित होगा, जिसके लिए किसी अतिरिक्त भौतिक सुविधा या वित्तीय प्रतिबद्धता की आवश्यकता नहीं होगी।
साझेदारी के अंतर्गत UPES, ICONA के साथ मिलकर सेंटर ऑफ ऑटोमोटिव डिज़ाइन एक्सीलेंस की मेज़बानी भी करेगा। ICONA के वैश्विक नेटवर्क के अनुरूप कार्य करने वाला यह केंद्र दोनों संस्थानों को आपसी हित के रणनीतिक पहलों पर सहयोग करने में सक्षम बनाएगा। जहां UPES को ICONA की वैश्विक औद्योगिक विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा, वहीं ICONA को UPES की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमताओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। यह केंद्र भारत में लागू स्थापित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप कार्य करेगा।
इस साझेदारी के अंतर्गत ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन और मोबिलिटी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी गतिविधियों पर भी सहयोग किया जाएगा। इनमें संयुक्त शोध परियोजनाएं, अनुदान अवसरों की खोज, उद्योग प्रायोजित परियोजनाएं, नवोन्मेषी डिज़ाइन अवधारणाओं का सह-विकास, छात्र इंटर्नशिप के अवसर और संरचित ज्ञान-विनिमय शामिल हैं।
साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए ICONA डिज़ाइन ग्रुप के मुख्य नवाचार अधिकारी डॉ. ग्जोको मुरातोव्स्की ने कहा, “UPES के साथ यह साझेदारी ICONA के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि हम भारत में अपने फ्यूचर मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नए प्रतिनिधि कार्यालय की स्थापना कर रहे हैं। डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, सततता और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में UPES की दूरदृष्टि और व्यापक विशेषज्ञता इसे हमारे लिए एक आदर्श साझेदार बनाती है। साथ मिलकर हम रचनात्मकता और विज्ञान को जोड़ते हुए भारत और उससे आगे फ्यूचर मोबिलिटी की जटिल चुनौतियों का समाधान करेंगे।”
साझेदारी पर UPES के रजिस्ट्रार श्री मनीष मदान ने कहा, “ICONA के साथ यह सहयोग UPES की वैश्विक स्तर पर संरेखित, भविष्य-केंद्रित शैक्षणिक इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फ्यूचर मोबिलिटी में ICONA सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मिली मान्यता हमारे डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, सततता और नीति आधारित अंतर्विषयी दृष्टिकोण की मजबूती को दर्शाती है। यह साझेदारी अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहभागिता के लिए सार्थक अवसर सृजित करेगी और छात्रों को विकसित हो रहे मोबिलिटी परिदृश्य में योगदान देने के लिए तैयार करेगी।”
इस सहयोग के माध्यम से UPES अपनी वैश्विक शैक्षणिक भागीदारी को और सुदृढ़ कर रहा है तथा उद्योग-संरेखित शिक्षण को मजबूती देते हुए परिवहन और मोबिलिटी के तेज़ी से बदलते क्षेत्र के लिए भविष्य-तैयार प्रतिभा के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।

CM धामी ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की की समीक्षा : अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा निर्देश 

0

 

सीएम धामी ने स्वरोजगार के हेतु अवसर तलाशते के विभागों को दिए निर्देश

उत्तराखंड सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि, पशुपालन, पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से लोगों को इन योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें।

उन्होने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने सेब की अति सघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय से प्राप्त किया जाए तथा किसानों को अधिकाधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहद उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ‘हनी मिशन’ के अंतर्गत शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है, जिनमें से 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से संबंधित हैं।

प्रथम चरण में 5000 से अधिक गांवों को आच्छादित कर लगभग डेढ़ लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया है । मिलेट्स फसलों की क्रय विक्रय हेतु 216 क्रय केंद्र खोले गए हैं, तथा सहकारिता विभाग के अंतर्गत 20 करोड रुपए का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 5000 मेट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5386 मेट्रिक टन मिलेट्स फसलों का क्रय किया गया है।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

इस अवसर पर बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री एस.एन. पाण्डेय, श्री वी. षणमुगम, श्री धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

Dehradun Sports: रोमांचक फाइनल में पावर पैंथर्स ने रचा इतिहास, नवी स्पोर्ट्स क्लब को 17 रनों से हराया

0
Dehradun Sports
देहरादून: बीते मंगलवार को ट्रियो कप 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। रोमांच, जोश और बेहतरीन खेल से सजे इस खिताबी मुकाबले में पावर पैंथर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नवी स्पोर्ट्स क्लब को 17 रनों से शिकस्त दी और टूर्नामेंट की पहली चैंपियन टीम बनने का गौरव अपने नाम किया।
यह टूर्नामेंट एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट क्रिकेट प्रतियोगिता था, जिसमें कुल 30 टीमों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि पावर पैंथर्स टीम एमडीडीए और यूपीसीएल की संयुक्त टीम थी, जिसमें अन्य विभागों से जुड़े खिलाड़ी भी शामिल रहे। ऐसे में यह जीत न केवल टीम के लिए, बल्कि उत्तराखंड के विभागीय खेल जगत के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।
पहले बल्लेबाज़ी में दमदार प्रदर्शन
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पावर पैंथर्स ने निर्धारित 25 ओवरों में 187 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से दीपक तोमर ने शानदार जुझारू पारी खेली, जबकि राजेश ने 41 रनों की अहम पारी निभाकर पारी को  संभाला। वहीं मनवीर पंवार ने महज़ 8 गेंदों पर 20 रन ठोककर टीम को तेज़ रफ्तार दी और स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए नवी स्पोर्ट्स क्लब का संघर्ष
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नवी स्पोर्ट्स क्लब की टीम ने भी पूरा दम लगाया। अर्चित अग्रवाल ने 46 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम की कोशिशें नाकाफी रहीं और पूरी टीम 23.2 ओवरों में 170 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
गेंदबाज़ों ने पलटा मैच
पावर पैंथर्स की जीत में गेंदबाज़ों का योगदान बेहद अहम रहा। अक्षय कुमार सिंह ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4.2 ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं किरन सिंह ने सूझबूझ भरी गेंदबाज़ी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर मुकाबले का रुख पूरी तरह पावर पैंथर्स के पक्ष में मोड़ दिया।
मैच के दौरान प्रवेश सेमवाल ने अपने अनोखे अंदाज़ में मंच संचालन कर माहौल को जीवंत बनाए रखा, जबकि अलंकार गौतम की रोचक और जोशीली कमेंट्री ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

ये लोग बने ऐतिहासिक पल के गवाह
फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में रणजीत मान, निलेश पाठक, सनी ठाकुर, अक्षय घरती, सुभाष रावत, दीक्षांत मिश्रा, आदित्य नेगी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
ट्रियो कप 2026 का यह आयोजन न सिर्फ रोमांचक क्रिकेट का गवाह बना, बल्कि विभागीय और कॉर्पोरेट खेलों को नई पहचान देने वाला साबित हुआ। पावर पैंथर्स की यह ऐतिहासिक जीत लंबे समय तक याद की जाएगी।

जिला प्रशासन का सख्त एक्शन:  दूषित जल पर पूरी तरह रोक, शोधन के बाद ही होगा प्रवाह

0

गंगा की पवित्रता से समझौता नहीं: डीएम ने चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण

*07 विभागों के वरिष्ठतम प्रतिष्ठान हो या आवासीय भवन, गंदा पानी गंगा में बहाया तो नहीं बख्शे जाएंगे,*

*गली-मोहल्लों में जाकर डीएम ने लिया जायजा, नाले-नालियों को तीन दिवस के भीतर सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश*

*नाले में दूषित जल प्रवाह करते 25 घरों के पाइप-ड्रेन्स नगर आयुक्त व जल संस्थान को आज ही सीज करने के निर्देशः*

*चन्द्रेश्वर नाले की सफाई व शोधन को लेकर डीएम की सख्ती, विस्तृत रिपोर्ट एवं कार्ययोजना की तलब,*

*गंगा संरक्षण को लेकर सभी विभाग एक मंच पर, जल्द बनेगी कार्ययोजना, रिपोर्ट होगी सार्वजनिक।*

*देहरादून।
ऋषिकेश स्थित चन्द्रेश्वर नाले से बिना उपचारित गंदे पानी एवं ठोस कचरे के गंगा नदी में प्रवाहित होने संबंधी प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने बुधवार को चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को नाले के समुचित उपचार हेतु विस्तृत रिपोर्ट एवं कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग तथा महाप्रबंधक, निर्माण वृत्त (गंगा), उत्तराखंड पेयजल निगम ने नाले का संपूर्ण नक्शा एवं प्रस्तावित एक्शन प्लान से अवगत कराया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन का यह सुनिश्चित प्रयास रहेगा कि किसी भी स्थिति में दूषित जल गंगा नदी में प्रवाहित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगा में मिलने वाले सभी नालों का जल स्वच्छ एवं उपचारित होना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने कहा कि 07 विभागों के वरिष्ठतम प्रतिष्ठान हो या आवासीय भवन, गंदा पानी गंगा में बहाया तो नहीं कोई भी नही बख्सा जाएगा। इस दौरान डीएम ने नाले में वेस्ट वाटर प्रवाह करते 25 घरों के पाइप-ड्रेन्स को आज ही सीज करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने इस समस्या को अत्यंत गंभीर मानते हुए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता वृद्धि हेतु शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए तथा बिना उपचारित गंदे पानी की रोकथाम के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखने हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रेषित की जाएगी, जिससे प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंगा को स्वच्छ रखा जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि नगर क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क अधिकांश क्षेत्रों को आच्छादित करता है, किंतु जहां सीवरेज कार्य प्रगति पर है अथवा प्रतिष्ठानों एवं आवासीय भवनों के कनेक्शन अभी सीवर लाइन से नहीं जुड़े हैं, वहां दूषित जल के उपचार हेतु प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरसेप्शन एवं ड्रेनेज प्लान के अंतर्गत एसटीपी विस्तार की योजना तैयार की जा रही है तथा जिन प्रतिष्ठानों अथवा आवासीय भवनों द्वारा बिना उपचारित जल सीधे प्रवाहित किया जा रहा है, उनके विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र के वार्ड-3 में गली मुहल्ले में पैदल चलकर आवासीय भवनों एवं प्रतिष्ठानों के सीवरेज और गलियों में बह रहे नालियों निरीक्षण करते हुए नालियों को सीवरेज से कनेक्ट कराने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त, उपजिलाधिकारी, सीवरेज अनुरक्षण इकाई, पेयजल निगम, जल संस्थान एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आपसी समन्वय से इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत इसे आम जनता के साथ भी साझा किया जाएगा।
सीवरेज अनुरक्षण इकाई के अधिकारियों ने अवगत कराया कि ऋषिकेश में 7.50 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आई एंड डी एवं एसटीपी, ढालवाला-मुनिकीरेती योजना के तहत निर्मित किया गया है। सीमित भूमि उपलब्धता के कारण यह एसटीपी बहुमंजिला स्वरूप में निर्मित किया गया है, जो देश का अपनी तरह का प्रथम एसटीपी है। यह एसटीपी अक्टूबर 2020 से अनुरक्षणाधीन है।

यह 7.50 एमएलडी एसटीपी तीन नालों के शोधन हेतु निर्मित है, जिनमें श्मशान घाट नाला एवं चन्द्रेश्वर नगर नाला प्रमुख हैं, जबकि ढालवाला नाले में सीवेज के साथ-साथ प्राकृतिक स्रोतों का जल भी अधिक मात्रा में आता है। वर्षा ऋतु के दौरान ढालवाला नाले में प्रवाह एसटीपी की क्षमता से अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में श्मशान घाट एवं चंद्रेश्वर नगर नाले का संपूर्ण सीवेज एसटीपी में उपच ारित किया जाता है, जबकि ढालवाला नाले के प्रवाह को क्षमता की सीमा तक ही एसटीपी में लिया जाता है।

मानसून काल एवं उसके पश्चात लगभग चार माह तक ढालवाला नाले में भूमिगत जल की मात्रा अधिक रहने के कारण जल की गुणवत्ता परीक्षण में प्रदूषण की मात्रा अत्यंत न्यून पाई जाती है। ढालवाला नाले के दोनों ओर ड्रोन सर्वे एवं परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक रूप से 502 परिवार चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 38 परिवारों का सीवर सीधे नाले में तथा 84 परिवारों का ग्रे-वाटर नाले में प्रवाहित हो रहा है। सर्वेक्षण की प्रक्रिया जारी है तथा सभी आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है। सीधे प्रवाहित हो रहे जल के नमूनों की जांच एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशाला से कराई जा रही है।

इस दौरान उप जिलाधिकारी ऋषिेकेश योगेश मेहरा, नगर आयुक्त राम कुमार बिनवाल, सीओ पुलिस पूर्णिमा गर्ग सहित अनुरक्षण इकाई, जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जन-जन के द्वार पहुँची सरकारः सुदूरवर्ती गांव चिल्हाड में प्रशासन ने सुनीं जन समस्याएं

0

चिल्हाड बहुउद्देशीय शिविरः 1041 से अधिक लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

*लाभ भी, समाधान भीः 596 निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,*

*शिविर में दर्ज 21 में से अधिकांश शिकायतें मौके पर निस्तारित,*

*मा. मुख्यमंत्री का संकल्प, ज़मीनी अमलः चिल्हाड जनसेवा शिविर से मिली जनता को राहत*

*देहरादून ।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत बुधवार को चकराता ब्लॉक की सुदूरवर्ती ग्राम चिल्हाड में उप जिलाधिकारी प्रेम लाल की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभागीय योजनाओं के माध्यम से 1041 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया।

एसडीएम ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से लोगों को शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया जा रहा है। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका प्राथमिकता पर निस्तारण करने का प्रयास हो रहा है। एसडीएम ने कहा कि शिविरों में लोगों के सभी जरूरी प्रमाण पत्र भी मौके पर निर्गत किए जा रहे हैं ताकि लोगों को तहसील एवं जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पडे।

चिल्हाड में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने 21 शिकायतें दर्ज कराई, इनमें से 06 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया है, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता पर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा प्रमुख रूप से सड़क, पेयजल, विद्युत, सिंचाई, अवैध खनन एवं अतिक्रमण से संबंधित समस्याएँ उठाई गईं। शिकायतों में लोक निर्माण विभाग की 08, राजस्व विभाग की 01, ग्राम विकास विभाग की 02, वन विभाग, जल संस्थान, शिक्षा, उद्यान, पशुपालन, राजस्व, कृषि, पीएमजीएसवाई, सिंचाई विभाग से संबंधित 01-01 शिकायत शामिल रही।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 551 तथा होम्योपैथिक में 45 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने 73 एवं उद्यान विभाग ने 23 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। पशुपालन विभाग द्वारा 253 पशु पालकों को पशुओं की निःशुल्क दवा वितरित की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन संबंधित 11 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। पंचायती राज विभाग द्वारा 28 किसान पेंशन, परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई। बाल विकास द्वारा 04 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी एवं किशोरी किट वितरित की गई। वन विभाग ने 11 तथा ग्राम्य विकास विभाग ने 24 लोगों को लाभान्वित किया।

शिविर में कनिष्ठ प्रमुख सुलोचना रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य हृदय सिंह पंवार, ग्राम प्रधान चिल्हाड सर्वानंद विजल्वाण, नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा, विभागों के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

Action: डीएम का औचक निरीक्षण, सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में गंभीर अनियमितताओं पर ‌कड़ा एक्शन तय

0

 

सब रजिस्ट्रार के बगैर ही अवैधानिक रूप से लिपिक द्वारा किया जा रहा विलेखों का निबंधन

डीएम ने पूछा आपको सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान नही तो स्टाम्प शुल्क कैसे किया पास; बगले झांकते नजर आयी निबंधक लिपिक

करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई उजागर औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद;

उपस्थित फरियादियों ने सुनाई आपबीती, कई पीड़ितों ने दिए बयान

कई महीनों लम्बित मूल अभिलेख आवेदकों को नहीं किया गया वापिस,

वापिस करने की अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में खा रहे थे धूल

मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में हजारो आमजन को कर रहे परेशान

अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित

निरीक्षण दौरान कार्यालय में मिला घोस्ट कार्मिक, न कोई नियुक्ति पत्र न उपस्थिति पंजिका में नाम, डीएम ने तलब किया कार्मिकों का रिकार्ड

डीएम ने जब्त करवाया कम्प्यूटर; लम्बित मूल अभिलेख; कूटरचित विलेख

देहरादून ।जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं गंभीर अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने पूछा कि आपके सम्पति मूल्य आंकलन 47-ए का कोई ज्ञान नही तो स्टाम्प शुल्क कैसे किया तय, किसने तुम्हे निबंधक के बदले अधिकार दिए इस पर अपराधिक कार्यवाही की जाएगी।
डीएम का औचक निरीक्षण, सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई जिस पर कड़ा एक्शन तय है। सब रजिस्ट्रार के बगैर ही अवैधानिक रूप से लिपिक द्वारा विलेखों का निबंधन किया जाना पाया गया। औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीय बरामद हुई जिससे करोड़ो की स्टाम्प चोरी भी संभावना है जिस पर विस्तृत आख्या शीघ्र मांगी गई। कई महीनों से लम्बित मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नहीं किया गया, मूल विलेख पत्र अलमारी में धूल खा रहे थे। वापिस करने की अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अमलमारी में धूल खाते मिले। लम्बित मूल अभिलेख; कूटरचित विलेख पर डीएम ने कम्प्यूटर जब्त करवया तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया। मूल अभिलेख लौटाने रजिस्ट्री की नकल देने को हजारो आमजन परेशान हो रहे थे। रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से लम्बित मिली। निरीक्षण दौरान कार्यालय में मिला घोस्ट कार्मिक, जिसका न कोई नियुक्ति पत्र न उपस्थिति पंजिका में नाम था इस जिपर जिलाधिकारी ने कार्मिकों का रिकार्ड तलब कर दिया है। वहीं उपस्थित फरियादियों ने अपनी आपबीती प्रशासन को सुनाई जिस पर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी नेे निरीक्षण में पाया कि कार्यालय में 6 माह से अधिक अवधि के विलेख पत्र लंबित थे। औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित खसरा नंबर एवं सूची की जानकारी पूछे जाने पर उपस्थित कार्मिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। विलेखों की प्रतिलिपि समय पर संबंधित क्रेताओं को उपलब्ध न कराए जाने तथा इस संबंध में मुख्यालय को सूचना प्रेषित किए जाने का कोई रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
उप निबंधक कार्यालय में घोस्ट कार्मिक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त कार्मिकों का विवरण तत्काल तलब किया। कार्यालय में पुराना डेटाबेस संचालित पाया गया, जिस पर संबंधित कार्मिक कोई ठोस व तार्किक कारण नहीं बता सके। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में रजिस्ट्री की जा रही थी। बताया गया कि सब रजिस्ट्रार देहरादून मीटिंग में हैं, जबकि रजिस्ट्री केवल निबंधन लिपिक की उपस्थिति में की जा रही थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी द्वारा पुराने विलेख पत्र जप्त किए गए तथा कार्मिक उपस्थिति रजिस्टर भी तलब किया गया।
कार्यालय में रजिस्ट्री की नकल उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्री शुल्क लेने के लिए पृथक व्यवस्था नहीं पाई गई तथा समस्त भुगतान एक ही काउंटर पर लिए जा रहे थे, जो प्रक्रियात्मक त्रुटि को दर्शाता है। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कार्यालय के प्रातः 9ः30 बजे खुलने के बावजूद पहली रजिस्ट्री प्रातः 11ः15 बजे की गई। इस विलंब के संबंध में पूछे जाने पर भी उपस्थित कार्मिक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
जिलाधिकारी ने सभी अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने, रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराने तथा दोषी कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, तहसीलदार चमन सिंह आदि उपस्थित रहे।
—0—
कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।