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उपनल कर्मचारियों को “समान कार्य–समान वेतन” पर मुहर, कर्मचारियों ने मंत्री सुबोध उनियाल का जताया आभार

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राज्य सरकार द्वारा 10 वर्षों से निरंतर सेवायोजित उपनल कर्मचारियों को “समान कार्य–समान वेतन” का निर्णय लिए जाने के उपरांत आज उपनल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने माननीय मंत्री श्री सुबोध उनियाल से भेंट कर आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उपनल कर्मचारियों के हित में गठित समिति की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने सदैव कर्मचारियों को यह आश्वस्त किया था कि राज्य सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों के अनुरूप निर्णय लेने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के हित संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें न्यायसंगत लाभ प्राप्त होगा।

मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी कर्मचारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भविष्य में भी सरकार कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करती रहेगी।

DM Action:  मॉ के पावं पर गिरकर माफी मांगों, वरना होगा जिला बदरः डीएम

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डर के साये में जी रही विधवा मां विजय लक्ष्मी से न्यायालय में दोनों बेटो ने की क्षमा याचना

विधवा मॉं ने बेटों के दुर्व्यव्यहार, मारपीट के चलते बीते दिनों डीएम से लगाई थी गुहारः

जिला प्रशासन की कानूनी सख्ती से राह से भटके बेटों को याद आया मां प्रति बेटों का फर्ज

गुंडा एक्ट की कार्रवाई से बदले बिगड़ैल बेटों के सुर; विधवा मां की सुरक्षा में जिला प्रशासन की सख्ती रंग लाई

देहरादून। दिनांक 20 जनवरी 2026, बेटों द्वारा प्रताड़ित विधवा ने जिन बेटों को जन्म दिया, वही मां जब अपने बेटों के हाथों पिटने लगे और हर रात जान का डर सताने लगे तब जिला प्रशासन उसके लिए ढाल बनकर खड़ा हुआ। बंजारावाला क्षेत्र की एक लाचार विधवा मां विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से गुहार लगाई कि उसके ही बेटे नशे में उसे पीटतें है, पैसे मांगते है और जान से मारने की धमकी देते है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की बातों ने उस मां के दर्द की पुष्टि की। प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की तो बेटों को पहली बार अपनी मॉ के प्रति जिम्मेदारी एवं कर्तव्यों का एहसास हुआ।
न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगी, नशा छोड़ने और हिंसा न करने का शपथ पत्र दिया। कानून का डर और मां की चुप पीड़ा दोनों ने मिलकर बेटे को झकझोर दिया। विधवा मां के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी के मामले में जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से दोंनो पुत्रों को अपने कर्तव्यों का बोध हुआ। गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत वाद दर्ज होने के बाद दोनों बेटों ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर नशा छोड़ने और मां के साथ दुर्व्यवहार न करने का वचन दिया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद दोंनो बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त की।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, विधवाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

27 जनवरी को होगा UCC दिवस का भव्य उत्सवः देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, मुख्यमंत्री करेंगे शिरकत

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समानता और न्याय की दिशा में एतिहासिक कदम का 01 साल पूरा, 27 जनवरी को उत्तराखंड मनाएगा यूसीसी दिवस*

*सेवा, समपर्ण और उत्कृष्टता का सम्मान, यूसीसी दिवस पर अनेक होंगे सम्मानित,*

*यूसीसी दिवस की तैयारियों को लेकर सीडीओ ने ली वर्चुअल समीक्षा बैठक, नोडल अधिकारियों को दिए निर्देश*

*देहरादून
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हुए एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 27 जनवरी 2026 को ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), नीबूंवाला, देहरादून में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिभाग करेंगे।

यूसीसी दिवस की तैयारियों को लेकर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह ने वर्चुअल माध्यम से विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं।

कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम को अधिक रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के उद्देश्य से ऑन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा को निर्देश दिए कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में विधि (कानून) की पढ़ाई कर रहे छात्रों की कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित की जाए। वहीं शिक्षा अधिकारी को यूसीसी दिवस के परिप्रेक्ष्य में विद्यालयों में निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित कराने तथा विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक लाने-ले जाने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में बार काउंसिलिंग एवं स्थानीय बार एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग को मंच, हॉल, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन एवं टेंटेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा, यातायात एवं वाहन पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ रखने को कहा गया है। वहीं परियोजना निदेशक को आमंत्रित अतिथियों को समय से निमंत्रण पत्र वितरित करने के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सूक्ष्म जलपान, पेयजल, विद्युत, परिवहन एवं स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित नोडल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

समान नागरिक संहिता दिवस का यह राज्य स्तरीय आयोजन उत्तराखंड की ऐतिहासिक पहल को जन-जन तक पहुंचाने एवं सामाजिक समरसता के संदेश को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

CM धामी की डिजिटल पहल: ई-गवर्नेंस से सरकारी सेवाएं अब सरल, पारदर्शी और त्वरित

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ऑफिस नहीं, घर बैठे मोबाइल से सेवाएं, धामी सरकार ने आसान बनाया प्रशासन

*देहरादून ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शासन-प्रशासन की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहित केंद्रित बनाने के लिए ई-गवर्नेंस को सशक्त आधार के रूप में विकसित किया है। इस प्रणाली के माध्यम से न केवल जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है, बल्कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ रही है।

राजधानी देहरादून में शुरू विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं और जनहित पोर्टलों के जरिए आम नागरिक अब घर बैठे आवेदन, शिकायतें और सुझाव दर्ज करा रहे हैं। डिजिटल तकनीक के प्रयोग से नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक सीधी पहुंच और समय एवं संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो रही है।

ई-गवर्नेंस के तहत ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली, जनसुनवाई पोर्टल, डिजिटल प्रमाण पत्र सेवाएं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल, रोजगार प्रयाग पोर्टल, भूदेव ऐप और विभागीय एप्स जैसे सीएम हेल्पलाइन 1905, ई-ट्रांसपोर्ट और अपणी सरकार पोर्टल की सेवाएं नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं। इससे कार्यालयों के चक्कर कम हुए हैं और भ्रष्टाचार पर रोक लगी है।

वृद्धावस्था पेंशन के लिए ई-सेवा का लाभ उठाने वाले देवेंद्र सिंह के मामले में उनकी पुत्री सोनिया रावत ने बताया कि आय प्रमाण पत्र 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन प्राप्त हो गया, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ा।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि प्रशासन भी डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है और अब अधिक से अधिक प्रमाणपत्र तथा जन कल्याणकारी योजना के आवेदन ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। जिला योजना के तहत कृषि संबंधी सभी योजनाओं की पहली फेज की एप्लीकेशन भी ऑनलाइन कर दी गई है।

ई-गवर्नेंस प्रणाली न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण नागरिकों के लिए भी प्रभावी साबित हो रही है, जिससे सरकारी सेवाओं की जवाबदेही और समय पर निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।

राज्य की जनता से धोखा: भाजपा सांसदों ने सांसद निधि दूसरे राज्यों में लुटाई — कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

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उत्तराखंड के गांव आज भी पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के सांसद अपनी सांसद निधि का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में खर्च कर रहे हैं, ये खुली लूट है और इसका हिसाब उनको देना होगा यह कहना है उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का।

गोदियाल के अनुसार सूचना के अधिकार (RTI) से सामने आई जानकारी के अनुसार भाजपा सांसदों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में ट्यूबवेल, स्कूल, सामुदायिक भवन, सड़क और जल निकासी जैसे कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि उत्तराखंड के गांव आज भी विकास से वंचित हैं।
यह उत्तराखंड की जनता के साथ खुला विश्वासघात है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि
“उत्तराखंड के लोग पूरे देश में रहते हैं यह तर्क देकर भाजपा सांसद अपने कर्तव्यों से भाग नहीं सकते। उन्हें याद रखना चाहिए कि उन्हें सांसद उत्तराखंड की जनता ने चुना है, किसी और राज्य की नहीं।”
गोदियाल ने कहा कि देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी, चमोली जैसे क्षेत्रों में आज भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा बदहाल है, लेकिन भाजपा सांसदों की प्राथमिकता उत्तराखंड नहीं, बल्कि राजनीतिक हित हैं।
कांग्रेस मांग करती है कि:
सांसद निधि का पूरा उपयोग उत्तराखंड के विकास के लिए किया जाए
जनता के साथ हुए इस विश्वासघात पर भाजपा सांसद जवाब दें
केंद्र सरकार सांसद निधि के दुरुपयोग की जांच कराए
गोदियाल ने कहा उत्तराखंड की देवतुल्य जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब जरूर देगी।
यह विकास नहीं, विश्वासघात है।
उत्तराखंड की जनता जवाब मांगेगी।
गोदियाल ने कहा कि देवभूमि को सिर्फ भाषण मिले, विकास नहीं।
यही है भाजपा का असली चेहरा

गरिमा मेहरा दसौनी

होमगार्ड वर्दी घोटाला: प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर सरकार के अधिकारी ही कर रहे पुष्टि: सूर्यकांत धस्माना

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होम गार्ड वर्दी डंडा खरीद पर कांग्रेस ने सरकार पर किया हमला
देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है और सभी विभागों में भ्रष्टाचार व लूट की खुली छूट अधिकारियों कर्मचारियों को मिली हुई है क्योंकि सत्ता का आरक्षण भ्रष्टाचारियों को मिली हुई है और इसकी पुष्टि स्वयं सरकार के डिजी स्तर के आला अधिकारी कर रहे हैं यह बात आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने कैंप कार्यालय ईसी रोड पर मीडिया से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिजी होमगार्ड द्वारा अपनी विजिलेंस जांच में चकित करने वाला खुलासा करते हुए जो जानकारी दी उससे राज्य में भ्रष्टाचार का स्केल पता चलता है। श्री धस्माना ने कहा कि होम गार्ड का एक सौ तीस रुपए का डंडा तीन सौ पचहत्तर रुपए में ५०० रुपए की जैकेट १५८० रुपए में व ५०० रुपए वाले जूते १५०० सौ रुपए में तीन गुणा कीमत पर खरीदे जाना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार करने वाले दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली किए दे रहे हैं और जब पुलिस से संबंधित एक अधीनस्थ विभाग में इस स्तर का घोटाला व भ्रष्टाचार हो रहा है तो अन्य विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है। श्री धस्माना ने कहा कि शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां आम बात है और पेपर लीक , नकल जैसी घटनाओं से पहले ही प्रदेश बदनाम है और अब होम गार्ड विभाग की कारिस्तानी से प्रदेश के भ्रष्टाचार की चर्चा पूरे देश में हो रही है। श्री धस्माना ने कहा कि खनन आबकारी जमीनों के घोटालों से लेकर अब पुलिस और होम गार्ड महकमे में भ्रष्टाचार से कांग्रेस के प्रदेश सरकार के संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार की पुष्टि हो गई है और ऐसी भ्रष्टाचारी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सादर
सूर्यकांत धस्माना
सदस्य एआईसीसी व
वरिष्ठ उपाध्यक्ष
प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड

शिक्षा विभाग में कई वरिष्ठ अधिकारियों को मिली पदोन्नति:   नई जिम्मेदारी सौंपी गई

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संयुक्त निदेशक पद पर 5 तो उप निदेशक पद पर 4 अधिकारी पदोन्नत

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग में उप निदेशक के पद पर कार्यरत पांच अधिकारियों को पदोन्नति के उपरांत संयुक्त निदेशक पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार खण्ड शिक्षा अधिकारी से पदोन्नत हुये चार अधिकारियों को उप निदेशक पद पर नई तैनाती दी गई है। जबकि विभन्न जनपदों में तैनात संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को विभिन्न रिक्त पदों के सापेक्ष अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस संबंध में शासन के तैनाती प्रस्ताव पर विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने संस्तुति दे दी है।

शिक्षा विभाग में पिछले दिनों उप निदेशक स्तर के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को डीपीसी के उपंरात पदोन्नति दी गई थी। जिनमें अत्रेश सयाना, आशुतोष भण्डरी, नागेन्द्र बत्र्वाल, कमला बड़वाल, हरक राम कोहली शामिल थे। पदोन्नति के बाद शासन ने सभी को नई तैनाती दे दी है। जिसमें अत्रेय सयाना को मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी, अशुतोष भण्डारी व नागेन्द्र बत्र्वाल को संयुक्त निदेशक (प्राथमिक) शिक्षा निदेशालय, कमला बड़वाल को मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी व हरक राम कोहली को मुख्य शिक्षा अधिकारी अल्मोड़ा की जिम्मेदारी दी है। जबकि प्राचार्य डायट गोपेश्वर आकाश श्रीवास्तव को मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार प्राचार्य डायट रूद्रप्रयाग सी.पी. रतू़ड़ी को सचिव उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर, तरूण पंत जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पिथौरागढ़ को मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़ व अमित कोठियाल जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) उत्तरकाशी को मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वहीं खण्ड शिक्षा अधिकारी के पद से पदोन्नत चार अधिकारियों को उप निदेशक पद पर नई तैनाती दी गई है। जिसके तहत नरेश कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरिद्वार के पद पर तैनाती के साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। जबकि अमित कुमार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) हरिद्वार, हिमांशु नौगांई को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) पिथौरागढ़, तथा अंशुल बिष्ट को जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) पौड़ी का दायित्व सौंपा गया है। विभागीय मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शासन द्वारा प्रस्तुत अधिकारियों के तैनाती प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है साथ ही उन्होंने तैनाती आदेश शीघ्र जारी कर के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

शिक्षा विभाग में अधिकारियों एवं शिक्षकों को ससमय पदोन्नति देने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके तहत हाल ही में सम्पन्न डीपीसी के उपरांत आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों की तैनाती से विभागीय कार्यों को गति मिलने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

Action: अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, कई स्थानों पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

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बिना मानचित्र निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़े तो टूटेगा निर्माण, एमडीडीए का साफ संदेश

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत हो रहे अवैध निर्माणों एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में आज विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें सील एवं ध्वस्त किया गया। एमडीडीए की टीम द्वारा कुलदीप द्वारा पैसिफिक गोल्फ, कुल्हान, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल के आदेशों के क्रम में सहायक अभियंता श्री शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सुश्री विदिता कुमारी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में सम्पन्न की गई।

इसके अतिरिक्त भावेश जोशी एवं अन्य द्वारा वीरभद्र रोड, वीरभद्र शिव मंदिर के समीप, ऋषिकेश क्षेत्र में किए गए अवैध आवासीय भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता श्री अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता सुश्री पूनम सकलानी तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

वहीं मकबूल इरफान, अरविंद मनोडी एवं अन्य द्वारा आरकेडिया ग्रांट, देहरादून क्षेत्र में की जा रही 16 बिघा अवैध प्लॉटिंग पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान सहायक अभियंता श्री विजय सिंह रावत, अवर अभियंता श्री अभिजीत सिंह थलवाल एवं सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा।

*उपाध्यक्ष, एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर की आधारभूत संरचना, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर चेतावनी दिए जाने के बावजूद यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। एमडीडीए पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

*सचिव, एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण द्वारा की जा रही सभी कार्रवाई पूर्णतः नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अवैध निर्माणों को पहले चिन्हित कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जाते हैं, इसके उपरांत आवश्यक होने पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। एमडीडीए का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि नियोजित विकास को प्रोत्साहित करना है। सभी नागरिकों से अपेक्षा है कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि शहर का सुव्यवस्थित और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

भाजपा मीडिया प्रभारी चौहान के आश्वासन पर स्याना चट्टी आपदा प्रभावितों का धरना स्थगित

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स्याना चट्टी में तीन सूत्री मांगों को लेकर धरना पर बैठे थे आपदा पीड़ित

बड़कोट /उत्तरकाशी: तहसील बड़कोट के स्याना चट्टी में तीन गांवों के आपदा पीड़ितों द्वारा बीते 16 जनवरी से चल रहे क्रमिक अनशन भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के आश्वासन पर समाप्त हो गया है।
सोमवार भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान और उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी
धरना स्थल स्याना चट्टी पहुंच कर पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान आपदा प्रभावित परिवारों ने अपनी विभिन्न मांगों और कठिनाइयों से अवगत कराया । श्री चौहान ने सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए धरना स्थल से जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य से दूर भाष पर संपर्क किया जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया । धरने पर बैठे पीड़ितों ने आश्वासन पर धरने को स्थगित कर दिया ।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी जयपाल रावत,संदीप राणा ,चित्रमोहन राणा , कुलदीप रावत ,जयदेव राणा, शोबन सिंह, महावीर पंवार, कुंसाल प्रधान, त्रिखेली प्रधान,कुपड़ा प्रधान ,विपिन आदि लोग मौजूद रहे है।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष मानसून सीजन में स्याना चट्टी में झील बनी थी जिसके चलते स्थानीय तीन गांवों के लोग प्रभावित हुए थे। स्थानीय प्रभावितों ने झील से मलवा हटने, सुरक्षा दीवार आदि तीन सूत्री मांगों को लेकर बीते 16 जनवरी से क्रमिक अनशन शुरू किया था जिसे सोमवार को आश्वासन के मिलने के बाद स्थगित कर दिया गया है।

तत् पश्चात सभी धरने में बैठे पीड़ित लोगों ने धरने को स्थगित किया जहां SDM महोदय बड़कोट,जयपाल रावतजी जी,संदीप राणा जी ,मंडल अध्यक्ष कालिंदी परवीन असवाल जी , महामंत्री रामकुमार डिमरी जी , प्रदीप मसेटा जी ,चित्रमोहन राणा जी , कुलदीप रावत जी,जयदेव राणा, शोबन सिंह, महावीर पंवार, कुनसाल प्रधान, त्रिखीली प्रधान,कुपड़ा प्रधान ,विपिन जी आदि लोग उपस्थित रहे

जनता दर्शन: बुजुर्ग विधवा मीना आनन्दं, लकवाग्रस्त वीरेन्द्र धीमान का रायफल क्लब फंड से मिली आर्थिक सहायता

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जिला प्रशासन का जनता दर्शन; पीड़ितों की सुनवाई; समयबद्ध निस्तारण से बढता जन विश्वास

दुर्घटना में अपने दोनो पैर गंवा चुके सूर्य प्रकाश के ऋण का निस्तारण शीघ्र

कैंसर पीड़ित सुमन एवं मोनिका की बेटियों की शिक्षा ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से पुनर्जीवित

विधवा भारती बडोला की दिव्यांग बेटी का आरटीई के तहत दाखिला न देने पर निजी स्कूल के प्रबन्धक तलब; सीईओ व डीईओ से मांगी एक्शन टैकन रिपोर्ट

मा0 मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प से प्रेरित जिला प्रशासन का जनदर्शन; सुनवाई से लेकर समयबद्ध न्याय तक

देहरादून, दिनांक 19 जनवरी 2026 (सू0वि0), मा0 मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प से प्रेरित जिला प्रशासन का जनदर्शन; सुनवाई से लेकर समयबद्ध न्याय प्रक्रिया तक जनमानस का विश्वास बढ रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनसामान्य से संबंधित कुल 158 शिकायतें/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारण की सूचना संबंधित शिकायतकर्ता को लिखित रूप में प्रेषित की जाए।
शिव एन्क्लेव, मेहूवाला निवासी नेहा ने बताया कि उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक शाखा राजपुर रोड से ₹5.00 लाख का ऋण लिया था, जिसकी मासिक किस्त ₹6,800 है। वर्ष 2023 में उनके पति सूर्य प्रकाश को करंट लगने की दुर्घटना में दोनों पैर कट गए तथा हाथों में भी आंशिक क्षति हुई, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी (शस्त्र) को बैंक से समन्वय स्थापित कर प्रकरण का यथोचित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
खेरी रोड, छदमीवाला निवासी कैंसर पीड़ित विधवा सुमन ने अपनी छोटी पुत्री कनिका की फीस माफी का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने नंदा सुनंदा योजना के अंतर्गत फीस संबंधी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चकतूनवाला के कृषकों ने शिकायत की कि एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा सरकारी बजट से निर्मित रास्ता (जिसमें सीवर लाइन भी है) बंद कर दिया गया है, जिससे खेती कार्य प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर निगम को प्रभावी कार्रवाई कर कृत कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।
डालनवाला निवासी सीमा गुप्ता ने फरवरी 2024 में सड़क दुर्घटना के कारण गंभीर फ्रैक्चर होने की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायता की मांग की। जिलाधिकारी ने हिट एंड रन योजना के अंतर्गत पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मन्नूगंज निवासी विधवा बुजुर्ग मीना आनंद ने आर्थिक तंगी तथा चंद्रशेखर आज़ाद कॉलोनी निवासी वीरेंद्र धीमान ने पैरालिसिस अटैक के कारण आजीविका में असमर्थ होने की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने राइफल क्लब फंड से सहायता दिलाने हेतु पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश प्रभारी अधिकारी शस्त्र को दिए।
ओगल भट्टा निवासी मोनिका ने अपनी बेटियों नंदिता एवं नंदिनी की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा के अंतर्गत कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने संबंधित समिति को आवश्यक प्रशिक्षण/कार्रवाई हेतु पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सहस्त्रधारा निवासी विधवा भारती बडोला ने शिकायत की कि उनकी दिव्यांग पुत्री को सरकारी मान्यता प्राप्त शालिनी पब्लिक स्कूल द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रवेश सुनिश्चित कराने तथा संबंधित विद्यालय के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनता दर्शन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच है, और इसमें प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता दर्शन कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कृष्ण कुमार मिश्रा, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून