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लंबित राजस्व वादों पर डीएम सख्त:  एक साल पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के दिए आदेश

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अंश निर्धारण की सुस्त चाल पर डीएम का कडा एक्शन, राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय

*बडे बकायेदारों पर शिकंजाः डीएम ने वसूली तेज करने के दिए सख्त निर्देश*

*लंबित वादों से लेकर वसूली तक, डीएम सविन बंसल ने राजस्व अधिकारियों के साथ की अहम बैठक*

*देहरादून ।जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, मुख्य एवं विविध देयों की वसूली, अंश निर्धारण तथा राजस्व विभाग से संबंधित अन्य प्रमुख कार्यकलापों को लेकर गुरुवार को राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर धारा-34, 143, 33/39 एवं धारा-41 के अंतर्गत एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से धारा-34 के अंतर्गत अविवादित वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग (आवासीय, औद्योगिक एवं व्यावसायिक) से संबंधित कोई भी वाद लंबित न रहे। भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत खसरा एवं खतौनी में त्रुटि सुधार के कार्यों में तेजी लाई जाए। भूमि सीमांकन से संबंधित वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। फील्ड अधिकारियों से सटीक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट सुनिश्चित की जाए, जिससे अनावश्यक विवादों की संख्या में कमी लाई जा सके।

अंश निर्धारण, लिंकेज एवं पड़ताल के कार्यों में सदर, विकासनगर एवं डोईवाला तहसीलों की धीमी प्रगति एवं विलंब पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व उप निरीक्षकों को लक्ष्य निर्धारित कर स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी तय की जाए। तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा तथा अपर जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक 10 दिवस में प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। लापरवाही की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी सहयोग की आवश्यकता होने पर तत्काल संपर्क किया जाए।

विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद में 81 प्रतिशत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 82.84 प्रतिशत वसूली प्राप्त कर ली गई है। चकराता, त्यूनी एवं कालसी तहसीलों में वसूली निर्धारित लक्ष्य से कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाई जाए। जीएसटी सेक्शन से समन्वय स्थापित कर बड़े बकायेदारों के खाता विवरण प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि किसी कंपनी या फर्म से वसूली शेष है, तो आरसीएस कार्यालय से संबंधित कंपनी की संपत्तियों का विवरण प्राप्त कर वसूली की कार्यवाही तेज की जाए।

बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत चयनित ग्रामों में की जा रही कार्यवाही, संग्रह अमीनों की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड रूम की स्थिति, आरसीएमएस के अनुप्रयोग, ई-ऑफिस, ऑडिट आपत्तियों तथा विभागीय सॉफ्टवेयर के अद्यतनीकरण की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक सुझाव दिए गए।

समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

 

UCC का सरल, सुगम और प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की प्राथमिकता

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अधिवक्ताओं; रजिस्ट्रीयांए; जन सेवा केंद्रों; आमजन के सुझाव का संयोजन कर विस्तृत रिपोर्ट शासन स्तर पर की जाएगी प्रेषित

देहरादून।  जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रभावी परिपालन को लेकर अधिवक्ताओं के साथ एक सकारात्मक एवं व्यावहारिक चर्चा आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाना रहा।
बैठक के दौरान जनपद के विभिन्न न्यायालयों से जुड़े अधिवक्ताओं ने उत्तराखंड समान नागरिक संहिता के परिपालन के सम्बन्ध में अधिवक्ताओं ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिवक्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम है, जिसका उद्देश्य समाज में समानता और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिवक्ताओं, जनमानस द्वारा दिए गए सुझावों का संयोजन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए तथा शासन स्तर पर आवश्यक सुझाव प्रेषित किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर अधिवक्ताओं एवं अन्य हितधारकों के साथ इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि समान नागरिक संहिता का सरल, सुगम और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के अंत में अधिवक्ताओं ने प्रशासन द्वारा संवाद की इस पहल का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके सुझावों पर अमल होने से उत्तराखंड समान नागरिक संहिता का लाभ आमजन को सुचारू रूप से प्राप्त हो सकेगा।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंसीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अध्यक्ष बार एसोसिएशन मनमोहन कंडवाल,समिति के सदस्य प्रेमचन्द्रशर्मा, आरएस राघव, धर्मवीर सिंह नेगी, संजय बिष्ट, उपाध्यक्ष विनोद सागर, कपिल अरोड़ा सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

दुष्प्रचार और षड्यंत्र में कांग्रेस को महारत‌ हासिल:  कानून व्यवस्था पर प्रदेश से मांगे माफी: चौहान

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जनता कांग्रेस के चरित्र से वाक़िफ़, किच्छा विधायक पुत्र का मामला आँख खोलने वाला

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को दुष्प्रचार और धड्यंत्र मे महारत हासिल है और किच्छा विधायक के पुत्र का प्रकरण आँख खोलने वाला है। कांग्रेस को दुष्प्रचार के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस अब तक हर मामले मे कानून व्यवस्था का हौव्वा खड़ा कर दुष्प्रचार करती रही है और इस घटना से यह साबित भी हो गया है। अब तक पुलिस को कटघरे मे खड़ा कर कानून व्यवस्था पर प्रदेश मे नकारात्मक छवि परोस रही कांग्रेस को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

चौहान ने कहा कि अंकिता हत्याकांड मे जांच को लेकर तमाम दावे कर रही कांग्रेस यह कहती रही कि आरोपी आसानी से छूट जायेंगे, लेकिन ठोस तथ्य और कड़ी पैरवी के बदौलत आरोपी आजीवन कारावास भुगत रहे हैं और जब से जेल गए तब से बेल नही ले पाए। हालांकि जन भावनाओं को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति की है, लेकिन मुद्दा हाथ से निकलते देख कांग्रेस फिर भ्रम और दुष्प्रचार के लिए जुट गयी है। उन्होंने कहा जनता सब जानती और देख रही है।

उन्होंने कहा कि काशीपुर मे सुखवंत आत्महत्या मे भी पुलिस हर तरह से जांच कर रही है। कानून व्यवस्था मे जीरो टॉलरेंस को भर्ती घोटाले मे सब देख चुके हैं। अब कांग्रेस सरकार के सरंक्षण मे खनन और शराब माफियाओं के दिन लद गए है। राज्य को खनन मे अब पुरस्कार मिल रहा है और कई गुना राजस्व मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जांच एजेंसियों के मनोबल तोड़ने की नीति से बाज आना चाहिए। अब थाने चौकी से लेकर मुख्यमंत्री तक जनता की सीधी सुनवाई होती है। सीएम पोर्टल पर हर शिकायतों की सुनवाई हो रही है। सरकार जनता के द्वार जा रही है,लेकिन कांग्रेस जनता के बीच जाने के बजाय दुष्प्रचार मे व्यस्त है और इसी कारण उसे जनता लगातार सबक सिखा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दुष्प्रचार के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगे।

मनवीर सिंह चौहान
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा उत्तराखण्ड

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द जी के साथ हुआ दुर्व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण एवं निन्दनीय:- गणेश गोदियाल

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जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द जैसे पूज्य संत के साथ किया गया दुर्व्यवहार, दुर्भाग्यपूर्ण एवं निन्दनीय ही नहीं, हमारी सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं और सनातनी मूल्यों पर सीधा प्रहार है:- गणेश गोदियाल

देहरादून 22 जनवरी।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने धर्म नगरी प्रयागराज में ज्योतिर्मठ पीठ के जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नन्द जी के साथ किये गये दुर्व्यवहार की कडे शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी जैसे पूज्य संत के साथ किया गया दुर्व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं और सनातनी मूल्यों पर सीधा प्रहार है, जिसकी कठोर शब्दों में निन्दा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज हमेशा से देश को दिशा देने का कार्य करता आया है और उनके प्रति सम्मान रखना प्रत्येक सरकार और समाज की जिम्मेदारी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि दुख की बात है कि आज उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो राज्य एवं देश की छवि को कलंकित कर रही हैं। यह भाजपा सरकारों की प्रशासनिक असंवेदनशीलता और अहंकार का परिणाम है कि देश में सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर बैठे पूज्य संतों को भी अपमानित होना पड़ रहा है। कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों, संत समाज के सम्मान और सनातन धर्म की गरिमा की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस पार्टी जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द जी के साथ हुई दुर्व्यवहार की इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द जी के साथ किये गये दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के आह्रवान पर दिनांक 24 एवं 25 जनवरी 2026 को प्रदेशभर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के मन्दिर प्रांगणों में 2 घंटे का मौन उपवास कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के कांग्रेसजन सभी विधानसभा क्षेत्रों में दिनांक 24 एवं 25 जनवरी 2026 को मन्दिर प्रांगणों में 2 घंटे का मौन उपवास रखते हुए जगतगुरू शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानन्द जी के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेंगे।

राजीव महर्षि
निवर्तमान मीडिया प्रभारी
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी

जन-जन के द्वार पहुँची सरकारः सुदूरवर्ती गांव भटाड-कथियान में प्रशासन ने सुनीं जन समस्याएं

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राजकीय इंटर कालेज कथियान में आयोजित शिविर में भारी उत्साह के साथ उमड़े लोग*

*कथियान बहुउद्देशीय शिविरः 1086 से अधिक लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ,*

*शिविर में दर्ज 29 में से अधिकांश शिकायतें मौके पर निस्तारित,*

*मा0 मुख्यमंत्री का संकल्प, ज़मीनी अमलः कथियान जनसेवा शिविर से मिली जनता को राहत*

*देहरादून ।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत बुधवार को चकराता ब्लॉक की सुदूरवर्ती क्षेत्र राजकीय इंटर कॉलेज कथियान में उप जिलाधिकारी प्रेम लाल की अध्यक्षता में जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया तथा विभागीय योजनाओं के माध्यम से 1086 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया।

उप जिलाधिकारी ने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को इन शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया जाए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका प्राथमिकता पर निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शिविर में ही लोगों के सभी जरूरी प्रमाण पत्र भी बनाए जा रहे हैं।

शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 29 शिकायतें दर्ज कराई गईं, इनमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा प्रमुख रूप से सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं राजस्व से संबंधित समस्याएँ उठाई गईं। शिकायतों में लोक निर्माण विभाग की 07, राजस्व की 05, स्वास्थ्य की 03, वन विभाग की 05, शिक्षा की 02, पीएमजीएसवाई, नागरिक आपूर्ति, परिवहन, जिला पंचायत, पेयजल, युवा कल्याण, ग्राम्य विकास की 1-1 शिकायत शामिल रही।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक में 574, होम्योपैथिक में 35 तथा आयुर्वेदिक में 42 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। ग्राम्य विकास ने 53, राजस्व विभाग ने 03 हिस्सा प्रमाण पत्र, पशुपालन ने 60, कृषि विभाग ने 91 एवं उद्यान विभाग ने 06 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 68 पेंशन संबंधित प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 11 राशन कार्ड की केवाईसी करवाई गई। पंचायती राज विभाग द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म, मृत्यु, किसान सम्मान निधि, टीएसपी फार्म, वृद्धावस्था, दिव्यांग, यूसीसी तथा राशन कार्ड सत्यापन के 52 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 06, श्रम विभाग 24, एडीएम 31, सेवायोजन 16, वन विभाग ने 12 लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया।

शिविर में खंड विकास अधिकारी राकेश विष्ट,, नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा, खंड शिक्षा अधिकारी और क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जिला प्रशासन के प्रयासों से : एक‌ छत के नीचे सुकून, भरोसा और नई ज़िंदगी-नारी निकेतन की बदली तस्वीर

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दर्द से विश्वास तक का सफ़र-नारी निकेतन में संवरती ज़िंदगियाँ*

*जब प्रशासन बना परिवार-नारी निकेतन में लौटी मुस्कानें,*

*सिर्फ आश्रय नहीं, संरक्षित जीवन-डीएम की नियमित मॉनिटरिंग से नारी निकेतन में उत्सव का माहौल*

*पेंटिंग, स्लोगन से बोलती दीवारें, सुशोभित पुष्प वाटिका दे रही जीवन की प्रेरणा*

*डीएम की पहल से बुजुर्ग महिलाओं को सम्मानजनक आश्रय, 30 बेड का दो मंजिला भवन रिकॉर्ड 01 वर्ष में पूर्णता की ओर*

*देहरादून ।
देहरादून के केदारपुरम क्षेत्र में स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन बाहर से भले ही एक साधारण परिसर प्रतीत होता हो, लेकिन इसके भीतर कदम रखते ही यह एहसास गहराने लगता है कि यह स्थान केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि टूटे विश्वासों को संजोने, बिखरी ज़िंदगियों को सहारा देने और नई शुरुआत का साहस जगाने की एक जीवंत कोशिश है।

यहाँ हर चेहरा एक कहानी कहता है-किसी की आँखों में छूटा हुआ बचपन है, किसी की खामोशी में पीड़ा की टीस, तो किसी की मुस्कान में नए जीवन की उम्मीद। यह वह सुरक्षित आश्रय है, जहाँ परित्यक्त और बेसहारा महिलाओं तथा अनाथ बच्चों को सिर्फ छत नहीं मिलती, बल्कि अपनापन, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का हक़ मिलता है। नारी निकेतन की हर सुबह यह भरोसा लेकर आती है कि अंधेरे के बाद रोशनी अवश्य आती है और हर जीवन दोबारा संवर सकता है।

माननीय मुख्यमंत्री की प्रेरणा और देहरादून जिला प्रशासन के संकल्प से इस परिसर को एक ऐसा संवेदनशील और सुरक्षित स्थान बनाया गया है, जहाँ महिलाएँ और बच्चे केवल शरण नहीं पाते, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हैं। यहाँ सुबह केवल घंटी की आवाज़ से नहीं, बल्कि इस विश्वास से होती है कि आज भी कोई उनकी चिंता कर रहा है। बालिकाओं और शिशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित पोषण, समय पर उपचार, स्वच्छ वातावरण और स्नेहिल देखभाल-ये सभी व्यवस्थाएँ उन अदृश्य घावों पर मरहम का काम कर रही हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना कठिन है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के सतत प्रयासों से बुजुर्ग महिलाओं के लिए 30 बेड का अतिरिक्त भवन लगभग तैयार हो चुका है। यह भवन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए सुकून और सम्मान का ठिकाना है, जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेली रह गईं। निकेतन की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी महिला या बच्चा स्वयं को असुरक्षित या अनदेखा महसूस न करे-क्योंकि यहाँ हर जीवन की कीमत है।

जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला योजना एवं खनिज न्यास से बजट की व्यवस्था कर निकेतन में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। सीवर लाइन, डोरमेट्री, आवास, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वर्तमान में केदारपुरम स्थित नारी निकेतन में 178 बेसहारा, परित्यक्त एवं शोषित महिलाएँ निवासरत हैं। बालिका निकेतन में 21 बालिकाएँ तथा बाल गृह एवं शिशु सदन में 23 बच्चे रह रहे हैं, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, आश्रय और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष देखभाल प्रदान की जा रही है।

बालक एवं बालिका निकेतन में बच्चों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है। वहीं नारी निकेतन की महिलाओं को क्राफ्ट डिज़ाइन, ऊनी वस्त्रों की कढ़ाई-बुनाई, सिलाई जैसे आजीविकापरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही संगीत, वाद्य यंत्र एवं योग प्रशिक्षण के माध्यम से उनके मानसिक और शारीरिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बालिका निकेतन में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु एक समुचित खेल मैदान का निर्माण कराया जा रहा है, जहाँ वे खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन एवं योग जैसी गतिविधियों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और सशक्त करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर दो अतिरिक्त होमगार्ड, दो अतिरिक्त नर्सों की तैनाती तथा डॉक्टरों की नियमित विजिट सुनिश्चित की गई है।

नारी निकेतन, बालिका निकेतन एवं शिशु सदन में शौचालय-स्नानागार, डायनिंग एरिया, मंदिर परिसर की ग्रिलिंग, जिम एवं प्रयोगात्मक क्षेत्र का समतलीकरण, छत मरम्मत, अलमीरा, लॉन्ड्री रूम, रसोई एवं भवन अनुरक्षण, इन्वर्टर स्थापना सहित अनेक विकास एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कराए गए हैं। बच्चों के लिए पर्याप्त रजाइयाँ, बेड एवं डबल गद्दों की व्यवस्था की गई है, ताकि वे सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में रह सकें।

गत दिसंबर माह में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान उन्होंने इन संस्थानों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वस्त किया था कि नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। आज उनके इस संकल्प का परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

सरकार और प्रशासन की संवेदनशीलता के चलते योजनाएँ काग़ज़ से उतरकर ज़िंदगियाँ बदल रही हैं। समाज के सबसे कमजोर वर्ग को जब सम्मान और सहारा मिलता है, तभी विकास का अर्थ पूर्ण होता है। केदारपुरम का यह निकेतन केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि उम्मीद की कहानी है-नई शुरुआत की कहानी और इंसानियत के जीवित रहने की कहानी।

सीएम धामी के दिशा-निर्देशों में आवास विभाग को मिले नए आयाम: आवास सचिव ने ली महत्वपूर्ण बैठक

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आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने ली प्राधिकरण की समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में आवास एवं नगर विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद *“मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए)”* की पहली समीक्षा बैठक ली। सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आयोजित इस बैठक में उन्होंने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*चल रही परियोजनाओं की गहन समीक्षा*
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की सभी गतिमान परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पार्किंग निर्माण, पार्कों का विकास, आवासीय योजनाएं, बाजार पुनर्विकास और अन्य शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल रहे। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति के साथ-साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी और अधिक सरल व त्वरित*
समीक्षा बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तेज और सुगम प्रक्रिया से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।

*स्थलीय निरीक्षण कर खुद करेंगे परियोजनाओं की निगरानी*
आवास सचिव ने यह भी कहा कि वे स्वयं सभी महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने से समस्याओं की पहचान आसान होती है और समय रहते उनका समाधान किया जा सकता है। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जा सकेगी।

*ऋषिकेश, देहरादून, आढ़त बाजार व इंदिरा मार्केट परियोजनाएं प्राथमिकता में
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ऋषिकेश, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। आवास सचिव ने इन सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय व्यापार को भी मजबूती देता है।

*पार्कों में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगी पेनल्टी*
आवास सचिव ने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा विकसित और संचालित पार्कों के रखरखाव पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कों में गंदगी फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर पेनल्टी की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।

*मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग नीति पर बनेगी विशेष कार्ययोजना*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। प्राधिकरण स्तर पर शासन में लंबित महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विकास प्राधिकरणों के साथ माहवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही लैंड पूलिंग नीति के तहत लैंड बैंक बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सरकारी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

*अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी*
बैठक से पूर्व प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता अजय मलिक, सहायक अभियंता सुनील गुप्ता, लेखपाल नजीर अहमद तथा वास्तुविद दृष्टि जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास एवं नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किया जाएगा और लंबित मास्टर प्लान व लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल किया जाएगा।

MDDA की अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर कड़ी कार्रवाई:  हरभजवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

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एमडीडीए अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है- बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। एमडीडीए द्वारा नियमों का उल्लंघन कर की जा रही अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज प्राधिकरण क्षेत्र में चिन्हित अवैध प्लॉटिंग पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एमडीडीए की टीम द्वारा देहरादून के निकट हरभजवाला पुल क्षेत्र में हितबद्ध व्यक्ति/भू-स्वामी द्वारा लगभग 08 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही इस प्लॉटिंग को विकास प्राधिकरण के नियमों के विपरीत पाया गया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी के माध्यम से ध्वस्तीकरण किया गया।

इसके अतिरिक्त अरुण चौहान द्वारा तुन्तोवाला रोड, मेहुवाला माफी क्षेत्र में लगभग 04 से 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी एमडीडीए द्वारा कार्रवाई की गई। संबंधित स्थल पर बिना लेआउट स्वीकृति एवं आवश्यक अनुमति के प्लॉट काटे जा रहे थे। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करती है, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा ऐसी गतिविधियों के विरुद्ध सख्त नीति अपनाई गई है। आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें।

ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल तथा सुपरवाइजर सहित प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम की मौजूदगी में गई। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। भविष्य में भी अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य शहरी विकास को नियोजित और सुरक्षित बनाना है। अवैध प्लॉटिंग से न केवल शहर का स्वरूप बिगड़ता है, बल्कि आम नागरिकों की मेहनत की कमाई भी जोखिम में पड़ जाती है। एमडीडीए अवैध गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। आज की कार्रवाई भी उसी क्रम में की गई है। एमडीडीए का प्रयास है कि क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित हो और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद ही किए जाएं, यह सुनिश्चित करना भू-स्वामियों की जिम्मेदारी है। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमित अभियान जारी रहेगा।

ऋषिकेश में मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह में‌‌ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं सीएम धामी ने किया प्रतिभाग

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ऋषिकेश। आज ऋषिकेश में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संतगणों की उपस्थिति में ऋषिकेश की पुण्यभूमि पर गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित विश्वविख्यात मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह में प्रतिभाग किया। यह अवसर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि‌ यह केवल एक पत्रिका के सौ वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भारतीय अध्यात्म और राष्ट्र चेतना का गौरवपूर्ण पर्व था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने कल्याण पत्रिका की संपूर्ण यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कल्याण पत्रिका के ने केवल धर्म का प्रसार ही नहीं किया बल्कि राष्ट्रीय संस्कृत और चरित्र निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त किया है स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत तक इस पत्रिका इस पत्रिका ने सदैव सनातन विचारधारा की आवाज को जीवित रखा यह पत्रिका समय के साथ बदली नहीं बल्कि समय को दिशा देती रही उन्होंने कहा कि गीता प्रेस गोरखपुर न केवल एक प्रकाशन संस्था है बल्कि भारतीय हिंदू धार्मिक साहित्य के प्रसार का एक सामाजिक सांस्कृतिक स्तंभ है। इस दौरान कार्यक्रम में सांसद पौड़ी अनिल बलूनी, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती भी उपस्थितरहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह अमित शाह ने कहा कि कल्याण केवल पत्रिका नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का पथप्रदर्शक है। गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं, पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गीता प्रेस परिवार को शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए इसे ज्ञान परंपरा का अमूल्य स्तंभ बताया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अमित शाह को “रिफॉर्मर, परफॉर्मर और ट्रांसफॉर्मर” बताते हुए कहा कि भारत आज एक नूतन युग में प्रवेश कर रहा है।कल्याण पत्रिका ने सौ वर्षों में करोड़ों पाठकों को अध्यात्म, राष्ट्रनिष्ठा और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के व्यापक प्रचार प्रसार में गीता प्रेस ने असाधारण योगदान दिया है।

इस अवसर पर गोविंद देव गिरि महाराज, द्वाराचार्य स्वामी राजेन्द्रदास महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, स्वामी परमानन्द महाराज, गोविन्दानन्द तीर्थ महाराज, गीता प्रेस अध्यक्ष केशोराम अग्रवाल, सांसद अनिल बलूनी, मंत्री सुबोध उनियाल, डॉक्टर धन सिंह रावत, उमेश शर्मा काऊ , श्रीमती रेणु बिष्ट सहित अनेक संत उपस्थित थे।

आवाज़ सुनो पहाड़ों की फिल्म फेस्टिवल ने अपने प्रथम संस्करण 2026 के लिए आधिकारिक चयन की की घोषणा 

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देहरादून। आवाज़ सुनो पहाड़ों की फिल्म फेस्टिवल का प्रथम संस्करण 22 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित होने जा रहा है। इसकी शुरुआत 22 जनवरी 2026 को उत्तराखंड की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमान पुष्कर सिंह धामी जी करेंगे। सात दिवसीय यह आयोजन अजबपुर स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में होगा। यह आयोजन हिमालयी क्षेत्र के सांस्कृतिक और सिनेमाई परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। फेस्टिवल का नेतृत्व फेस्टिवल डायरेक्टर नरेंद्र रौथाण कर रहे हैं, जो उत्तराखंड के एक प्रतिष्ठित निर्माता, निर्देशक, लेखक, लोकगायक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं। संगीत, फिल्म, टेलीविजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा और लोक-संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शारदा स्वर संगम के संस्थापक के रूप में उन्होंने कई अग्रणी फिल्म, टेलीविजन और सांस्कृतिक पहलों का नेतृत्व किया है, जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाने वाला मंच आवाज़ सुनो पहाड़ों की भी शामिल है। स्वतंत्र रचनात्मक आवाज़ों और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता फेस्टिवल की मूल दृष्टि को आकार देती है।

फेस्टिवल को वैश्विक स्तर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसमें दुनिया भर के 100 से अधिक देशों से 1,238 शॉर्ट और फीचर फिल्मों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। प्रस्तुत फिल्मों की विविधता और गुणवत्ता फेस्टिवल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुँच और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से सशक्त सिनेमाई आवाज़ों को मंच देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

फेस्टिवल की चयन समिति द्वारा की गई कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 98 फिल्मों को आधिकारिक चयन के लिए अंतिम रूप दिया गया है। ये फिल्में विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जहाँ प्रत्येक श्रेणी में 10 नामांकन होंगे, जो कहानी, शिल्प और सिनेमाई दृष्टि में उत्कृष्टता को रेखांकित करते हैं। चयनित फिल्में विषयवस्तु, प्रारूप और कलात्मक दृष्टिकोण की व्यापक विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैं।

आधिकारिक चयन श्रेणियाँ:

एनीमेशन शॉर्ट फिल्म
डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म
एक्सपेरिमेंटल शॉर्ट फिल्म
लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म
फीचर फिल्म
डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म

चयन समिति में अनुभवी फिल्मकार और सांस्कृतिक पेशेवर शामिल हैं, जिनमें श्रीश दोभाल (जिनकी चर्चित कृतियाँ भेड़िया धसान (2024), गडेरा (2024) और रैबार (2025) हैं), संतोष सिंह और दीपशिखा शर्मा शामिल हैं। समिति ने मिलकर एक संतुलित, समावेशी और गुणवत्ता-आधारित चयन प्रक्रिया सुनिश्चित की।

आवाज़ सुनो पहाड़ों की फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य उन फिल्मकारों को एक सार्थक मंच प्रदान करना है, जिनकी कहानियाँ सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और मानवीय सरोकारों से जुड़ी हों, साथ ही कलात्मक प्रयोग और सिनेमाई उत्कृष्टता का उत्सव मनाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

अपने प्रथम संस्करण के रूप में यह फेस्टिवल देहरादून को स्वतंत्र और क्षेत्रीय सिनेमा के एक जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास करता है, जिससे भारत और विदेशों के फिल्मकारों, दर्शकों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों के बीच संवाद को बढ़ावा मिलेगा। यह फेस्टिवल फिल्म, मीडिया और एनीमेशन के छात्रों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, क्योंकि देहरादून को एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में जाना जाता है। स्क्रीनिंग, चर्चाओं और उद्योग पेशेवरों से संवाद के माध्यम से छात्रों को समकालीन सिनेमा की व्यावहारिक समझ और सीखने के महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होंगे।

पाँच दिनों के दौरान फेस्टिवल में फिल्म स्क्रीनिंग, पैनल चर्चाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो उत्तराखंड की सुरम्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पृष्ठभूमि में फिल्मकारों, उद्योग विशेषज्ञों, छात्रों और सिनेप्रेमियों को एक साथ लाएँगे।

फेस्टिवल के कार्यक्रम, स्क्रीनिंग और अन्य आयोजनों से संबंधित विस्तृत जानकारी शीघ्र ही घोषित की जाएगी।

प्रेस वार्ता में उपस्थित सदस्य नरेंद्र राठौड़ बलवीर सिंह पवार हेमंत कुमार थपलियाल प्रशांत जी संतोष रावत अरुण फारसी पूजा चौहान आरती बडोला कौशल्या देवी प्रियांशु प्रोग्राम मनोज दसवानी अमन नौटियाल आनंद सिंह रावत