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सरकार आपके द्वार के तहत सोरना बहुउद्देशीय शिविर आयोजित : 677 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

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शिविर में उमड़ा जन सैलाब, 108 शिकायतों में से 32 का मौके पर निस्तारण*

सरकार आपके द्वारः सुदूरवर्ती न्याय पंचायत सोरना में लगा बहुउद्देशीय शिविर

*शिविर में त्वरित सेवा, 12 वृद्धावस्था पेंशन, 08 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान, 42 आधार कार्ड अपडेशन मौके पर,*

*वयोश्री योजना के तहत 65 बुजुर्ग व दिव्यांगजनों को मिले 216 सहायक उपकरण*

*जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से जनता को मिल रहा त्वरित समाधान-विधायक*

*देहरादून।“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को विकास नगर ब्लॉक की दूरस्थ न्याय पंचायत सोरना में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 108 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 32 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

शिविर का निरीक्षण विकास नगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, राज्यमंत्री श्याम अग्रवाल, अपर सचिव अभिषेक रूहेला एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह द्वारा किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया गया।

पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत किसान सेवा सहकारी समिति के माध्यम से आशा स्वयं सहायता समूह को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ₹05 लाख का ऋण तथा कृषि कार्य हेतु रणजीत सिंह, संयज सिंह, असलम खान एवं चंद्रपाल सुयाल को ₹01-01 लाख का ऋण प्रदान किया गया।

शिविर में मौके पर ही 08 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान कार्ड तथा 42 आधार कार्ड अद्यतन किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा व्योश्री योजना के अंतर्गत 65 दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को 02 व्हीलचेयर सहित कुल 216 सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए। साथ ही 12 वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों के बैंक खातों की आधार सीडिंग की गई।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से 05 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट वितरित की गई। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, किंतु कई बार जानकारी के अभाव में लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित इन शिविरों से योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंच रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना एवं उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर मौके पर ही समस्याओं के निस्तारण के प्रयास किए जा रहे हैं।

शिविर के दौरान ग्रामीणों द्वारा विभिन्न जनसमस्याएं प्रस्तुत की गईं। होरावाला से तिलवाड़ी संपर्क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर लोक निर्माण विभाग को डामरीकरण तक गड्ढों को ठीक कराने के निर्देश दिए गए तथा गौना नदी पर पुल निर्माण हेतु शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। होरावाला से सोरना लोवर एवं रुद्रपुर से बड़वा मार्ग के चौड़ीकरण हेतु भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम गोडरिया के ग्रामीणों द्वारा कृषि भूमि की सिंचाई हेतु नलकूप स्थापना एवं पेयजल लाइन बिछाने की मांग रखी गई। चांदपुर खुर्द निवासियों द्वारा खाता-खतौनी में गड़बड़ी की शिकायत पर तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए गए। डोमरी में सिंचाई एवं जल विवाद से संबंधित मामलों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त कृषि भूमि पैमाइश, सोलर प्लांट बिल, विद्युत पोल स्थापना सहित अन्य समस्याओं पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बहुउद्देशीय शिविर के माध्यम से कुल 677 लोगों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 146, होम्योपैथिक विभाग द्वारा 81 एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा 51 लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं। पशुपालन विभाग द्वारा 101 कृषकों को पशु औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

राजस्व विभाग द्वारा आय, हैसियत एवं चरित्र प्रमाण पत्र सहित प्रधानमंत्री किसान योजना से संबंधित कुल 16 प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 38 एवं उद्यान विभाग द्वारा 20 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया गया। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 28 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी एवं यूनिट अपडेट की गई। इसके अतिरिक्त पंचायती राज विभाग द्वारा 26, मत्स्य विभाग द्वारा 14, एनआरएलएम के अंतर्गत 31, विद्युत विभाग द्वारा 07, उरेडा द्वारा 05, डेयरी विभाग द्वारा 30, सैनिक कल्याण द्वारा 08 पूर्व सैनिकों की पेंशन, पीएनबी बैंक द्वारा 24 तथा श्रम विभाग द्वारा 20 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। शिविर में 08 दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान कार्ड एवं 42 आधार कार्ड अद्यतन किए गए।

इस अवसर पर विकास नगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, राज्यमंत्री श्याम अग्रवाल, विकास नगर ब्लॉक प्रमुख नारायण ठाकुर, ज्येष्ठ प्रमुख गुलफाम अली, संयोजक संजय कोठियाल, जिला मंत्री ग्रामीण प्रमोद सिंह, पूर्व किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष महिपाल धीमान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अपर सचिव अभिषेक रूहेला, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, बीडीओ शक्ति भट्ट, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

CM हेल्पलाइन मामलों में लापरवाही पर डीएम सख्त : कहा लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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देहरादून ।,  जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक प्रकरण को पूर्ण गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ लेते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन मुख्यमंत्री स्तर की प्राथमिक शिकायत निवारण व्यवस्था है, ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि सीएम हेल्पलाइन पर कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली तथा जिन मामलों में अनावश्यक विलंब पाया गया, उनमें तत्काल निस्तारण एवं गुणवत्तापूर्ण फीडबैक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शिकायत के निस्तारण के उपरांत संतुष्टि आधारित एवं तथ्यपरक आख्या सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता से सीधे संवाद स्थापित कर समस्या की वास्तविकता समझते हुए समाधान किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता न पड़े।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कृष्ण कुमार मिश्रा, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

युवती का पीछा कर अश्लील हरकतें करने वाले अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

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महिला तथा बाल अपराधों के प्रति संवेदनशील देहरादून पुलिस

 

डालनवाला। दिनांक 18-01-2026 को वादिनी द्वारा कोतवाली डालनवाला पर एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि दिनांक: 17-01-2026 की रात्रि में ओल्ड डालनवाला रोड पर जाते समय एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनका पीछा कर अश्लील हरकतें की गयी। प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली डालनवाला पर अन्तर्गत धारा- 74/75(2)/78/(2)/79/296(ए) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।

घटना की सवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु कोतवाली डालनवाला पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। जिसके अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस-पास आने तथा जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारिंया एकत्रित की गई तथा सीसीटीवी फुटेजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त करनजीत सिंह पुत्र स्व0 संतोष सिंह निवासी- 203 ओल्ड डालनवाला, करनपुर, देहरादून उम्र 25 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*

करनजीत सिंह पुत्र स्व0 संतोष सिंह निवासी- 203 ओल्ड डालनवाला, करनपुर, देहरादून उम्र 25 वर्ष

दून मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब का दूसरा NABL ऑडिट ‌‌‌ हुआ संपन्न

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देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के बायोकेमिस्ट्री विभाग की सेंट्रल लैब का दूसरा NABL ऑडिट सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुशवाहा ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस ऑडिट में कुछ मामूली सी अनियमितताएं (Non-Conformities) पाई गई हैं, जो लैब की उच्च गुणवत्ता एवं सुदृढ़ कार्यप्रणाली को दर्शाती हैं।
यह ऑडिट दो कार्यदिवसों—शनिवार एवं रविवार (17 व 18 जनवरी 2026) को आयोजित किया गया। सेंट्रल लैब इस क्षेत्र की चुनिंदा NABL प्रमाणित प्रयोगशालाओं में शामिल है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में यह एकमात्र NABL प्रमाणित लैब है।
डॉ. कुशवाहा ने बताया कि यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण, किफायती एवं सुलभ निदान सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थान की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है तथा आमजन को विश्वसनीय एवं विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NABL की ओर से ऑडिट प्रक्रिया में लीड ऑडिटर डॉ. ऋचा जोशी एवं टेक्निकल असेसर डॉ. शिप्रा गुप्ता उपस्थित रहीं। दोनों असेसरों ने अपने अवलोकन में कहा कि सेंट्रल लैब के बायोकेमिस्ट्री सेक्शन द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज़ अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संधारित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे लैब द्वारा किए जा रहे समस्त कार्यों से पूर्णतः संतुष्ट हैं तथा यहां कार्यरत सभी डॉक्टर एवं तकनीशियन अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं और गुणवत्ता मानकों का सही तरीके से पालन कर रहे हैं।
ऑडिट के दौरान बायोकेमिस्ट्री विभाग के समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. निधि नेगी (प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी एवं लैब डायरेक्टर), डॉ. आरती नेगी (असिस्टेंट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी एवं क्वालिटी मैनेजर), विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुशवाहा, लैब इंचार्ज डॉ. सुनीता डी. सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नंदिनी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गौरव गुप्ता शामिल रहे।
प्राचार्या Prof ( Dr ) गीता जैन ने बताया की अगले चरण में Microbiology and Pathology Lab को भी NABL सर्टिफिकेट के लिए तैयार करेंगे। लैब में और जो भी जांच करवाने के लिए समस्त विभागाध्यक्ष को 3 दिन मे चिकित्सा अधीक्षक के माध्यम से अवगत कराने को भी कहा है।

Action: अवैध प्लॉटिंग पर MDDA का करारा प्रहार, रानीपोखरी–थानों में बड़ी कार्रवाई, 22–27 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

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मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अनियोजित विकास एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के क्रम में, पूर्णतः वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। जांच में पाया गया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्डों की बिक्री की जा रही थी।

प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

*घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में कार्रवाई*
प्राधिकरण की टीम द्वारा घमंडपुर, रानीपोखरी, देहरादून क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह एवं राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खण्डों का सीमांकन तथा कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित सड़कों, पिलरों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।

*थानों क्षेत्र में कार्रवाई*
इसी क्रम में थानों, देहरादून क्षेत्र में सोनिका नेगी एवं विशाल द्वारा लगभग 07 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आम जनता को भू-खण्डों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। प्राधिकरण द्वारा मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों एवं प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं प्राधिकरण की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समय-समय पर जनता से अपील करता रहा है कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अनियोजित विकास के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आज की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। संबंधित स्थलों पर पूर्व में निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे, इसके उपरांत नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी भूमि अथवा भू-खण्ड में निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

श्री नंदा देवी राजजात यात्रा: हिमालय की सबसे लंबी और कठिन पैदल धार्मिक यात्रा नहीं होगी इस साल

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बसंत पंचमी को जारी होगा राजजात का नया कार्यक्रम

देहरादून। उत्तराखंड की सबसे प्राचीन, कठिन और पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल नंदा देवी राजजात को स्थगित कर दिया गया है। यह यात्रा पहले सितंबर 2026 में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे वर्ष 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में नंदा देवी राजजात समिति ने औपचारिक निर्णय लिया है। कर्णप्रयाग में आयोजित बैठक के दौरान यात्रा की तैयारियों की नई रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।

समिति ने बताया कि नंदा राजजात परंपरागत रूप से हर 12 वर्षों में आयोजित होती है और पिछली पूर्ण राजजात वर्ष 2014 में संपन्न हुई थी। धार्मिक परंपरा और पंचांग गणना के अनुसार यात्रा का सही समय वर्ष 2027 ही बनता है।

बैठक में यह भी बताया गया कि सितंबर माह में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा अधिक रहता है। पूर्व में भी इस दौरान कई हादसे हो चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को एक वर्ष आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। समिति के अनुसार, आगामी वसंत पंचमी पर यात्रा की मनौती की जाएगी, जिसके बाद अंतिम तिथि और कार्यक्रम की तस्वीर साफ होगी।

कुंभ की तर्ज पर प्राधिकरण की मांग

नंदा राजजात समिति ने सरकार से मांग की है कि इस महायात्रा के लिए कुंभ मेले की तरह एक विशेष प्राधिकरण का गठन किया जाए। साथ ही, यात्रा के सुचारू आयोजन, सड़क, स्वास्थ्य, संचार और सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है।

नंदा राजजात केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा मानी जाती है। इसे हिमालय की सबसे लंबी और कठिन पैदल धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। यह यात्रा मां नंदा देवी को उनके मायके (गढ़वाल) से ससुराल (होमकुंड) तक विदा करने की परंपरा का प्रतीक है।

देवी नंदा की विदाई की कथा से जुड़ी है यह परंपरा

नंदा देवी राजजात का इतिहास गढ़वाल और कुमाऊं के राजवंशों से जुड़ा है। लोककथाओं के अनुसार, मां नंदा देवी पार्वती का ही रूप हैं और उन्हें कैलाश में भगवान शिव की ससुराल भेजने की यह विदाई यात्रा है। कहा जाता है कि एक बार मां नंदा मायके आई थीं, लेकिन कुछ कारणों से 12 साल तक ससुराल नहीं लौट पाईं। बाद में पूरे सम्मान के साथ उन्हें विदा किया गया, और तभी से यह परंपरा शुरू हुई।

चमोली से शुरू होकर यह यात्रा 250 किलोमीटर की कठिन पैदल दूरी तय करते हुए होमकुंड तक जाती है। इसे दुनिया की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। लोकमान्यताओं के अनुसार, मां नंदा देवी को भगवान शिव की अर्धांगिनी और हिमालय की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। इस महायात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं और यह उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का सबसे बड़ा प्रतीक है।

चार सींग वाला बकरा है यात्रा की खासियत

इस यात्रा की सबसे अनोखी बात है “चौशींग्या खाडू” यानी चार सींग वाला पवित्र बकरा। इसे देवी का सहायक माना जाता है, और यह बकरा ही यात्रा का नेतृत्व करता है। मान्यता है कि यह बकरा हर 12 साल में एक बार ही जन्म लेता है। यात्रा शुरू होने से पहले इसकी तलाश भी एक विशेष परंपरा होती है। श्रद्धालु इसके पीठ पर देवी के लिए गहने, सिंगार और भेंट रखते हैं। यात्रा समाप्ति के बाद यह बकरा हिमालय की ओर चला जाता है, और फिर लौटकर नहीं आता।

प्रदेश में बच्चों की जान का जोखिम बने जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन होंगे ध्वस्त

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हजारों नौनिहालों की जीवन सुरक्षा सर्वाेपरि; लंबे समय से जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों पर डीएम सख्त 7 दिन भीतर रिपोर्ट एस्टीमेट निर्मित कर ध्वस्तीकरण स्वीकृत

सभी बच्चों के पठन-पाठन की वैकल्पिक व्यवस्था की व्यवस्थित

जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत

नौनिहालों के जीवन से नही होगा खिलवाड़ बर्दाश्तः माननीय मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश

जिलें में जर्जर भवनों की रिपोर्ट में देरी पर डीएम सख्त;

डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट

डीएम ने लोनिवि को दिए थे पूर्ण एवं आंशिक निष्प्रोज्य भवनो के आंगणन तैयार करने के निर्देश थे।

देहरादून, दिनांक 18 जनवरी 2026, (सूवि), जनपद में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
जिलाधिकारी की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए ₹1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। 63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है। जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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सेवा, साधना और संस्कार का त्रिवेणी संगम यह शताब्दी समारोह नवयुग निर्माण में मील का पत्थर होगा साबित: शेखावत 

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सीएम धामी और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय मैं आयोजित ध्वज वंदन समारोह में किया प्रतिभाग

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘ध्वज वंदन समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह शताब्दी समारोह वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का साक्षात भावात्मक अभिव्यक्ति है। माताजी का संपूर्ण जीवन त्याग, बलिदान और साधना की वह ज्योति है, जिसने असंख्य जीवनों को सही दिशा और नई दृष्टि दी। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार को किसी एक संगठन की सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता, यह उस युग चेतना का वह प्रवाह है, जो व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र के उत्थान की ओर अग्रसर करता है।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक चेतना का स्मरण करते हुए कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और आदि कैलाश जैसे तीर्थस्थल भारत की आत्मा की धड़कन हैं। ऐसे पावन परिवेश में आयोजित यह शताब्दी समारोह भारतीय संस्कृति, संस्कार और साधना परंपरा के नवजागरण का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बचाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया गया है। सख्त दंगारोधी कानून एवं धर्मांतरण कानून भी लाया गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 10 हजार एकड़ से अधिक अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है।

केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार के त्रिवेणी संगम यह शताब्दी समारोह नवयुग का निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण के माध्यम से ही संभव हुआ है। जब समाज के व्यक्ति नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तभी सशक्त संस्कृति और स्थायी सभ्यता का निर्माण होता है। जनशताब्दी समारोह इसी सामूहिक चेतना को जाग्रत करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है।

शताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह समारोह किसी वैराग्यपूर्ण एकांत तपोभूमि का आयोजन नहीं है, बल्कि यह युगऋषि पूज्य आचार्यश्री का “खोया-पाया विभाग” है, जहाँ व्यक्ति स्वयं को और अपने दायित्व को पुनः खोजता है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य किसी के द्वार पर खड़ा होकर प्रतीक्षा नहीं कर रहा, वरन् यह आयोजन स्वयं आपके सौभाग्य का द्वार खोलने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने समाज परिवर्तन का संदेश देते हुए कहा कि “गंगा की कसम, यमुना की कसम, यह ताना-बाना बदलेगा। कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा।” उन्होंने जनसमूह से आत्मपरिवर्तन को ही सामाजिक परिवर्तन की प्रथम शर्त बताते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वयं बदलने का साहस करता है, तभी राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण की नींव सशक्त होती है। शताब्दी समारोह का उद्देश्य भी इसी चेतना को जाग्रत करना है, ताकि विचार, आचरण और कर्म के स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो सके।

शताब्दी समारोह के अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, राज्य मंत्री विनय रुहेला, सुदर्शन न्यूज के प्रबंध निदेशक सुरेश चव्हाण, ईडी के पूर्व निदेशक राजेश्वर सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने विशिष्ट अतिथियों सहित न्यायाधीश परविन्दर सिंह, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, स्वामी सम्पूर्णानंद जी, स्वामी वेलु बापू जी,के नारायण राव,रमेश भट्ट,दिनेश काण्डपाल, आचार्य डॉ दयाशंकर विद्यालंकार, आदि को शांतिकुंज का प्रतीक चिह्न, गंगाजली, रुद्राक्ष की माला तथा युग साहित्य आदि भेंट कर सम्मानित किया गया।

राजा दक्ष की नगरी कनखल के वैरागी द्वीप की भूमि पर जब शताब्दी ध्वज लहराया, तो मानो एक युग ने अपने गौरवशाली अतीत को नमन करते हुए नवसंकल्प लिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी व अखण्ड दीपक के शताब्दी समारोह का शुभारंभ ध्वज वंदन के साथ श्रद्धामय वातावरण में हुआ। यह आयोजन 23 जनवरी तक चलेगा।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, दायित्वधारी श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, जिला अध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण में होगी उच्च स्तरीय जांच : होगी सख्त कार्रवाई- डॉ धन सिंह  रावत

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मंत्री धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को दिए जांच के आदेश, कहा शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुई रैगिंग प्रकरण पर विभाग द्वारा सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा। दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।

नौगांव व चिन्याली सौड मार्ग और आवास गृह की मांग पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को चौहान ने सौंपा ज्ञापन 

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सेममुखेम से सप्तसेम पर्यटन मार्ग को ट्रेक आफ द ईयर 2026 घोषित करवाने की मांग

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से भेंट कर नौगांव व चिन्याली सौड मे मार्ग और आवास गृह तथा सेममुखेम से सप्तसेम पर्यटन मार्ग को ट्रेक आफ द ईयर 2026 घोषित करवाने की मांग सहित क्षेत्र मे किए गाँवों को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए ज्ञापन सौंपा।

चौहान ने ज्ञापन मे कहा कि जनपद् उत्तरकाशी के विखासखण्ड चिन्याली सौड व नौगांव के अंतर्गत आने वाले पर्यटन मार्ग व आवास गृह की अति आवश्यकता है, जिससे सम्बन्धित क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ व क्षेत्र में रहने वाले क्षेत्रवासियों को रोजगार की कमी से निजात मिले। इसमे विकासखण्ड चिन्यालीसौड के ग्राम पंचायत जगडगांव दिचली, बनकोट से सेममुखेम एवं सप्तसेम की दूरी 28 किमी0 जगडगांव तक जो कि वाहन के माध्यम से तय होती है और उक्त ग्राम सभाओं से सेमुमखेम एवं सप्तसेम की दूरी मात्र 6 किमी0 है, जो कि पैदल तय की जाती है। इस हेतु उक्त 6 किमी सेममुखेम से सप्तसेम पर्यटन मार्ग को ट्रेक ऑफ द ईयर 2026 घोषित करवाया जाय। विकासखण्ड नौगांव के पर्यटन क्षेत्र राजगढी व मां रेणुका देवी मंदिर सरनौल तथा श्रीजमदग्नि ऋषि आश्रम थान में पर्यटक आवास गृह का निर्माण हेतु स्वीकृति दी जाय।

नौगांव चिन्यालीसौड के अंतर्गत आने वाले मसाल गांव, गंगटाडी, पालर-मस्सू, पौल गांव, रौतल व मुर्खिल मे मार्ग निर्माण, मसाल गांव-गंगटाडी मोटर मार्ग पर पुल निर्माण हेतु स्वीकृति, ग्राम पालर-मस्सू से फरी तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु स्वीकृति ग्राम सभा पौल गांव में स्वीकृत सडक का सर्वे बदलने हेतु रौंतल से मुरखील मोटर मार्ग का निर्माण हेतु स्वीकृति दी जाय।

चौहान ने कहा कि इन ग्राम पंचायतो के सडक निर्माण कार्यों से गाँवों की तस्वीर बदल जायेगी और विकास तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अलावा क्षेत्र मे रिवर्स पलायन भी बढ़ेगा। चौहान ने कहा कि लोनिवि तथा पर्यटन मंत्री ने गंभीरता से इन पर निर्णय का आश्वासन दिया। साथ ही शीघ्र स्वीकृति की बात कही।

मनवीर सिंह चौहान
प्रदेश मीडिया प्रभारी
भाजपा उत्तराखंड