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सूचना: जनसेवाओं का होगा संगम, CDO की अध्यक्षता में 29 जनवरी को ग्राम कोटी में बहुउद्देशीय शिविर

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सूचना: जनसेवाओं का होगा संगम, CDO की अध्यक्षता में 29 जनवरी को ग्राम कोटी में बहुउद्देशीय शिविर

*एक छत, कई सेवाएंः शिविर में बनेंगे आयुष्मान से श्रमिक कार्ड तक*

*शिविर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि विरतण व नेत्र परीक्षण, चश्में भी मिलेंगे।*

*आय, जाति, चरित्र, निवास प्रमाण पत्र व पेंशन मामलों का होगा त्वरित निस्तारण*

*देहरादून ।
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में 29 जनवरी, 2026 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5ः00 बजे तक विकासखंड कालसी स्थित ग्राम पंचायत कोटी ग्राउंड में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किए जा रहे है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।

बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।

ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।

लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।

बड़ी कार्यवाही: महंगे फोन का शौक पड़ा युवकों को भारी :  पहुंचाया सलाखों के पीछे

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पटेलनगर क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा

*घटना को अंजाम देने वाले 03 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार*

*अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किये गये 02 मोबाइल फोन हुए बरामद*

महंगे मोबाइल के शौक को पूरा करने के लिए अभियुक्तों द्वारा दिया गया था घटना को अंजाम

कोतवाली पटेलनगर।

दिनांक 27/01/2026 वादी सौरभ गोयल पुत्र अशोक गोयल निवासी 94 प्रिय लोक काँलोनी, फेस – 01, पटेलनगर, देहरादून द्वारा कोतवाली पटेलनगर पर लिखित तहरीर दी कि अभियुक्त आशु व अन्य के द्वारा उनकी दुकान से मोबाईल फोन चोरी किये गये हैं। तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर पर मु0अ0सं0-35/2026 धारा 303(2)/351(2)/352 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना के अनावरण तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली पटेलनगर पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये, जिसके अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा सुरागरसी/ पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा दिनांक – 27/01/2026 को मुखबिर की सूचना पर घटना को अंजाम देने वाले 03 अभियुक्तों 1-आशु कुमार 2-केशव डबराल तथा 3-सुधांशु बडोनी को हरभजवाला स्थित खाली प्लॉट से गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से वादी की दुकान से चोरी किये गये अलग-अलग कम्पनियों के 02 मोबाइल फोन बरामद किये गये। पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उन्हें महंगे फोन रखने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिये उनके द्वारा उक्त चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*

1- आशु कुमार पुत्र महिपाल सिंह निवासी ग्राम कादपुर, तहसील बेहट, थाना बेहट, जिला सहारनपुर, उ0प्र0 हाल पता सरस्वती विहार माता मन्दिर रोड, देहरादून, उम्र- 22 वर्ष

2- केशव डबराल पुत्र रमेश डबराल निवासी अजबपुर माता मन्दिर रोड, देहरादून, उम्र 21 वर्ष

3-सुधान्शु बडोनी पुत्र स्व0 अजय बडोनी निवासी आमवाला तरला नालापानी, देहरादून, उम्र 21 वर्ष

*बरामदगी:-*

1- आई फोन 15 Pro मैक्स रंग सिल्वर कलर
2- आई फोन 16 Pro रंग गोल्डन

*पुलिस टीम :-*

1- अ0उ0नि0 महेन्द्र सिंह राणा
2- हे0का0 हरेन्द्र पवाँर
3- का0 गौरव कुमार
4- का0 दिपेन्द्र नौटियाल
5- का0 विनोद राणा

 

पुलिस कार्रवाई: अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की 02 घटनाओं का दून पुलिस ने 24 घंटे के अन्दर किया खुलासा 

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घटना को अंजाम देने वाले 02 अभियुक्तों को अलग-अलग थाना क्षेत्रो से पुलिस ने किया गिरफ्तार*

*अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी की गई 02 बैट्रियां तथा लगभग 20 हजार रू0 मूल्य की कापर वायर हुई बरामद।*

*घटना में प्रयुक्त वाहन को पुलिस ने किया सीज।*

*गिरफ्तार दोनो अभियुक्त नशे के छवि आदी, नशे की पूर्ति के लिए दिया था चोरी की घटनाओ को अंजाम।*

*01: कोतवाली ऋषिकेश*

दिनांक 26/01/2026 को वादी सुखमनप्रीत सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी चन्द्रभागा ऋषिकेश देहरादून द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर लिखित तहरीर दी गई कि अज्ञात चोरों द्वारा नगर निगम की पार्किंग में खडे उनके वाहन टाटा इन्ट्रा संख्या: यू0के0-07- सीडी-7294 की बैट्री चोरी कर ली गई है। तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश पर तत्काल मु0अ0स0 43/26 धारा 305(बी) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना के अनावरण तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये, जिसके अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक: 26-01-26 को मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान घटना में शामिल अभियुक्त अभिषेक कल्याण को ट्रांजिट कैंप के पीछे वाले गेट से पास से घटना में चोरी की गयी 02 बैट्ररियों व घटना मे प्रयुक्त एक्टिवा वाहन संख्या यू0के0-14-जे-9628 के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वो लोकल एरिया में ड्राइवर का कार्य करता है, जिस कारण उसे आस-पास के क्षेत्रों में खडे वाहनों के सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी रहती थी। अपने नशे तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये अभियुक्त द्वारा उक्त बैट्री चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त*

अभिषेक कल्याण पुत्र श्री गोविंद कल्याण निवासी गली नंबर 2 बापू ग्राम नियर पंचायत घर कोतवाली ऋषिकेश, जनपद देहरादून, (उम्र 32 वर्ष)

*बरामदगी:*
(1) घटना में चोरी की गई 02 अदद बैट्री
(2) घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन संख्या: यू0के0-14-जे-9628 होंडा कंपनी।

*02: कोतवाली विकासनगर*

दिनांक: 26/01/2026 को रविन्द्र सिंह सेक्यूरिटी सुपरवायजर सोलर प्लांट ढकरानी द्वारा ढकरानी स्थित सोलर प्लांट से कॉपर वायर चोरी करने की दी गयी लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली विकासनगर पर मु0अ0सं0- 21/2026 धारा 303(2)बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरूस्प चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर दिनांक: 26/1/2026 की रात्रि अभियुक्त फयाज पुत्र श्री स्व० श्री अहमद अली निवासी ढकरानी कोतवाली विकासनगर जिला देहरादून उम्र 27 वर्ष को मय चोरी के माल के साथ विकासनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वो नशे आदी है तथा अपनी नशे की आवश्यकता की पूर्ति के लिये उसके द्वारा उक्त चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। अभियुक्त उक्त चोरी की गई कापर वायर को स्थानीय कबाडियों को बेचने की फिराक में था, इससे पूर्व ही पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:*

फयाज पुत्र स्व० अहमद अली निवासी ढकरानी, कोतवाली विकासनगर, जिला देहरादून, उम्र 27 वर्ष

*बरामदगी:-*

कॉपर की वायर के टुकडे (अनुमानित मूल्य 20 हजार रुपये)

चौहान ने चिन्यालीसौड़ में विशाल जनसभा को किया संबोधित:  कहा यमुनोत्री को जिला और श्रेष्ठ विस बनाना  लक्ष्य

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जन संवाद मे वक्ताओं ने कहा कि चौहान की अगुवाई मे बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

सीएम पीआरओ रहते चौहान के कार्य किसी भी विधायक पर भारी: विद्वान

चिन्यालीसौड़,27 जनवरी। यमुनोत्री विधानसभा के चिन्यालीसौड़ पीपलमंडी बड़ेथी हाईवे पर आयोजित विशाल जन संवाद कार्यक्रम मे भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम संकल्प लेने का है जिसमें पहले हमें विचार करना है कि कैसे यमुनोत्री विधानसभा आदर्श विधानसभा बनेगी और उसके लिए हमें कैसा प्रत्याशी चाहिए। यदि जनता का आशीर्वाद उन्हे मिलता है तो मैं खुले मंच से संकल्प ले कर कहता हू कि यमुनोत्री को प्रदेश ही नहीं भारत के सबसे मजबूत विधानसभा क्षेत्र के रूप मे करेगी। चौहान ने कहा कि अपने भ्रमण के दौरान विधानसभा में जो समस्या देखी उनमें से उनमे बहुत सी समस्याओं का समाधान किया है। वह समस्याओं के समाधान की दिशा मे प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने कहा कि
2007 से वह जनता के बीच में रहे, लेकिन परिवारिक कारणों से कुछ समय जनता को समय नहीं दे पाये। लेकिन वह कुछ मुद्दों पर सदैव प्रयासरत रहेंगे। इसमें यमुनोत्री को जिला बनवाना हमारा प्रथम लक्ष्य एवं मेरा संकल्प है। यमुनोत्री क्षेत्र सहित पूरे क्षेत्र को ST समुदाय घोषित करने, बड़कोट और चिन्याली में उपजिले स्तर के हॉस्पिटल का निर्माण, क़ृषि और हॉल्टिकल्चर से सम्बंधित यूनिवर्सिटी के ब्रांच या कोर्सेज शुरू करने, बड़कोट और चिन्याली मे पीजी कॉलेज, होटल मैनेजमेंट कालेज, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोडवेज की बसें बढाने, नर्सिंग कॉलेज, बीएड कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के अधिकाधिक पर्यटन से जोड़ने का प्रयास उनकी प्राथमिकताओं मे है। नागटिब्बा और पाँचवा धाम सेम मुख़ेम को जोगत से सड़क मार्ग द्वारा सीधा जोड़ने के लिए वह प्रयासरत हैं। इससे डिचली गामरी पट्टी को पर्यटन एवं तीर्थाटन से जुड़ सके । मुख्य कसबों जैसे बनचौड़ा, ब्रह्मखाल, राजगढ़ी गंगटाड़ी में गेस्ट चिन्याली या ब्रह्मखाल में केंद्रीय विद्यालय खुलवाने का प्रयास,बड़कोट, चिन्याली डिग्री कॉलेज में IT लैब एवं डिजिटल बोर्ड की व्यवस्था अतिशीघ्र करने का प्रयास है।

चौहान ने कहा कि पहले सेना भर्ती मेला लगता था कुछ सालों से बंद है पुनः शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। खेती बागवानी को मजबूत करने के लिए यहां की विद्यालयों में कोर्स चलाने की और काम किया जाएगा सहित तमाम समस्याओं के लिए प्रयास का विश्वास दिलाया।

इससे पूर्व यमुनोत्री विधानसभा में 2027 में विधानसभा के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान द्वारा किया गया।
जन संवाद कार्यक्रम में जनता से संवाद करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ स्वराज विद्वान ने कहा 2012 में यमुनोत्री विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्टी कार्यकर्ताओं की मनवीर सिंह चौहान के लिए तैयार थी, लेकिन टिकिट भंडारी को मिला। मनवीर सिंह चौहान ने पूरी तब भी पार्टी प्रत्याशी के लिए निष्ठा से काम किया। 2017 में भी तैयारी थी, 2022 में भी पूरा जन मत मनवीर सिंह चौहान को चाह रहा था लेकिन पार्टी से तीन तीन बार तैयारी के बाद भी टिकिट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ओएसडी रहते हुए जितने काम मनवीर सिंह चौहान ने किए उतना कोई विधायक भी आज तक नहीं कर पाए। यदि मनवीर सिंह चौहान को को पार्टी टिकिट देती है तो यमुनोत्री विधानसभा से जनता भाजपा विधायक बनाएगी।

जन संवाद मंच का मुख्य उद्देश्य चौहान की अगुवाई मे यमुनोत्री क्षेत्र के विकास पर जन संवाद रहा। वक्ताओं ने कहा कि चौहान क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं। इसके अलावा पार्टी को अंतिम छोर तक मजबूती प्रदान करना,साथ ही उत्तराखंड विधान सभा 2027 में 70 से अधिक सीटें प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख चिन्यालीसौड़ रणवीर महंत, डुंडा राजदीप परमार,थौलधार सुरेंद्र सिंह भंडारी, जिला महामंत्री फर्सुरम जगुरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र रावत,शैलेंद्र कोहली,जोत सिंह बिष्ट, गोपाल रावत, संचालन अमित सकलानी,पूर्व पालिका अध्यक्ष अतोल रावत,पूनम रमोला मंडल अध्यक्ष मनीष कुकरेती ,लक्ष्मण सिंह चौहान पूर्ण सिंह बिष्ट चैन सिंह महर खीमानंद बिजलवान, चंडी प्रसाद बेलवाल, संगीता सेमवाल,डॉ हर्ष अग्निहोत्री,बीरेंद्र सिंह पयाल शीश पाल रमोला,गिरीश भट्ट , आलेंदर भंडारी सहित हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनता व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उच्च शिक्षा विभाग को मिले 10 और प्रयोगशाला सहायक: मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सौंपे नियुक्ति पत्र

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शिक्षा विभाग को विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों को ‌ मिले10 और प्रयोगशाला सहायक

उच्च शिक्षा विभाग को मिले 10 और प्रयोगशाला सहायक, विभागीय मंत्री ने वितरित किये नियुक्ति पत्र,नव चयनित अभ्यर्थियों को दी बधाई व शुभकामनाएं

देहरादून। आज राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित प्रयोगशाला सहायकों को विभागीय मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज नियुक्ति पत्र वितरित किये। उच्च शिक्षा विभाग को विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों के 10 और प्रयोगशाला सहायक मिल गये हैं।

इस अवसर पर डॉ रावत ने सभी नव नियुक्त प्रयोगशाला सहायकों को बधाई व शुभकामनाएं दी, साथ ही उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से विभागीय कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करने की उम्मीद जताई।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रयोगशाला सहायक पद पर प्रतीक्षा सूची से चयनित 10 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। जिसमें भौतिक विज्ञान विषय में 01, जन्तु विज्ञान में 3, वनस्पति विज्ञान 4 तथा भूगोल में 2 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इन सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र के महाविद्यालयों में प्रथम तैनाती दी गई है। जिसमें भौतिक विज्ञान विषय में राकेश चन्द्र बिनवाल को द्वाराहाट महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है। इसी प्रकार जन्तु विज्ञान में विमला मौनी को द्वाराहाट महाविद्यालय, पूजा को कर्णप्रयाग महाविद्यालय एवं रोहन कौशिक को गैरसैण महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान में शिवानी को कर्णप्रयाग महाविद्यालय, हरिओम को सतपुली महाविद्यालय, पुलकित प्रताप को द्वाराहाट महाविद्यालय तथा कुलदीप सिंह चौहान को थत्यूड़ महाविद्यालय में तैनाती दी गई है। जबकि भूगोल विषय में प्रयोगशाल सहायक पद पर चयनित महादेव नौटियाल को नैनीडांडा महाविद्यालय तथा हरीश चन्द्र जोशी को काण्डा महाविद्यालय में प्रथम तैनाती दी गई है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी, साथ ही उम्मीद जताई वह अपने विभागीय कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करेंगे। डॉ रावत ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति से विभिन्न विषयों में प्रायोगात्मक कक्षाओं का सुचारू संचालन होगा। छात्र-छात्राओं को प्रयोगशाला में विभिन्न प्रायोगिक कार्यों की सुविधा मिलेगी। जिससे उनमें अपने विषय की गहरी समझ, कौशल विकास और वास्तविक समस्याओं को हल करने की क्षमता में बढ़ेगी।

इस अवसर पर विधायक जागेश्वर मोहन सिंह महरा, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए. एस. उनियाल, सहित अन्य विभागीय अधिकारी व नव नियुक्त प्रयोगशाला सहायक व उनके परिजन उपस्थित रहे!

 

जन्म से ट्रांसजेंडर बच्चों का मुख्यधारा में होगा समावेश: डा० गीता खन्ना,

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उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जन्म से ट्रांसजेंडर एंव ट्रांसजेंडर पहचान के साथ रह रहे बच्चों को मुख्यधारा में समावेशन हेतु डा० गीता खन्ना, मा० अध्यक्ष
देहरादून/कोटद्वार।उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा दिनांक 27.01.2026 को जन्म से ट्रांसजेंडर एंव ट्रांसजेंडर पहचान के साथ रह रहे बच्चों को मुख्यधारा में समावेशन हेतु डा० गीता खन्ना, मा० अध्यक्ष महोदया की अध्यक्षता में आई०सी०डी०एस० सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य ट्रांसजेंडर बच्चों के संरक्षण, समावेशन एवं समग्र विकास में आ रही चुनौतियों हेतु सम्बन्धित विभागों के मध्य समन्वित रणनीति, नीतियों एवं कार्य प्रणालियों पर विचार विमर्श करने के सम्बन्ध में समाज सेवी संस्थान, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला कल्याण विभाग, गृह विभाग / पुलिस, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि को बैठक में आमंत्रित किया गया था।कार्यकम में डा० शिव कुमार बरनवाल, सचिव, उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, डा० सतीश कुमार सिंह, अनुसचिव, उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग, श्रीमती नमिता ममगाई, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, श्रीमती हेमलता पाण्डेय, उप निदेशक, समाज कल्याण विभाग, श्री नितिश भदोला, लिगल ऐड डिफेंस काउंसिल, डालसा, देहरादून, ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि ओशीन, वॉयस आफ वॉरियर फाउडेशन व अदिति, सेतु संस्था फाउडेशन, आदि उपस्थित रहें। एम्स ऋषिकेश से डा० सत्यावरी, डा० प्रज्ञा, एण्डोक्राईनोलॅजिस्ट, व डा० इनोनो योशु, बाल रोग विशेषज्ञ ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
बैठक में मा० अध्यक्ष महोदया द्वारा कहा गया कि जन्म से ट्रांसजेंडर एंव ट्रांसजेंडर पहचान के साथ रह रहे बच्चों को समाज की बहुत सी कुरितियां/ तंज का सामना करना पडता है। किन्तु हमें निर्धारित करना होगा कि ऐसे बच्चों को जो जन्म से ही मानसिक यातना से जूझ रहे है, उन्हें बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधायें, सुरक्षित परिवेश तथा अर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। वर्तमान में राज्य में ट्रांसजेंडर बच्चों को लेकर उनके पहचान एवं दस्तावेजीकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच, पारिवारिक अस्वीकार्यता, परित्याग एंव संस्थागत देखभाल, सामाजिक भेदभाव, उत्पीडन एवं हिंसा एक महत्वपूर्ण चुनौती है।ट्रांसजेंडर समाज के उपस्थित प्रतिनिधि ओशीन व अदिति द्वारा अवगत कराया गया कि उनके समक्ष समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य व परिवारिक समावेश मिल पाना एक अहम चुनौती है। उनका अपने, समाज में गुरू चेले का माहौल मिलता है, किन्तु सामाजिक परिवेश के लोग उन्हें वह सम्मान नहीं प्राप्त हो पा रहा है, जिसके वे अधिकारी है। यहां तक कि सरकार की ओर से वर्ष 2019 में ट्रांसजेंडर अधिनियम आ जाने के बावजूद भी शिक्षण संस्थानों में आईडी कार्ड में ट्रांसजेंडर का विकल्प उपलब्ध नही है, उन्हें महिला/पुरुष में ही नामांकन करने को विवश किया जाता है। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि समाज में रहने हेतु आम तौर पर बनने वाले पहचान पत्र आदि बनाने में भी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।समाज कल्याण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में ट्रांसजेंडरों का पहचान पत्र आदि बनाने में ट्रांसजेंडर की ओर से भी दिक्कत आती है। सभी ट्रांसजेंडर अपनी पहचान
समाज के सामने खोलने में हिचकिचाते है। प्रदेश में लगभग 1000 ट्रांसजेंडर होगें जिसमें से केवल 76 का नामांकन करते हुये प्रमाणित किये जाने की कार्यवाही पिछले छः वर्षों में हो पायी है, जो कि औसत से काफी कम है। ट्रांसजेण्डर समुदाय को सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु स्वयं भी रजिस्टर कराने की अपेक्षा की गई, जिसके लिये पारिवारिक व व्यक्तिगत परामर्श / काउन्सलिंग की आवश्यकता है। समाज कल्याण विभाग के द्वारा यह भी बताया गया कि ट्रांसजेंडर बच्चों हेतु 09वीं व 10वीं कक्षा हेतु रू 13500/- प्रतिवर्ष छात्रवृति दी जा रही है, किन्तु आजतक किसी ने भी इसका लाभ नहीं लिया है।बाल कल्याण समिति द्वारा अवगत कराया गया कि ट्रांसजेंडर व्यस्कों के लिये अन्य राज्यों में गरिमा गृह बनाये गये है, किन्तु उत्तराखण्ड राज्य मे ट्रांसजेण्डर बच्चों के लिये कोई उपयुक्त स्थान / गृह उपलब्ध नहीं है। मा० अध्यक्ष के द्वारा निर्देशित किया गया कि बाल विकास विभाग व समाज कल्याण विभाग, बाल कल्याण समिति की देखरेख में फिट फैसिलिटि का निर्माण करें, दुर्भाग्यवश राज्य में वयस्कों हेतु भी गरिमा गृह नहीं है।
एम्स, ऋषिकेश से डाक्टरों के द्वारा जानकारी दी गयी कि एम्स में ट्रांसजेण्डर, बच्चों / अभिभावकों की काउन्सलिंग के साथ-साथ हार्मोन थैरेपी व सर्जरी की जा रही है। संस्था के द्वारा ट्रांसजेण्डर प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करते हुए पृथक ट्रांसजेण्डर क्लीनिक भी स्थापित किया जा रहा है, जो कि एक सराहनीय प्रयास है।
शिक्षा विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि यू-डाईस पोर्टल में केवल 03 ट्रांसजेंडर बच्चे ही नामांकित हुये है। समाज में जानकारी का अभाव होने के कारण विद्यालयों के यू-डाईस पोर्टल पर नामांकन नहीं किया जा रहा है व परिजन व सामाजिक व्यवस्था इस सम्बन्ध में ट्रांसजेण्डर बच्चों के हित में अभी भी असंवेदनशील बना हुआ है।DLSA के लिगल ऐड डिफेंस काउंसिल द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2014 में नालसा वर्सिज यूनियन ऑफ इण्डिया में मा० उच्चतम न्यायालय की रूलिंग में थर्ड जेंडर को मूल अधिकार में सम्मिलित किया गया था तथा वर्ष 2019 में जब Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 लागू किया गया था, जिसमें ट्रांसजेंडर को परिभाषित किया गया है तथा उनके अधिकारों को संरक्षित किया गया है। परन्तु इसके प्रचार-प्रसार / जागरूकता की कमी है। जबकि उडीसा व आंध्रप्रदेश में ट्रांसजेंडर बच्चों में पारिवारिक समावेश हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनका पारिवारिक तंत्र में ही संरक्षित जीवन यापन की सुविधा मिल रही है जो कि मुख्यधारा में ट्रांसजेंडर बच्चों के संवेदीकरण वातावरण हेतु अतिउत्तम हो रहा है। जिसे उत्तराखण्ड में भी लागू किया जाना आवश्यक है।मा० अध्यक्ष महोदया द्वारा बैठक में सभी विभागों को सुनने के पश्चात महिला सशक्तिकरण एंव बाल विकास विभाग से समन्वय स्थापित करते हुये ट्रांसजेंडर बच्चों हेतु दिशा-निर्देश तैयार किये जाने हेतु उच्च स्तरीय बैठक आयोजित किये जाने हेतु कहा गया।

 

प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”:  उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में रहेगा अंकित: सीएम धामी 

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यूसीसी की घोषणा से लेकर प्रभावी क्रियान्वयन तक गौरव की अनुभूति – सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने किया यूसीसी में योगदान देने वाले अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है।

*सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति महोदया को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।

*महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत*
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।

*समानता से समरसता का प्रयास*
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।

*सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया*
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है।

*विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही राज्यपाल महोदय की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।

*देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले*
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का ‘मूल निवासी’ नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।

*बहु विवाह पर होगी सख्ती*
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, श्री सुरेश गड़िया, श्री बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, डीजीपी श्री दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

Big Announcement: गणतंत्र दिवस पर चेयरमैन डॉ कमल घनशाला की घोषणा , जरूरतमंदों को मुफ्त शिक्षा 

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ग्राफिक एरा में जरूरतमंदों को मिलेगी मुफ्त इंजी. डिप्लोमा व एचएम ट्रेनिंग

देहरादून। ग्राफिक एरा ने उत्तराखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स और होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग कराने की घोषणा की है। गणतंत्र दिवस परेड में ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने यह घोषणा की।

ग्राफिक एराडीम्ड यूनिवर्सिटी में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने और एनसीसी व एनएसएस की परेड की सलामी लेने के बाद डॉ कमल घनशाला समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई और उत्तराखंड की कुर्बानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 1947 तक भारत को विश्व में सबसे अग्रणी बनाने का प्रधानमंत्री कासपना साकार करने के लिए हमें निर्माण क्षेत्र में सबसे आगे आना होगा। इस दिशा में सतत शोध करने, नये शोधों को व्यवसायिक उपयोग में लाने का आह्वान करते हुए डॉ घनशाला ने कहा कि देश को सर्विस सेक्टर की तरह मैन्युफैक्चरिंगऔर कृषि आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी सबसे आगे लाने के लिए कार्य करने हैं।
डॉ घनशाला ने कहा कि उत्तराखंड के काफी युवाकिसी ट्रेनिंग के बगैर होटल उद्योग में जाते हैं इसलिए उन्हें आगे बढ़ने के लिए नीचे से शुरुआत करनी पड़ती है। ग्राफिक एरा ने ऐसे युवाओं को ट्रेनिंग देकर उनका भविष्य संवारने और उन्हें आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके लिए उत्तराखंड के गरीब परिवारों के युवाओं को देहरादून और हल्द्वानी में निशुल्क होटल मैनेजमेंट का एक वर्ष का कोर्स कराया जायेगा। इसमें इंडस्ट्री की ट्रेनिंग भी होगी। इसके साथ ही गरीब परिवारों के बच्चों को देहरादून और भीमताल में

यूनिवर्सिटी नि:शुल्क इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स करायेगी। इसका लाभ उठाकर वे बच्चे आगे बढ़ेंगे जो आर्थिक कारणों से उच्च स्तरीय तकनीकी व प्रोफेशनल शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बेहतरीन परेड के लिए एनसीसी और एनएसएसकी टुकड़ियों को दो लाख पचास हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की।

इससे पहले कुलपति डॉ नरपिंदर सिंह ने भारतीय संविधान की विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूरी क्षमता से कार्य करने का आह्वान किया। संचालन डॉ एम पी सिंह ने किया।

चार धामों में प्रवेश को लेकर बयान राज्य के मूलभूत प्रश्नों से ध्यान भटकाने का हथकंडा:— गणेश गोदियाल 

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उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हरिद्वार के गंगा घाटों पर ‘गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित’ के बोर्ड लगाए जाने और अब बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े बयान, जिसमें चार धामों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की बात कही जा रही है, उस पर राज्य सरकार को घेरा।
गोदयाल ने कहा कि यह पूर्ण रूप से धामी सरकार का प्रदेश के मूलभूत प्रश्नों से ध्यान भटकाने का एक हथकंडा मात्र है। गोदियाल ने पूछा कि आज गांव के गांव खाली हो रहे हैं, भारी संख्या में पलायन हो रहा है, बेरोजगारी चरम पर है, महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जंगली जानवरों का आतंक है, राज्य में भर्ती घोटाले हो रहे हैं इन सभी सवालों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए धामी सरकार हर बार की तरह इस बार भी तुष्टिकरण का रास्ता अपना रही है।

गोदियाल ने कहा कि यह सोच न केवल चिंताजनक है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के भी खिलाफ है। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान कभी भी संकीर्णता या भेदभाव नहीं रही है। यह भूमि आस्था, सह-अस्तित्व और समावेशिता की रही है, न कि नफरत और विभाजन की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा और व्यवस्थाएं आवश्यक हैं, लेकिन उनके नाम पर समाज को बांटने की राजनीति स्वीकार्य नहीं हो सकती। ऐसे बयान प्रदेश में आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।
गोदियाल ने कहा की उत्तराखंड में सत्ता के शीर्ष पर बैठे हुए कुछ लोग, संवैधानिक पदों पर बैठे हुए लोग और अधिकारी वर्ग में बड़ी संख्या गैर हिंदुओं की है क्या सरकार के यह निर्देश उन पर भी लागू होंगे?
गोदियाल ने यह भी कहा कि यदि धामी सरकार को लगता है की हमारे धार्मिक स्थलों की मर्यादा भंग हो रही है तो वह उदाहरण के साथ बताएं की कब भंग हुई और किसने की, सिर्फ हवा में महल बनाने की कोशिश ना की जाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि राज्य सरकार प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने से नहीं रोक पा रही है, धार्मिक स्थलों की मर्यादा भंग होने से नहीं रोक पा रही है तो फिर उसे सत्ता पर काबिज रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के इस फैसले से न सिर्फ राज्य के राजस्व का बड़ा नुकसान होगा बल्कि धार्मिक पर्यटन से रोजी रोटी कमाने वालों के पेट पर लात पड़ेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चार धाम केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक लाखों स्थानीय लोगों की आजीविका का साधन हैं। भाजपा सरकार की मौन सहमति या ऐसे बयानों को बढ़ावा देने से प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय छवि को गंभीर क्षति पहुंचेगी।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि यह सब एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तहत किया जा रहा है, ताकि बेरोज़गारी, पलायन, महंगाई और विकास जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करे और देवभूमि उत्तराखंड की सौहार्दपूर्ण, संवैधानिक और पर्यटन-अनुकूल पहचान को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कदम से स्वयं को अलग करे।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह उत्तराखंड में नफरत नहीं, एकता, विकास और सामाजिक समरसता की राजनीति के लिए प्रतिबद्ध है।

 

गरिमा मेहरा दसौनी

 सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने गणतंत्र दिवस के  अवसर पर सूचना भवन परिसर में फहराया राष्ट्रीय धज

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महानिदेशक ने सूचना कर्मियों को दिलाई संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ

लोकतंत्र के महापर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा, एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई

देहरादून। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा, एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।

ध्वजारोहण के उपरांत अपने संबोधन में महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधानिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराया है, जिनका ईमानदारी से पालन करना प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से लोकसेवकों की जिम्मेदारी है।

महानिदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें तथा संविधान की भावना के अनुरूप राज्य और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दें।
इस अवसर पर सूचना विभाग के अपर निदेशक आशिष त्रिपाठी, उपनिदेशक रवि बिजारनिया, सहायक निदेशक अर्चना सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।