देहरादून। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इस राष्ट्रीय पर्व को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शनिवार को विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया तथा तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि परेड ग्राउंड में प्रवेश की अलग अलग व्यवस्थाएं की गई है। गेट संख्या-1 से मुख्य मंच, गंगा एवं अलकनंदा ब्लॉक के पास धारकों का प्रवेश होगा। गेट संख्या-2 से भागीरथी ब्लॉक के पास धारकों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। गेट संख्या-3 से परेड दल एवं झांकियों का प्रवेश होगा। गेट संख्या-4 से आसन, टौंस एवं यमुना ब्लॉक के पासधारकों एवं दर्शकों के लिए प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
गंगा ब्लॉक में माननीय मुख्यमंत्री के अतिथिगण, माननीय विधायकगण, माननीय दायित्वधारीगण एवं उनके परिवारजन के लिए आरक्षित किया गया है। अलकनंदा ब्लॉक माननीय न्यायमूर्ति, न्यायिक अधिकारीगण, माननीय आयोग अध्यक्षगण, अधिकारीगण एवं उनके परिजनों के लिए आरक्षित रहेगा। भागीरथी ब्लॉक में सैन्य अधिकारी एवं उनके परिवारजन बैठेंगे। यमुना ब्लॉक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राज्य आंदोलनकारी एवं उनके परिजनों के लिए व्यवस्था की गई है। टौंस ब्लॉक प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों के लिए तथा आसन ब्लॉक अन्य अतिथिगणों के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अतिरिक्त दर्शक दीर्घा में जनसामान्य के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ब्लॉकों में समुचित सीटिंग, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह का शुभारंभ प्रातः 10 बजे होगा। प्रातः 10 बजे परेड दलों की पंक्तिबद्धता एवं परेड कमांडर द्वारा परेड का भार ग्रहण किया जाएगा। इसके पश्चात प्रातः 10ः20 बजे माननीय मुख्यमंत्री तथा 10ः28 बजे माननीय राज्यपाल का गरिमामय आगमन होगा। ठीक 10ः30 बजे ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के उपरांत कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। प्रातः 10ः35 बजे से परेड का मार्च पास्ट, स्कूली बच्चों के कार्यक्रम, झांकियों का प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके पश्चात 11ः25 बजे पुलिस मेडल वितरण किया जाएगा। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा एवं महानुभावों का प्रस्थान होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार सभी व्यवस्थाओं का समयबद्ध अभ्यास सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रहे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर हरिगिर, एसडीमए अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी उपस्थित थे।









मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान समयबद्ध, सघन और प्रभावी संदेश जन-जन तक पहुँचाने का काम करेगा। रथ के माध्यम से विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, स्कूलों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों में नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, शपथ कार्यक्रम, परामर्श शिविर, IEC सामग्री वितरण और जनसंवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
यह अभियान 24 जनवरी 2026 से 08 मार्च 2026 तक चलेगा और इसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाल विवाह जैसी प्रथाओं को रोकना है।
मुख्यमंत्री ने कहा ज्योतिष भारत का अत्यंत समृद्ध, गूढ़ और वैज्ञानिक शास्त्र है। ऋषि-मुनि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थे, वे उच्च कोटि के वैज्ञानिक भी थे। आर्यभट्ट ने खगोल विज्ञान और गणित में क्रांतिकारी सिद्धांत स्थापित किए, महर्षि पराशर ने ज्योतिष शास्त्र को व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया, वराहमिहिर ने खगोल, भृगु मुनि ने भविष्य कथन और कालगणना की परंपरा को समृद्ध किया। आधुनिक विज्ञान जिन खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए विशाल यंत्रों का सहारा लेता है, उन्हीं घटनाओं के मूल सिद्धांत हमारे ऋषि-मुनियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व ग्रह-नक्षत्रों की गति, समय-चक्र, मानव जीवन और प्रकृति के गहन अध्ययन कर प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा अब नासा भी मानने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान के द्वारा बहुत सी भौगोलिक घटनाओं को भली प्रकार समझा जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र भौतिक जीवन, आध्यात्मिक चेतना और दैविक व्यवस्था, इन तीनों के बीच संतुलन स्थापित करता है। ज्योतिष शास्त्र हमें ये सिखाता है कि मानव जीवन और ब्रह्मांड एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। सूर्य, चंद्रमा और ग्रह केवल आकाशीय पिंड मात्र नहीं हैं बल्कि वे समय-चक्र, प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन की प्रवृत्तियों को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कारक भी हैं।


