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अच्छी पहल: अन्वेंषण का केंद्र बनता राज्य का प्रथम आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर

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मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में घनघोर अंधकार से शिक्षा के उजाले की ओर: जिला प्रशासन की सार्थक पहल

आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर से 154 बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े

देहरादून दिनांक 18 जनवरी 2026, (सूवि) जिले में संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC), जहां भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों का माइंड रिफॉर्मेशन कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, अब शैक्षणिक शोध एवं सामाजिक अध्ययन का केंद्र भी बनता जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों के छात्र-छात्राएं यहां भ्रमण कर न केवल शोध कार्य कर रहे हैं, बल्कि बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
इसी क्रम में IMS यूनिसन यूनिवर्सिटी के 12 छात्र-छात्राओं ने डॉ. सुरेन्द्र यादव (सहायक प्रोफेसर) के नेतृत्व में इंटेंसिव केयर सेंटर का भ्रमण किया और बच्चों के साथ संवाद स्थापित किया।
इस अवसर पर ICC के बच्चों ने अतिथियों का स्वयं के हाथों से बनाए गए स्वागत कार्ड एवं सुंदर स्वागत नृत्य के माध्यम से आत्मीय स्वागत किया। इस सहभागिता से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, प्रस्तुति कौशल एवं टीमवर्क के सकारात्मक विकास की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
यह पहल न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि समाज और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संवेदनशील साझेदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। भिक्षावृत्ति, बालश्रम एवं कूड़ा बीनने जैसी परिस्थितियों से रेस्क्यू किए गए बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा, संगीत, योग, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
परिस्थितियों की मार झेल रहे, सड़कों पर बिखरे बचपन से भिक्षा का कटोरा छीनकर शिक्षा की कलम सौंपने का यह मानवीय प्रयास अब ठोस परिणाम दे रहा है।
जिला प्रशासन का यह इंटेंसिव केयर सेंटर आज आशा की किरण बन चुका है।

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन द्वारा भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए 27 बच्चों को शनिवार को इंटेंसिव केयर सेंटर से विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया।
अब तक भिक्षावृत्ति, बालश्रम एवं कूड़ा बीनने में संलिप्त कुल 267 बच्चों का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है, जिनमें से 154 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
दिसंबर 2024 से संचालित इस अभियान के अंतर्गत साधुराम इंटर कॉलेज में स्थापित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को रखा गया। इनमें 83 बच्चे भिक्षावृत्ति, 117 बच्चे कूड़ा बीनने तथा 67 बच्चे बालश्रम से रेस्क्यू किए गए।

बच्चों को शिक्षा से जोड़ने हेतु इंटेंसिव केयर सेंटर में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाया गया। जिलाधिकारी के प्रयासों से यहां पढ़ाई की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ कंप्यूटर शिक्षा, संगीत, खेल, व्यायाम, मनोरंजन एवं काउंसलिंग की सुविधाएं प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त बच्चों के आवागमन के लिए विशेष कैब सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
इस संपूर्ण कार्यक्रम की जिलाधिकारी द्वारा नियमित एवं व्यक्तिगत मॉनिटरिंग की गई। मानसिक रूप से सशक्त किए जाने के उपरांत 154 बच्चों का चरणबद्ध तरीके से विभिन्न सरकारी विद्यालयों में दाखिला कराया गया है।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि
“शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली हथियार है। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, बच्चों की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि “भिक्षावृत्ति निवारण अभियान पूर्ण सेचुरेशन तक निरंतर जारी रहेगा। रुकना कोई विकल्प नहीं है।”

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

अवैध खड़े वाहनों पर आरटीओ की सख्त कार्यवाही: परेड ग्राउंड के आसपास चलायाअभियान

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डॉ0 अनीता चमोला, आरटीओ,(प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून द्वारा आज दिनांक 17-01-2026 को परेड ग्राउण्ड, तिब्बती मार्केट, लैन्सडाउन चौक पर यातायात व्यवस्था का मौके पर निरीक्षण किया गया। इस दौरान परिवहन विभाग की इंटरसेप्टर टीम, बाईक स्क्वायड मौके पर उपस्थित थे। टीम द्वारा अवैध रूप से खड़ी 05 बसों को मौके से हटाकर रेंजर्स ग्राउण्ड में सीज कर दिया। संबंधित वाहनों के स्वामियों व यूनियन के प्रतिनिधियों को आरटीओ डॉ0 अनीता चमोला द्वारा कार्यालय में बुंलाकर वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करने के निर्देश दिये गये हैं व भविष्य के लिए कठोर चेतावनी दी गयी है।
एक टाटा मैजिक वाहन चालक नो पार्किंग जोन से सवारियां भरता पाया गया जिसको टीम द्वारा प्रपत्र दिखाने हेतु रोका गया जिस पर चालक द्वारा वाहन को भगाने का प्रयास किया गया। टीम द्वारा वाहन को सीज कर दिया गया व चालक को लाईसेंस सहित कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये है।
आरटीओ द्वारा बताया गया कि उक्त क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गयी है। नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करते पाये जाने पर 08 वाहनों के चालान भी किये गये है। आरटीओ द्वारा बताया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी व लाईसेंस के विरूद्ध भी कार्यवाही की जायेगी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के विरूद्ध दर्ज कराया मुकदमा : आरटीओ डॉ0 अनीता चमोला द्वारा बताया गया कि आज दिनांक 17 जनवरी, 2026 को शिमला बाईपास पर परिवहन कर अधिकारी सुश्री अनुराधा पन्त द्वारा चैकिंग की जा रही थी जिसमें एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक द्वारा प्रवर्तन अधिकारियों से अभद्रता की गयी तथा प्रवर्तन कार्य बाधित किया गया। इस सम्बन्ध में परिवहन कर अधिकारी द्वारा पटेलनगर कोतवाली में वाहन चालक के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरटीओ द्वारा बताया गया कि संबंधित चालक के लाईसेंस के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी से मुलाकात कर जाना हालचाल

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देहरादून: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज उत्तराखंड के दौरे पर रहे. इस दौरान उपराष्ट्रपति सी पी. राधाकृष्णन ने देहरादून में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूड़ी से मुलाकात की. उपराष्ट्रपति देहरादून स्थित उनके आवास पहुंचे थे. जहां उन्होंने उनसे मुलाकात करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली.

उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने लोकसभा सदस्य के रूप में मेजर जनरल खंडूड़ी के साथ बिताए पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने संसद में साथ काम करने की मधुर यादें साझा करते हुए एक विशेष किस्से का जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री मेजर जनरल खंडूरी से तमिलनाडु की कुछ महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग में परिवर्तित करने का अनुरोध किया था, जिसे मेजर जनरल खंडूड़ी ने तत्परता से स्वीकार कर लिया था

उपराष्ट्रपति ने मेजर जनरल खंडूड़ी के दूरदर्शी निर्णयों के लिए उनका आभार व्यक्त किया. उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे सड़कों के विस्तार ने तमिलनाडु के औद्योगिक परिदृश्य को बदल दिया.

उपराष्ट्रपति ने मेजर जनरल खंडूड़ी के समर्थन और उनकी दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए सड़क सुधारों ने ही कोयंबटूर क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने में मदद की.

बता दें मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बी सी. खंडूड़ी भारतीय सेना के एक प्रतिष्ठित अधिकारी रह चुके हैं. उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ देश की सेवा की. उनकी असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया.

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया. उत्तराखंड के विकास व प्रशासन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे. खंडूड़ी ने केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उन्होंने पहले स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया.

अपने कार्यकाल के दौरान मेजर जनरल खंडूड़ी ने ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ (Golden Quadrilateral) और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम (NHDP) को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की. जिसने भारत के सड़क बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलकर रख दी.

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर गढ़वाल आयुक्त ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

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चारधाम यात्रा को बनाएँ और भी सुरक्षित और सुविधाजनक, व्यवस्थाएं समय पर करें पूरी

*मा0 मुख्यमंत्री की पहलः चारधाम यात्रा होगी सुरक्षित, सुगम और सरल, व्यवस्थाएं होंगी मजबूत*

*चारधाम यात्रा में बडा बदलावः मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे पर पूर्ण प्रतिबंध*

*गढ़वाल आयुक्त के सख्त निर्देशः चारधाम से जुड़े कार्यो टेंडर 07 दिन में, फास्ट ट्रैक पर हो काम शुरू*

*देहरादून 17 जनवरी,2026(सू.वि)*
मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाए जाने के उद्देश्य से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों की समस्त सड़कों को दुरुस्त रखने, पार्किंग क्षमता बढ़ाने, पैदल मार्गों के सुधारीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, हेली सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

चारधाम यात्रा 2026 की इस प्रथम समीक्षा बैठक में गत वर्ष की यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं एवं अनुभवों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री एवं श्री हेमकुंड साहिब की आगामी यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने हेतु कार्ययोजना पर चर्चा की गई। गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि विगत यात्रा सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की तथा सभी के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा को और अधिक सुगम एवं सरल बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।

गढ़वाल आयुक्त ने यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से संबंधित अत्यावश्यक कार्यों की अपने स्तर पर स्क्रूटनी करते हुए एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा फास्ट ट्रैक मोड में कार्य प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिलों की मांग के अनुरूप शीघ्र ही बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले यात्रा सीजन में अत्यधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर मलवा आ गया था, जहां अस्थायी रूप से यातायात बहाल किया गया था। इस संबंध में उन्होंने एनएच, लोक निर्माण विभाग एवं बीआरओ को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर पड़े मलवे का प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर निस्तारण करते हुए सड़कों को सुचारू किया जाए।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा एक पवित्र धार्मिक यात्रा है। विगत सीजन में मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरा ले जाने से दर्शन व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आई थीं। इसे देखते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस वर्ष से चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन एवं कैमरा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। साथ ही उन्होंने बीकेटीसी को श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन एवं कैमरा सुरक्षित रखने हेतु मंदिर परिसरों में पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने बताया कि यद्यपि अभी चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित नहीं हुई हैं, तथापि अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते हैं, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के अवसर पर घोषित की जाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा अप्रैल माह से प्रारंभ होने की संभावना है, अतः सभी तैयारियों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।

गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व चारों धामों एवं यात्रा मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवा तथा आपदा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे क्रियाशील रखने की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यात्रा मार्ग के सभी होटल एवं जीएमवीएन गेस्ट हाउसों में यात्रियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था, होल्डिंग प्वाइंट एवं पार्किंग स्थलों की क्षमता विकसित करने तथा स्टेकहोल्डर्स के साथ पृथक बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। चारधाम यात्रा से संबंधित नितांत आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव तत्काल आंगणन सहित उपलब्ध कराने तथा जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यों की स्वयं निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित समाधान हेतु आपसी समन्वय एवं सीधे संपर्क बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी पौड़ी श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया, जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती निकिता खण्डेलवाल, जिलाधिकारी उत्तरकाशी श्री प्रशांत आर्या, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्री प्रतीक जैन, जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून श्री अभिनव शाह, एसएसपी हरिद्वार श्री पी.एस. डोभाल, एसएसपी पौड़ी श्री सर्वेश पंवार, एसपी टिहरी श्री टी.आर. जोशी, एसपी चमोली श्री सुरजीत सिंह पंवार, अपर आयुक्त श्री उत्तम सिंह चौहान, एमडी जीएमवीएन श्री विशाल मिश्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में रही वैश्विक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (आईआर) दिवस की धूम

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देहरादून। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून में वैश्विक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (आईआर) दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। काबिलेगौर है कि हर साल वैश्विक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (आईआर) दिवस को 16 जनवरी को मनाया जाता है। जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सेवा में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न्यूनतम चीर-फाड़ वाली, इमेज-गाइडेड प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना था, जो दर्द, जोखिम और रिकवरी समय को कम करके रोगी देखभाल में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने प्रौद्योगिकी आधारित चिकित्सा विशेषज्ञताओं को आगे बढ़ाने के महत्व पर बल दिया और नैदानिक परिणामों में सुधार लाने में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की भूमिका की सराहना की।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने पारंपरिक सर्जरी के प्रभावी विकल्प प्रदान करने में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के योगदान को स्वीकार किया।

रेडियोडायग्नोसिस विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार आजाद ने नैदानिक इमेजिंग से लेकर चिकित्सीय हस्तक्षेप तक रेडियोलॉजी के विकास के बारे में बताया और युवा डॉक्टरों को इस गतिशील क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर और सलाहकार प्रभारी डॉ. प्रशांत सारडा ने हाल की प्रगति, जीवन रक्षक प्रक्रियाओं और ऑन्कोलॉजी, संवहनी रोगों और आपातकालीन देखभाल जैसे क्षेत्रों में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला।
प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव और प्रोफेसर डॉ. मनाली ने भी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के बढ़ते क्षेत्र पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में अकादमिक चर्चाएँ और संवाद हुए, जिन्होंने रोगी-हितैषी और भविष्योन्मुखी विशेषज्ञता के रूप में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के महत्व को रेखांकित किया। समारोह का समापन समाज के हित में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में जागरूकता और उत्कृष्टता को और बढ़ावा देने की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

Action: अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का कड़ा प्रहार, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में ध्वस्तीकरण अभियान जारी

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मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आस-पास बड़ी कार्रवाई, पुरूकुल क्षेत्र में 40–50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का बुलडोजर*

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों के बाद, वर्ष 2026 में भी उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। एमडीडीए का स्पष्ट उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करना, भूमि माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा आम नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग के नाम पर ठगे जाने से बचाना है। प्राधिकरण द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी, जिस पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत देहरादून के पुरूकुल क्षेत्र, मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आसपास हरीश यादव द्वारा लगभग 40 से 50 बिघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उक्त भूमि पर बिना स्वीकृति के सड़कें, भूखंडों का चिन्हांकन एवं अन्य अवैध संरचनाएं विकसित की जा रही थीं, जो मास्टर प्लान और प्राधिकरण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन थीं। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, सुपरवाइजर, प्राधिकरण का प्रवर्तन अमला तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्रवाई को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अंजाम दिया गया। एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों एवं बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले संबंधित क्षेत्र की वैधता एवं प्राधिकरण से स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्ष 2025 में हमने रिकॉर्ड ध्वस्तीकरण कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश दिया था कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती तय है। वर्ष 2026 में भी यही अभियान पूरी मजबूती के साथ जारी है। कुछ लोग भोले-भाले नागरिकों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लोगों की जीवनभर की कमाई को भी खतरे में डालता है। एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। हम सभी भूमि माफियाओं को साफ चेतावनी देते हैं कि अवैध गतिविधियां तुरंत बंद करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अवैध प्लॉटिंग न केवल मास्टर प्लान के खिलाफ है, बल्कि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण पर भी गंभीर असर डालती है। एमडीडीए का प्रयास है कि देहरादून और मसूरी क्षेत्र का विकास सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से हो। आम नागरिकों से आग्रह है कि वे किसी भी भूमि सौदे से पहले एमडीडीए से जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्राधिकरण द्वारा आगे भी सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

“शेफ संवाद” कार्यक्रम में सीएम धामी ने किया वर्चुअल प्रतिभाग: उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों एवं पर्यटन पर हुआ संवाद

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम्रपाली विश्वविद्यालय परिसर से आयोजित श्रीअन्न आधारित “शेफ संवाद” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े युवा शेफ, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ, शिक्षाविद् एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों, श्रीअन्न आधारित खानपान और इससे जुड़े रोजगार व पर्यटन अवसरों पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से युवा शेफों ने उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन के प्रचार–प्रसार, गुणवत्ता मानकों, सरकारी प्रयासों और इस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को लेकर अनेक प्रश्न किए। शेफ शक्ति प्रसाद के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी होटलों के मेन्यू में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में मेहमानों को उत्तराखंड का पारंपरिक भोजन प्राथमिकता से परोसा जाता है, जिससे स्थानीय व्यंजनों को सम्मान और पहचान मिल सके। शेफ संजीव जुयाल द्वारा उत्तराखंड के सभी शेफों को एक साझा मंच पर लाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में पर्यटन विभाग को एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि राज्य के शेफ समुदाय को एक अंब्रेला प्लेटफॉर्म के तहत जोड़ा जा सके और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकें। वहीं, शेफ सुनील उपाध्याय द्वारा पारंपरिक उत्तराखंडी भोजन की शुद्धता, प्रमाणिकता और मानक तय करने को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है। पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी पहचान संरक्षित करने और मानकीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उत्तराखंड के स्वाद की मौलिकता बनी रहे।
उत्तराखंड के पारंपरिक भोजन में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग और कौशल विकास विभाग मिलकर इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि युवा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर अग्रसर हों। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह संवाद केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी शेफ साथियों, होटल एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए आम्रपाली विश्वविद्यालय और उसकी पूरी टीम को इस विचारशील और सार्थक “शेफ संवाद” कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संस्कारों, संस्कृति और विविध व्यंजनों की भूमि है। यहां के व्यंजन पहाड़ों की जीवनशैली, परंपराओं और आत्मा की कहानी कहते हैं। आज का पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव भी करना चाहता है। ऐसे में शेफों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे स्थानीय स्वाद के माध्यम से राज्य की पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी कहा कि आज का शेफ केवल रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संस्कृति का संवाहक, पर्यटन का ब्रांड एम्बेसडर और रोजगार सृजन का माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में स्थानीय व्यंजनों, आतिथ्य परंपरा और शेफ समुदाय का योगदान अतुलनीय है।
श्रीअन्न पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल भोजन या फसल नहीं, बल्कि उत्तराखंड के समग्र विकास का सशक्त माध्यम बन रहा है। श्रीअन्न के माध्यम से गांव, किसान और समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। मंडुवा, झंगोरा, कोदा और रामदाना जैसी फसलें कम पानी में उगने वाली, पोषक तत्वों से भरपूर और किसानों की आय बढ़ाने वाली हैं, जो उत्तराखंड की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज श्रीअन्न के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर मोटे अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक है और कुल वैश्विक उत्पादन में लगभग 38.4 प्रतिशत योगदान देता है। बदलती वैश्विक खाद्य प्राथमिकताओं के बीच फूड प्रोसेसिंग, हेल्थ फूड, होटल, कैफे, होम-स्टे और फूड स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार की सोच को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत युवा देश के विभिन्न हिस्सों से उत्तराखंड वापस लौटे हैं, जो राज्य में बढ़ते अवसरों का प्रमाण है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने शेफ समुदाय से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि सभी मिलकर उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को “लोकल से ग्लोबल” बनाने की दिशा में कार्य करें। उनकी रचनात्मकता और प्रस्तुति उत्तराखंड के स्वाद को दुनिया की थाली तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “शेफ संवाद” से निकले विचार उत्तराखंड को पर्यटन, रोजगार और संस्कृति के क्षेत्र में एक नए विजन के साथ आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे और उत्तराखंड को सशक्त, आत्मनिर्भर व गौरवशाली राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा। इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत, आम्रपाली विश्वविद्यालय से संजय मिश्रा सहित देश भर से आए अनेक प्रतिष्ठित शेफ उपस्थित रहे।

बड़ी खबर: उत्तराखंड में कई IAS और PCS अधिकारियों के हुए तबादले, सौंपीं नई जिम्मेदारी 

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देहरादून। उत्तराखण्ड शासन द्वारा आज कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), वित्त सेवा एवं प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के अधिकारियों के व्यापक तबादले किए हैं।‌ इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल द्वारा शासन की कार्यप्रणाली में गति और विभागीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जारहा है।

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सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग को उपलब्ध कराएं।

MDDA की बड़ी कार्रवाई : 40 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला ध्वस्तीकरण का बुलडोज़र

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प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं : बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने आज डोईवाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई। एमडीडीए द्वारा पूर्व में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को रोकने के निर्देश दिए गए थे, किंतु नियमों की अनदेखी जारी रहने पर यह कठोर कदम उठाया गया। प्राधिकरण का उद्देश्य अनियंत्रित विकास पर रोक लगाकर सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। अवैध प्लॉटिंग से न केवल भविष्य की आधारभूत सुविधाओं पर दबाव पड़ता है, बल्कि आम नागरिकों को भी आर्थिक एवं कानूनी नुकसान उठाना पड़ता है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

*ध्वस्तीकरण की गई अवैध प्लॉटिंग का विवरण*
रियासत अली, मोन्टी एवं आवेद अली द्वारा कुड़कावाला मार्ग, बी.एस.एफ. कैम्प के पीछे, नकट भट्टा, डोईवाला, देहरादून में लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त दीपू रावत द्वारा झबरावाला, डोईवाला, देहरादून में लगभग 08–10 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली, सुपरवाइजर एवं पर्याप्त पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहा।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के हितों के साथ भी खिलवाड़ है। प्राधिकरण का लक्ष्य नियोजित विकास सुनिश्चित करना और नागरिकों को सुरक्षित, वैध एवं सुविधायुक्त आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की भूमि क्रय करने से पूर्व एमडीडीए से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत की गई है। अवैध प्लॉटिंग करने वालों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बड़ी खबर: अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कोर्ट में जमा करवाया अपना फ़ोन: सीएम धामी का किया आभार व्यक्त

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हरिद्वार; उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर नया मोड़ सामने आया है आज उर्मिला सनावर ने अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े वायरल ऑडियो वाले फ़ोन को कोर्ट में जमा करवा दिया है। जिसके बाद न्यायालय की निगरानी में फ़ोन को सील कर सुरक्षित किया गया है।

अंकिता भंडारी‌ हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप के सिलसिले में उर्मिला सनवार शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुईं और अपना मोबाइल फोन जमा किया। कोर्ट की देखरेख में और तय प्रक्रिया के अनुसार, मोबाइल फोन को सील करके कोर्ट में सुरक्षित रख दिया गया है।

कई बार उर्मिला द्वारा वीडियो बनाकर फोन में अंकित भंडारी हत्याकांड से जुड़े सबूत होने की बात कही गई। बताया जा रहा है कि यह वही मोबाइल है, जिसमें अंकिता हत्याकांड से जुड़े अहम साक्ष्य और ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद होने का दावा किया जा रहा था। इससे पहले इस प्रकरण को लेकर बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और एसआईटी द्वारा उर्मिला सनावर से पूछताछ भी की जा चुकी है।

आगे की जांच प्रक्रिया के तहत उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के वॉयस सैंपल भी जमा कराये जाएंगे। जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी। अदालत ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अगली सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित की गई है।