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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों को मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने सौंपे नियुक्ति पत्र 

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत गढ़वाल मंडल हेतु चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों के नियुक्ति पत्र वितरण का भव्य समारोह श्रीनगर स्थित पी.एम. श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में संपन्न हुआ।


देहरादून/श्रीनगर (गढ़वाल)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत गढ़वाल मंडल हेतु चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों के नियुक्ति पत्र वितरण का भव्य समारोह श्रीनगर स्थित पी.एम. श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत (विद्यालयी शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, उत्तराखंड सरकार) द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने सभी नव-नियुक्त कनिष्ठ सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल एक विभाग नहीं, बल्कि समाज के भविष्य निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी के रूप में आपका दायित्व केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि आप शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने सभी को पूर्ण समर्पण, सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने आगे कहा कि समर्पण का अर्थ है,अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी का भाव रखना, जबकि सत्यनिष्ठा का अर्थ है,हर परिस्थिति में ईमानदारी और निष्पक्षता बनाए रखना। यदि कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और लगन से करेंगे, तो निश्चित ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण वातावरण प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड एवं मंडलीय अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कंचन देवराड़ी द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए। उन्होंने विभाग में संचालित विभिन्न नवाचारों एवं फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में प्रत्येक अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी से इन योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह असवाल, ब्लॉक प्रमुख खिर्सू अनिल भंडारी, विनय घिल्डियाल, शुभम प्रभाकर, दिनेश पटवाल, नगमा तौफीक, संजय गुप्ता, देवेंद्र मनी मिश्रा, गुड्डी रावत, गणेश भट्ट, संदीप रावत, झाबर सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य मीना गैरोला द्वारा माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

 

TRAI का ₹20 वाला नियम: बिना रिचार्ज के भी SIM रहेगा एक्टिव

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नई दिल्ली/देहरादून: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नियम के अनुसार अब प्रीपेड मोबाइल यूजर्स सिर्फ ₹20 के बैलेंस से अपने SIM को डीएक्टिवेशन से बचा सकते हैं। यह सुविधा Airtel, Jio, Vi और BSNL समेत सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर लागू होती है।
नियम कैसे काम करता है?
• अगर आपका प्रीपेड SIM 90 दिनों तक पूरी तरह निष्क्रिय रहता है (कोई कॉल, SMS, डेटा या VAS सर्विस यूज न हो), तो सामान्य स्थिति में डीएक्टिव हो सकता है।
• लेकिन अगर आपके अकाउंट में ₹20 या उससे ज्यादा मुख्य बैलेंस है, तो ऑपरेटर स्वतः ₹20 काट लेगा और SIM को अगले 30 दिनों के लिए एक्टिव रखेगा।
• यह प्रक्रिया तब तक जारी रह सकती है, जब तक बैलेंस ₹20 या उससे ऊपर बना रहे।
• बैलेंस ₹20 से कम होने पर SIM डीएक्टिव हो जाएगा।
महत्वपूर्ण बातें
• ग्रेस पीरियड: डीएक्टिवेशन के बाद 15 दिनों का समय मिलता है, जिसमें ₹20 रिचार्ज करके नंबर वापस एक्टिव किया जा सकता है।
• यह नियम केवल प्रीपेड कनेक्शन्स पर लागू है।
• लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर incoming calls, SMS या OTP प्रभावित हो सकते हैं।
TRAI के Telecom Consumer Protection Regulations (TCPR) Sixth Amendment के तहत यह प्रावधान करीब 11 साल से लागू है। हाल ही में इसकी चर्चा बढ़ने पर TRAI ने स्पष्ट किया कि कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पुराने नियम का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
सलाह: अगर आप किसी SIM को बैकअप के रूप में रखते हैं तो उसमें हमेशा ₹20+ मुख्य बैलेंस रखें। इससे नंबर आसानी से सुरक्षित रह जाएगा।

 

जनता दरबार में छलका बुजुर्ग का दर्द: पुत्र-पुत्रबधू पर उत्पीड़न का आरोप, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में कार्रवाई तय

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बुजुर्ग दंपत्ति को घर से बेदखल करने की कोशिश, प्रशासन हुआ सख्त, भरण पोषण एक्ट में वाद दर्ज

*आर्थिक तंगी से जूझती मां की करुण पुकार, बेटी की शिक्षा के लिए नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट से मिलेगी राहत*

*कोई सहारा नहीं, काम करने में असमर्थ दिव्यांग बुजुर्ग की पीड़ा, प्रशासन ने की आर्थिक सहायता प्रक्रिया शुरू*

*टीकरी में सरकारी मार्ग पर अतिक्रमण, प्रशासन ने दिए तत्काल हटाने के आदेश*

*मोटर मार्ग निर्माण में देरी, गुणवत्ता पर सवाल, प्रशासन ने एक्शन से की रिपोर्ट तलब*

*जनता दरबार में 167 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर*

*देहरादून :
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में जनसुनवाई/जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, अतिक्रमण, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 167 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

समाजिक सरोकार से जुड़े मामलों में फतेहपुर निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग बीर सिंह ने जनता दरबार में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनका पुत्र एवं पुत्रवधू उनके साथ मारपीट करते हैं। उन्होंने बताया कि थाने में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति से आहत होकर उन्होंने अपने पुत्र को संपत्ति से बेदखल कर दिया, फिर भी दोनों उनके घर में जबरन रहकर प्रताड़ित कर रहे हैं। इस पर सीडीओ ने पुलिस अधीक्षक को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इंद्रा कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग अशोक कुमार धवन ने भी अपने पुत्र द्वारा मारपीट एवं दुर्व्यवहार किए जाने तथा जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई, इस पर संबंधित अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

हरेकृष्णा विहार निवासी 62 वर्षीय शकुंतला कौर ने बताया कि उनका पुत्र और बहू उनके 75 वर्षीय पति सहित उन्हें प्रताड़ित कर घर से निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कांवली रोड निवासी अमरजीत कौर ने अपनी बेटियों की फीस माफी की गुहार लगाते हुए बताया कि उनकी दो बेटी व एक बेटा है। पति उनके साथ नही रहते है। किसी तरह बच्चों का पालन पोषण हो रहा है। इस पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक सहायता का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

माजरीमाफी निवासी कक्षा 12 के छात्र आर्यन रमोला ने जनता दरबार में पहुंचकर फीस माफी की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिसके कारण वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के बावजूद विद्यालय शुल्क जमा करने में असमर्थ हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर मामले के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वहीं, डालनवाला निवासी विनिता ने भी अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अपने पुत्र का किसी निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बुजुर्ग दिव्यांग वीरेन्द्र धीमान ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए बताया कि उनका कोई भी नही है और अब वे काम करने में असमर्थ है। इस पर एसडीएम सदर को प्रकरण की जांच कर आर्थिक सहायता हेतु आवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।

मेहुंवालामाफी निवासी नेहा ने ऋण माफी की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके पति ने बैंक से 5 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी किस्तें उन्होंने तीन वर्षों तक नियमित रूप से जमा कीं। वर्ष 2023 में करंट लगने की दुर्घटना में उनके पति के दोनों पैर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है और वे ऋण की शेष किस्तें जमा करने में असमर्थ हैं। इस पर एलडीएम को मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में इन्द्रा एन्क्लेव के निवासियों ने बिना वैधानिक अनुमति एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए के कॉलोनी के एक व्यक्ति द्वारा अपने भवन की छत पर मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने तत्काल प्रभाव से टावर स्थापना कार्य पर रोक लगाते हुए जांच के निर्देश दिए।

ग्रामसभा लांघा के ग्रामीणों ने मजरा टीकरी में सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर एएमए जिला पंचायत को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम प्रधान गडूल स्वीटी रावत द्वारा मानकी-इठराना मोटर मार्ग निर्माण में देरी एवं गुणवत्ता में कमी की शिकायत पर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई। फुलेत-क्यारा मोटर मार्ग पर भगद्वारी खाल के समीप कॉजवे निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जन सुनवाई के दौरान भूमि पर अवैध कब्जा, क्रय विक्रय, जमीन धोखाधडी, बिजली की लाइन शिफ्ट, पोल शिफ्ट करने सहित अन्य समस्याओं के संबंधित अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

MDDA: देहरादून के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार , 968 करोड़ के बजट से शहर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

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MDDA की 113वीं बोर्ड बैठक में जनहित, हरियाली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस*l

देहरादून शहर के सुनियोजित विकास, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक सुविधाओं को नई रफ्तार देने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 113वीं बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 968 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही आम जनता से जुड़े आवासीय, व्यावसायिक और पर्यटन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों के स्वागत से हुई। इसके बाद पिछली 112वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसे बोर्ड ने अवलोकन के बाद पुष्टि करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए अनुमति प्रदान की। इस दौरान कुल 48 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद नियमानुसार स्वीकृति दी गई।

*विकास को मिलेगी रफ्तार*
बैठक में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 968 करोड़ रुपये का बजट शहर के व्यापक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट के माध्यम से न केवल शहरी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, बल्कि देहरादून को एक स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम होगा।

*जनहित के प्रस्तावों को हरी झंडी*
बोर्ड बैठक में आम जनमानस से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें ईको-रिजॉर्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण और आवासीय मानचित्र से जुड़े मामलों को स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों से पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ-साथ शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इसके अलावा, भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2011 (संशोधित) को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप अंगीकृत किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित होगी।

*हरित देहरादून की दिशा और बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण के लिए बड़ा कदम*
शहर में लगातार बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना अब प्राथमिकता बन गया है। इसी दिशा में प्राधिकरण ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नए पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने, जल स्रोतों को संरक्षित करने और सार्वजनिक स्थलों को विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल तापमान में कमी लाना है, बल्कि शहर की प्राकृतिक सुंदरता को सहेजते हुए आम जनमानस को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना भी है।

*हरियाली और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर*
शहर को सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिवाइडरों पर पौधारोपण, गमलों की व्यवस्था, खाद-मिट्टी और पानी की आपूर्ति के लिए विशेष उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके तहत एक ट्रैक्टर, EICHER 333 (प्रेशर पंप सहित) और हाइड्रोलिक ट्रॉली खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए। यह पहल शहर की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के साथ ही नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मददगार होगी।

*शहर के भविष्य की मजबूत नींव*
113वीं बोर्ड बैठक के फैसले देहरादून के भविष्य की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर बजट और विकास योजनाएं शहर को आधुनिक बनाएंगी, वहीं हरियाली और पर्यावरण संरक्षण पर जोर इसे रहने योग्य और संतुलित शहर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने शहर के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव भी दिए। अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की गई। स्पष्ट है कि एमडीडीए की यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि देहरादून के विकास की नई पटकथा लिखने की दिशा में एक ठोस कदम है।

*आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बयान*
आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून को एक संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बजट और स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए लगातार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों से न केवल शहर का भौतिक विकास होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का फोकस संतुलित विकास पर है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का समावेश हो। तिवारी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देहरादून एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित होगा।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि बैठक में कुल 48 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें अधिकांश जनहित और विकास से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति दी गई है और अब इनके क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और अवैध निर्माण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सीएम धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से की भेंट: चारधाम यात्रा हेतु LPG आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदाजन्य संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के निर्बाध, सुरक्षित एवं सुचारू संचालन हेतु व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पूर्ववत् 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। साथ ही साथ समय प्रदेश में पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में राज्य को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय भू-भाग एवं दुर्गम परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में एलपीजी गैस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) आवंटन सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्यतः पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन एवं साहसिक पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। चारधाम यात्रा और पर्यटन राज्य की आस्था, सांस्कृतिक पहचान एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार है। उन्होंने प्रदेश में घरेलू गैस की आपूर्ति भी सुचारू रखने का अनुरोध किया है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्रदान किया तथा राज्य के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

 

सीएम धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों संग की बैठक

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सीएम धामी ने चम्पावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की ली जानकारी

 

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री जयंत सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना को एशियन हाईवे से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तराखण्ड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों धारचूला एवं झूलाघाट में सीमा व्यापार, आवागमन तथा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किए जाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों की सुविधा हेतु चल रहे कार्यों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

एक्शन: अवैध मादक पदार्थो और शराब तस्करी में लिफ्त 03 नशा तस्करों को पुलिस किया गिरफ्तार

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एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर नशा तस्करों पर नकेल कसती दून पुलिस

 

*अभियुक्तों के कब्जे से लगभग 03 लाख रू0 मूल्य की 10.05 ग्राम अवैध स्मैक तथा लगभग 04 पेटी अंग्रेजी/देशी शराब हुई बरामद*

*स्मैक तस्करी में गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में भी जा चुका है जेल, जिसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट व चोरी के दर्ज हैं अभियोग,*

एसएसपी देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सघन चेकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों/अवैध मादक पदार्थ/शराब की तस्करी में लिफ्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में दून पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाते हुए ऐसे अभियुक्तों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दून पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई निम्नवत है:-

*1-कोतवाली डोईवाला* (1)-कोतवाली डोईवाला पुलिस द्वारा दिनांक 25.04.2026 को टोल प्लाजा लच्छीवाला, डोईवाला मे चैकिंग के दौरान अभियुक्त बबलू साहनी पुत्र स्व0 सुशील साहनी को 10.05 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया, अभियुक्त के विरुद्ध थाना डोईवाला पर मु0अ0स0 131/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*
बबलू साहनी पुत्र स्व0 सुशील साहनी, निवासी ग्राम गुरेला जिला दरभंगा बिहार, हाल पता केशवपुरी बस्ती कोतवाली डोईवाला जनपद देहरादून, उम्र 26 वर्ष

*आपराधिक इतिहास*
01- मु0अ0स0- 25/2020 धारा- 4/25 आर्म्स एक्ट
02- मु0अ0स0- 33/2021 धारा- 380/457/411 भादवि
03- मु0अ0स0 131/26 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट

*बरामदगी:*
10.05 ग्राम अवैध स्मैक (अनुमानित मूल्य लगभग 03 लाख रू0)

(2)-दिनांक 25/4/2026 को कोतवाली डोईवाला पुलिस द्वारा एयरपोर्ट तिराहा जॉलीग्रांट में चेकिंग के दौरान अभियुक्त अंकुर कुमार पुत्र कृष्ण कुमार को 02 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

*नाम/पता अभियुक्त*
अंकुर कुमार पुत्र कृष्ण कुमार, निवासी लेन नंबर 7 गणेश विहार थाना नेहरू कॉलोनी देहरादून, उम्र 34 वर्ष

*बरामदगी*
1-96 पव्वे अवैध अंग्रेजी शराब

*2- थाना सेलाकुई*
दिनांक 25/4/26 को सेलाकुई पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान लेबर चौक के पास से अभियुक्त जीवन थापा को 90 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

*नाम पता अभियुक्त*
जीवन थापा पुत्र रेशम थापा, निवासी पीठ वाली गली जबलपुर सेलाकुई, उम्र 29 वर्ष

*बरामदगी*
90 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब

ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत सघन चेकिंग के दौरान दून पुलिस की बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़

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SSP देहरादून का एक्शन मोड अपराधियों पर पड रहा भारी*,

 

*पुलिस मुठभेड़ में पश्चिमी उत्तरप्रदेश के शातिर बदमाश सहित 02 बदमाशो को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 01 बदमाश हुआ घायल,*

*शातिर बदमाशें द्वारा पुलिस चैकिंग बैरियर पर न रूककर, मौके से हो रहे थे फरार,*

*पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर करी फायरिंग, आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में 01 बदमाश हुआ घायल*

*घटनास्थल पर बदमाशो के कब्जे से 02 देशी तमंचे व जिंदा/खोखा कारतूस व घटना में प्रयुक्त स्कूटी हुई बरामद,*

*घटना की सूचना पर एसएसपी देहरादून द्वारा तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए उपस्थित अधिकारियों से घटना के संबंध में ली जानकारी,*

*गिरफ्तार बदमाश अब्दूल्ला शातिर किस्म का अपराधी है, जिस पर सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद में कई आपराधिक घटनाओं के अभियोग है पंजीकृत,*

*थाना बसंतविहार*

ऑपरेशन प्रहार के तहत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर संपूर्ण जनपद में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान दिनांक 25/26.04.2026 की देर रात्रि को थाना बसंत विहार क्षेत्रान्तर्गत हरबंशवाला बैरियर पर थानाध्यक्ष बसंत विहार द्वारा मय पुलिस बल के संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनो की चैकिंग कर रहे थे, चैकिंग के दौराने एक नीली रंग की बिना नम्बर प्लेट की स्कूटी, जिस पर 02 लोग सवार थे को रोकने का प्रयास किया गया, उक्त स्कूटी सवार व्यक्ति बैरियर पर वाहन चैकिंग हेतु न रूककर तेजी गति से हरबंशवाला से टी स्टेट की तरफ भाग गये । पुलिस टीम द्वारा उक्त सन्दिग्ध स्कूटी का पीछा किया गया, तो पीछा करने पर स्कूटी सवार व्यक्ति द्वारा पुलिस टीम पर अचानक फायर कर दिया गया, पुलिस टीम द्वारा उक्त स्कूटी सवारों को रोकने का काफी प्रयास किया गया, परन्तु उनके द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर किया गया, पुलिस टीम द्वारा भी आत्मरक्षाा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें 01 बदमाश को गोली लगी, पुलिस टीम द्वारा भाग रहे उक्त दोनो व्यक्तियों को घेरकर पकड लिया गया। पुलिस टीम द्वारा घायल बदमाश को ईलाज हेतु तत्काल चिकित्सालय ले जाया गया । घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी गई । एसएसपी देहरादून, एसपी सिटी द्वारा तत्काल घटना की सूचना पर घटनास्थल पहुंचकर घटनास्थल निरीक्षण करते हुए उपस्थित अधिकारियों से घटना के संबंध में ली जानकारी ली, फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन किए गए। उच्चाधिकारियों द्वारा चिकित्सालय जाकर घायल बदमाश के बारे में जानकारी ली गई । उक्त घटना में मौके पर बदमाशों से 01 -01 अवैध देशी तमंचे 315 , जिन्दा/खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त स्कूटी को बरामद किया गया। अभियुक्तों से पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा अपना नाम (1) अब्दुला पुत्र गुलाम मौहम्मद (2) शाहनवाज सलमानी पुत्र खुर्शीद अहमद बताया गया। अभियुक्तों के विरूद्व थाना बसन्त बिहार पर धारा 109/3(5) बी0एन0एस0 एवं धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

*नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्त*
(1) अब्दुला पुत्र गुलाम मौहम्मद , निवासी रसूलपुररमजानपुर देहात कोतवाली जनपद सहारनपुर उ0प्र0 उम्र- 37 वर्ष(घायल)
(2) शाहनवाज सलमानी पुत्र खुर्शीद अहमद, निवासी ज्वालापुर मौहल्ला हज्जबान चैहानान सहारनपुर उ0प्र0 हाल निवासी शेरपुर टांडा सहसपुर

पहाड़ लौट रही उम्मीद: आधुनिक कृषि और रिवर्स माइग्रेशन से बदल रही बागेश्वर की तस्वीर

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बागेश्वर — उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय जनपद बागेश्वर में लंबे समय से चला आ रहा पलायन अब रुकने लगा है। युवा और किसान गांवों की ओर लौट रहे हैं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। “रिवर्स माइग्रेशन” की यह मिसाल जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के कुशल नेतृत्व और विभागीय योजनाओं का नतीजा है।
योजनाओं का सकारात्मक असर
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के निर्देशन में उद्यान, कृषि एवं मत्स्य विभाग के समन्वित प्रयासों से किसानों को 80-90 प्रतिशत अनुदान पर पॉलीहाउस, आधुनिक उपकरण और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। परिणामस्वरूप स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और युवा स्वरोजगार की नई राहें तलाश रहे हैं।
सफल किसान मिसालें
• मनोज कोरंगा, सलीगांव: तीन पॉलीहाउस, तीन मत्स्य तालाब और खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। सालाना 3-4 लाख रुपये की आय के साथ 4-5 स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया।
• चंद्रशेखर पांडे, गरुड़ ब्लॉक: लगभग 2 हेक्टेयर पर जैविक व औषधीय खेती। तुलसी, लेमनग्रास, अश्वगंधा और रोजमेरी जैसे फसलें उगाकर ‘हिम नेचुरल’ ब्रांड के तहत 7-8 लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं।
• दान सिंह: आत्मा योजना और आरकेवीवाई के तहत प्रशिक्षण लेकर वर्मी कंपोस्ट, लाइन बुवाई और आधुनिक यंत्रों से उत्पादन में 30-40% वृद्धि की।
• हंसी शाह, मन्यूड़ा गांव: 38 नाली भूमि पर वैज्ञानिक खेती अपनाकर मोटे अनाज व सब्जियां उगा रही हैं। सालाना 4-5 लाख रुपये की आय और 40 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सशक्तिकरण का कार्य।
कीवी क्रांति
बागेश्वर में कीवी उत्पादन की कहानी सबसे प्रेरक है। वर्ष 2022-23 में जहां कीवी का क्षेत्रफल मात्र 5-8 हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर करीब 80 हेक्टेयर हो गया है। वर्तमान में 15 हेक्टेयर में फल उत्पादन हो रहा है, जिससे कुल उत्पादन 100-110 क्विंटल से बढ़कर 1100 क्विंटल के पार पहुंच गया है। किसानों की संख्या 40-50 से बढ़कर 350 से अधिक हो चुकी है। कुल आय 13-14 लाख से बढ़कर 1.5 से 1.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
इसके अलावा ‘कुटकी’ जैसी जड़ी-बूटी की खेती 46 हेक्टेयर क्षेत्र में 350 महिलाओं द्वारा की जा रही है, जिससे लगभग 70 लाख रुपये की आय हुई है।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े ने कहा कि जनपद में कृषि को आधुनिक बनाने और युवाओं को गांव में रोकने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पॉलीहाउस, उच्च मूल्य की फसलें और बेहतर विपणन व्यवस्था से पहाड़ी क्षेत्रों में समृद्धि लाई जा रही है।

 

यूजेवीएन लिमिटेड के विद्युत गृहों द्वारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि

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देहरादून: यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा विद्युत गृहों के सुदृढ़ प्रबंधन, प्रभावी समन्वय एवं सुव्यवस्थित कार्ययोजना के परिणामस्वरूप विगत दिनों में विद्युत उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बदलते मौसम एवं बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा उत्पादन बढ़ाने हेतु निरंतर ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में, दिनांक 19 अप्रैल, 2026 को निगम प्रबंधन द्वारा विशेष प्रयास करते हुए कालागढ़ स्थित रामगंगा जल विद्युत परियोजना के संचालन हेतु उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से समन्वय स्थापित कर विद्युत उत्पादन प्रारंभ कराया गया। इसके फलस्वरूप निगम के कुल विद्युत उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि परिलक्षित हुई है।

रामगंगा जल विद्युत परियोजना का संचालन सिंचाई हेतु जल छोड़े जाने पर निर्भर करता है। वर्तमान में इस परियोजना के संचालन के पश्चात्, पिछले लगभग 10 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, निगम के कुल विद्युत उत्पादन में लगभग 5 मिलियन यूनिट (MU) की वृद्धि दर्ज की गई है, जो विपरीत परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्तमान में विभिन्न नदियों का जल स्तर विगत वर्ष की तुलना में अपेक्षाकृत कम है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। तथापि, बढ़ती गर्मी के साथ ग्लेशियरों के पिघलने से जल स्तर में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आगामी समय में उत्पादन में और सुधार की उम्मीद है।

यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, अजय कुमार सिंह ने कहा कि निगम उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम एवं कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निगम का दैनिक विद्युत उत्पादन लगभग विगत वर्ष के समान स्तर पर बना हुआ है।

उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सांय 6 बजे से रात्रि 11 बजे तक के पीक आवर्स में, जब विद्युत मांग अधिकतम होती है, यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा राज्य के 1000 मेगावाट के स्थापित पीक क्षमता के सापेक्ष लगभग 886 मेगावाट का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे राज्य की लगभग 2600 मेगावाट की पीक मांग का एक तिहाई हिस्सा पूरा किया जा रहा है।

अजय कुमार सिंह ने आगे बताया कि निगम योजनाबद्ध तरीके से आगामी माह में विद्युत उत्पादन में और वृद्धि करने जा रहा है। रामगंगा विद्युत गृह के संचालन के अतिरिक्त, उत्पादन वृद्धि हेतु विभिन्न विद्युत गृहों की मशीनों के वृहद अनुरक्षण कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं। इन कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन कार्यों की निरंतर अनुश्रवण (Monitoring) न केवल संबंधित इकाइयों के उच्चाधिकारियों द्वारा, बल्कि मुख्यालय स्तर से भी की जा रही है। साथ ही, विभिन्न विद्युत गृहों में आधुनिकीकरण, नवीनीकरण एवं उच्चीकरण (RMU) के कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं।

अजय कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों के पूर्ण होने के पश्चात् मशीनों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा विद्युत उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में उत्पादन वृद्धि का यह क्रम और अधिक गति पकड़ेगा तथा निगम ऊर्जा क्षेत्र में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगा।