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उत्तरांचल प्रेस क्लब में धूमधाम से मनाया गया लोहड़ी पर्व: सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने  मोहा मन 

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देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित लोहड़ी पर्व पर मंगलवार को क्लब परिसर में हर्षाेल्लास एवं पारंपरिक उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पत्रकारों एवं सिख समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बलविंद्र सिंह इतिहासकार व कथावाचक ने लोहड़ी पर्व का इतिहास रखा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डी.एस. मान ने लोहड़ी पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और नई ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ समाज को आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक जुनून डांस गु्रप के बच्चों ने नृत्य किया। इसके साथ ही अलाव के साथ लोहड़ी की रस्में निभाई गईं। सभी लोगों ने रेवड़ी, मूंगफली और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।

उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय राणा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रेस क्लब केवल पत्रकारों का कार्यस्थल ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक मंच भी है, जहां इस तरह के सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों से आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की बात कही।

कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब महामंत्री योगेश सेमवाल, सांस्कृतिक समिति की संयोजका मीना नेगी व सिख समुदाय के अमरजीत सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में प्रेस क्लब वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, मनबर सिंह रावत, ओपी जोशी के साथ ही आढ़त बाजार गुरूद्वारा के महासचिव गुरजार सिंह, गुरूद्वारा मच्छी बाजार के प्रधान अमरप्रीत सिंह, गुरूद्वारा पटेल नगर के महासचिव जगजीत सिंह, गरिमा मेहरा दसौनी, सूर्यकांत धस्माना, लालचन्द शर्मा, शीशपाल बिष्ट, अशोक वर्मा, देवेन्द्र पाल मोंटी, रोहित चंदेल, वीरेन्द्र सिंह बिष्ट, एडवोकेट वीरेन्द्र खुराना, शिवा वर्मा, आलोक मेहता, विशाल चंद मौर्य एवं सदस्य बड़ी संख्या में क्लब सदस्य मौजूद रहे।

मीना नेगी
संयोजक
सांस्कृतिक समिति

सीएम धामी ने चंपावत को दी 170 करोड़ की 20 परियोजनाओं  की सौगात

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सीएम धामी ने चम्पावत स्थित माता रणकोची मंदिर  पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की की कामना

सीएम धामी ने ‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट की वितरित

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की तथा मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की, जिसमें वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।

मुख्यमंत्री ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिये ₹ 170.15 करोड़ की लागत की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के विकास हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं जिसमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि दिये जाने के साथ विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग तथा रमैला-गागरी-दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण कार्य, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराई जाने की घोषणा शामिल हैं।

जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा का माध्यम नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है। माता रणकोची मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। जनपद चम्पावत में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयास से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन वर्मा, नगर पंचायत बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी, क्षेत्र पंचायत प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, नगर पालिका अध्यक्ष चम्पावत प्रेमा पाण्डेय, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव, सूरज प्रहरी, शंकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

काशीपुर किसान आत्महत्या मामला : धामी सरकार की  निर्दयी किसान- विरोधी व्यवस्था का नतीजा — यशपाल आर्य

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देहरादून।
उत्तराखंड के काशीपुर में एक युवा किसान द्वारा आत्महत्या किया जाना धामी सरकार की निर्दयी, संवेदनहीन और किसान-विरोधी व्यवस्था का सबसे भयावह प्रमाण है। यह केवल आत्महत्या नहीं है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार द्वारा एक मजबूर किसान की हत्या है।

उत्तराखंड कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आज कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि —
“कितना लाचार, मजबूर और बेबस रहा होगा वह जवान किसान, जिसके सामने पुलिस ने न्याय के सारे दरवाजे बंद कर दिए। कितना उत्पीड़न, कितनी प्रताड़ना और कितना मानसिक आतंक झेलना पड़ा होगा कि उसे अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ी।”

आर्य ने कहा कि इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया, घर का चिराग बुझ गया, मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया और एक सुहागन की मांग उजड़ गई। यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं है, बल्कि धामी सरकार की अमानवीय नीतियों का परिणाम है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा केवल चौकी प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर देना इस जघन्य अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश है। यह कार्रवाई पूरी तरह नाकाफी है।

यशपाल आर्य ने मांग की:

1. इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।

2. दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हो।

3. मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

4. किसान उत्पीड़न में लिप्त अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
आर्य ने कहा कि धामी सरकार में किसान सुरक्षित नहीं है, न्याय की कोई गारंटी नहीं है और पुलिस सत्ता के इशारों पर निर्दोषों को कुचलने का काम कर रही है।

“उत्तराखंड कांग्रेस इस किसान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और दोषियों को बेनकाब कर के रहेगी।”

गरिमा मेहरा दसौनी
उत्तराखंड कांग्रेस

प्रशासन गांव की ओर: बुराशखंडा बहुउद्देशीय शिविरः 913 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

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प्रशासन गांव की ओर के‌ तहत न्याय पंचायत बुरासखंडा में कैबिनेट मंत्री ने सुनी जन समस्याएं, 48 में से 17 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

*शिविर में बड़ी सौगातः किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर 06 पावर वीडर व 01 स्प्रंे मशीन प्रदान*

*शिविर में त्वरित सेवा, 04 दिव्यांग प्रमाण पत्र व 07 आयुष्मान कार्ड मौके पर जारी,*

*मुख्यमंत्री का संकल्पः प्रदेश के दूरस्थ गांवों की प्रत्येक समस्या का मौके पर समाधान*

*समस्या का समाधान ही हमारी प्रथम प्राथमिकता-मंत्री*

*देहरादून ।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को विकासखंड रायपुर के न्याय पंचायत बुरांसखंडा में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 48 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा तीन महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को बेबी किट वितरित की गई। साथ ही, विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिविर में कृषि विभाग द्वारा 80ः सब्सिडी पर 6 पावर वीडर एक स्प्रे मशीन कृषकों को उपलब्ध करायी गई, वहीं शिविर में चार दिव्यांग प्रमाण पत्र, 07 आयुष्मान कार्ड भी मौके पर निर्गत किए गए।

माननीय कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने बुरांसखंडा ग्राम में उद्यान संचालक केंद्र की स्थापना तथा चलचला ग्राम में बारात घर के निर्माण की मौके पर घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुवाखोली में शीघ्र ही विद्युत गृह का शुभारंभ किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान कर रही है। माननीय मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर घर जल योजना के माध्यम से प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही गांव-गांव के समग्र विकास हेतु सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मसूरी डिवीजन में सड़कों के निर्माण से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।

शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा सर्वाधिक 09 समस्याएं सड़कों से संबंधित रखी गईं, जिनमें लोक निर्माण विभाग की 05 तथा पीएमजीएसवाई की 03 समस्याएं शामिल थीं। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग की 09, विद्युत विभाग की 03, एमडीडीए की 05, ग्राम्य विकास विभाग की 04, समाज कल्याण एवं वन विभाग की 03-03 तथा बीएसएनएल की 02 समस्याएं भी शिविर में प्रस्तुत की गईं। शिविर में प्राप्त कुल 48 शिकायतों में से 17 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में कुल 913 लोगों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 301, होम्योपैथिक विभाग द्वारा 72 तथा आयुर्वेद विभाग द्वारा 66 लोगों की स्वास्थ्य जाँच कर निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। पशुपालन विभाग ने 18 कृषकों को पशु औषधियां उपलब्ध कराईं।

राजस्व विभाग द्वारा आय, हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री किसान योजना से संबंधित कुल 36 प्रमाण पत्र जारी किए गए। कृषि विभाग द्वारा 32 तथा उद्यान विभाग द्वारा 68 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं पीएम किसान निधि का लाभ प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 09 पात्र लाभार्थियों को वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन स्वीकृत की गई। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 41 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त पंचायती राज 116, रेशम विभाग 10, मत्स्य 12, एनआरएलएम के अंतर्गत 05, विद्युत विभाग के 11 तथा डेयरी 25 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्य मंत्री डा. देवेन्द्र वसीम, जिप सदस्य वीर सिंह चौहान, मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल अन्य जनप्रतिनिधियों सहित संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, एबीडीओ सुनील उनियाल, अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

जनदर्शन: जनमानस के प्रति जिला प्रशासन का विश्वासी कमिटमेंट, समाधान से लेकर सुधार तक

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टिहरी गढवाल निवासी उमा रानी को कैंसर के उपचार हेतु रायफल फंड से सहायता; सुनिता की बेटी के विवाह को आर्थिक सहायता

82 वर्षीय बुजुर्ग संतोष को परिजनों सम्पति अपने नाम करा छोड़ा लावारिस; डीएम ने दर्ज कराया भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज

एकल माता मोनिका की 2 बेटियों वं विधवा रेनू की 1 बेटी की शिक्षा नंदा-सुनंदा से होगी पुनर्जीवित; बालक की फीस माफी हेतु स्कूल प्रबन्धन को पत्र

18 माह से दाखिला खारिज को भटक रहे गौरव पंवार; डीएम ने मांगी आख्या; 1 दिन आख्या प्राप्त न होने की दशा में पटवारी निलम्बन पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का जनदर्शन आर्थिक सहायता से लेकर उपचार तक; शिक्षा से लेकर रोजगार तक

देहरादून,। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज आयोजित जन दर्शन कार्यक्रम में कुल 130 से अधिक शिकायतें/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जनपद के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जनपदों से भी फरियादी अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के निस्तारण हेतु जन दर्शन में उपस्थित हुए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के उपरांत संबंधित शिकायतकर्ता को अवश्य सूचित किया जाए, ताकि जनमानस का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
जन दर्शन कार्यक्रम में सहारनपुर रोड निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग महिल संतोष ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी संपत्ति पुत्र के नाम गिफ्ट डीड कर दी थी। पुत्र की भी मृत्यु हो चुकी है, तथा बहू द्वारा देखभाल नहीं की जा रही है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद दर्ज कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
ओगल भट्टा निवासी एकल माता मोनिका की दो बेटियों की शिक्षा पुनर्जीवित करने हेतु प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहयोग प्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कमेटी के माध्यम से परीक्षण कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
झंडा मोहल्ला निवासी विधवा रेणु देवी की पुत्री अनुष्का की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत तथा पुत्र अर्णीत की फीस माफी के लिए विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर सहयोग करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम चमेली, नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) निवासी उमा रानी ने बताया कि उनका पीजीआई चंडीगढ़ में विगत 5 वर्षों से उपचार चल रहा है तथा चिकित्सकों द्वारा कैंसर की पुष्टि की गई है। उन्होंने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने राइफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता हेतु प्रभारी अधिकारी शस्त्र को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
गांधीग्राम निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उनके पति विगत 10 वर्षों से बीमार हैं तथा आगामी मार्च माह में पुत्री का विवाह प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने पुत्री के विवाह हेतु शासन की सहायता योजनाओं से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश समाज कल्याण विभाग को दिए।
मालदेवता निवासी गौरव पवार ने 18 माह से लंबित दाखिल-खारिज प्रकरण की शिकायत की। मामला जन दर्शन में तहसील स्तर पर चिह्नित होने के बावजूद पटवारी स्तर पर लंबित पाया गया। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले दिन तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि अनुपालन न होने की स्थिति में संबंधित पटवारी के निलंबन की पत्रावली प्रस्तुत की जाए।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, तथा प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी जनहित के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करे।
इस अवसर पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगरि, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विद्युत, एमडीडीए, पेयजल, लोनिवि आदि सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

सीएम धामी ने सूचना विभाग के नववर्ष -2026 के कैलेंडर का किया विमोचन

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सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प काहे दस्तावेज:  सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कैलेंडर के आकर्षक स्वरूप, उत्कृष्ट मुद्रण एवं विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णयों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कैलेंडर के माध्यम से राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को एक सुसंगठित एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो आमजन के लिए जानकारीपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की टीम को इस उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने सदैव सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी सूचना विभाग नवीन तकनीकों, रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जनहितकारी सूचनाओं का व्यापक एवं प्रभावी प्रसार करता रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।

इस अवसर पर अपर सचिव सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव एवं उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह उपस्थित रहे।

 

सीएम धामी ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को किया पुरस्कृत

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एन.एस.एस. द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 02 लाख 24 हजार 320 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले मंगल दलों को क्रमशः 01 लाख, 50 हजार एवं 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। महिला मंगल दल धापला, नैनीताल को प्रथम, महिला मंगल दल सेमा, चमोली को द्वितीय तथा महिला मंगल दल बनाली, टिहरी गढ़वाल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। जबकि युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली को प्रथम, युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल को द्वितीय एवं युवक मंगल दल चौडीराय चम्पावत को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं एवं एन.एस.एस. अवार्ड विजेता युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एन.एस.एस. द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 02 लाख 24 हजार 320 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामी विवेकानंद जी को नमन करते हुए कहा कि विवेकानंद जी ऐसे युगद्रष्टा ऋषि थे, जिन्होंने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया। उनके द्वारा शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन ने पश्चिमी जगत को न केवल भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया बल्कि सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश भी दिया कि सनातन संस्कृति के ज्ञान, विवेक और मूल्यों में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। उनका युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था और वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश न केवल आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित भी हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप कल्चर को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं, इसलिए हमें अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति, चेतना, दर्शन और आध्यात्म की भूमि रही है। स्वामी विवेकानंद जी ने उत्तराखंड की पावन भूमि के विभिन्न क्षेत्रों में भी तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था। सरकार ने उन सभी स्थानों को चिन्हित कर राज्य में स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विश्व में सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की सर्वोच्चता स्थापित की। उनकी द्वारा दी गई शिक्षा और राष्ट्रीयता की भावना हमेशा प्रेरित करती रहेगी। रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशर खेल डॉ. आशीष चौहान उपस्थित थे।

सिटी फॉरेस्ट पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एमडीडीए का बड़ा कदम

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सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुरक्षा, सुविधा और संरक्षण पर एमडीडीए का फोकस, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में लिए गए अहम फैसले*

*समीक्षा बैठक में सीसीटीवी और कर्मचारियों की व्यवस्था पर जोर, पार्क प्रबंधन को लेकर तय हुई स्पष्ट कार्ययोजना*

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में दिनांक 12 जनवरी 2026 को सिटी फॉरेस्ट पार्क परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्क के संचालन, रख-रखाव और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक का उद्देश्य सिटी फॉरेस्ट पार्क को आम नागरिकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना रहा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिटी फॉरेस्ट पार्क न केवल एक हरित क्षेत्र है, बल्कि यह देहरादून शहर की पर्यावरणीय धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा और संवर्धन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति व्यवस्था होगी सुदृढ़*
उपाध्यक्ष महोदय ने निर्देश दिए कि पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया जाए, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। इस संबंध में आईटी अनुभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

*सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत*
बैठक में पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तथा पार्क के भीतर अतिरिक्त माली तैनात किए जाएं, ताकि आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रात्रि के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पार्क के अंतिम छोर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए वहां सुरक्षा कर्मियों के लिए एक सिक्योरिटी हट का निर्माण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पार्क की सीमाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

*सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर*
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि पूरे पार्क क्षेत्र में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पार्क के हर कोने पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का कार्य आईटी अनुभाग द्वारा शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्क के भीतर रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अभियंत्रण अनुभाग को दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आगंतुकों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।

*आपातकालीन और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मिलेगा विस्तार*
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्क परिसर में आपातकालीन सेवाओं से संबंधित आवश्यक हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त पार्क में अग्निशमन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आगजनी जैसी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।

*पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता*
उपाध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार के सिविल या कंक्रीट से संबंधित निर्माण कार्य नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण है, न कि कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार।

*प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार*
बैठक में पार्क से संबंधित स्टॉक रजिस्टर को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे संसाधनों के उपयोग और रख-रखाव में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। संबंधित अनुभागों को समयबद्ध रूप से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक के अंत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून की पहचान है और इसे सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण–अनुकूल बनाए रखना एमडीडीए की सामूहिक जिम्मेदारी है। एमडीडीए द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल पार्क की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित, सुंदर और प्रकृति के करीब अनुभव भी प्रदान करेंगे।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून शहर की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है और इसका संरक्षण एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, बायोमैट्रिक उपस्थिति और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती जैसे कदम पार्क प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन लाएंगे। भविष्य में किसी भी प्रकार का कंक्रीट निर्माण नहीं किया जाएगा, ताकि पार्क का प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता सुरक्षित रह सके।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की पहचान, उपस्थिति प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अनुभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पार्क में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है।

अच्छी पहल: जिला प्रशासन की प्रभावी व्यवस्था से जाममुक्त रहा संडे बाजार के आसपास का क्षेत्र

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जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई व्यापक व्यवस्था बैरिकेटिंग, सुनियोजित पार्किंग, वाहनों की सुव्यवस्थित आवाजाही*

जिला प्रशासन देहरादून की सुव्यवस्थित योजना एवं प्रभावी क्रियान्वयन के चलते आज आईएसबीटी में आयोजित संडे बाजार के दौरान यातायात जाम की स्थिति नहीं बनी। पिछले दो सप्ताह से संडे बाजार के कारण क्षेत्र में बार-बार जाम की समस्या उत्पन्न हो रही थी, जिस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए ठोस समाधान सुनिश्चित किया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। बाजार क्षेत्र में बैरिकेटिंग, सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था, तथा वाहनों की सुव्यवस्थित आवाजाही हेतु अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग निर्धारित किए गए। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र में पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई, जिससे यातायात का संचालन सुचारू रूप से किया जा सका।
आईएसबीटी में शिफ्ट किए गए संडे बाजार को लेकर जिला प्रशासन द्वारा मार्केट मैनेजमेंट प्लान भी प्रभावी ढंग से लागू किया गया। दुकानदारों को निर्धारित स्थानों पर ही दुकानें लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे सड़क पर अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। पार्किंग स्थलों पर वाहन क्रमबद्ध रूप से खड़े कराए गए, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव नहीं पड़ा।
आज की व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए और संडे बाजार के दौरान आमजन को यातायात संबंधी किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
जिला प्रशासन द्वारा आगे भी संडे बाजार के संचालन के दौरान इसी प्रकार की सख्त एवं प्रभावी व्यवस्थाएं लागू रखी जाएंगी, ताकि आमजन को सुरक्षित, सुगम एवं जाम-मुक्त यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

 

श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व पर आयोजित किया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

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श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष में, ऋषिकेश लक्ष्मण झूला मार्ग स्थित गुरूद्वारा श्री हेमकुंट साहिब परिसर में रविवार, 11 जनवरी को ट्रस्ट द्वारा आयोजित 14वां निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शिविर में गंगा प्रेम हॉस्पिस की चेयरपर्सन नानी मां जी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज की तथा सभी चिकित्सकों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। गुरूद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा जी ने मुख्य अतिथि के साथ-साथ शिविर में आए सभी आगंतुकों का हार्दिक धन्यवाद एवं अभिवादन किया।
बिन्द्रा जी ने बताया कि यह ट्रस्ट का 14वां स्वास्थ्य शिविर है, जिसमें हृदय रोग, आँख, ई.एन.टी., मस्तिष्क, पेट, हड्डी, दंत, स्त्री रोग, बाल रोग, नाड़ी एवं त्वचा से संबंधित रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी चिकित्सीय सेवाएं प्रदान कीं। ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। चिकित्सकों के परामर्श से ई.सी.जी., एक्स-रे, अल्ट्रासाउण्ड एवं सी.टी. स्कैन आदि जांचें भी ट्रस्ट की ओर से पूर्णतः निःशुल्क कराई गईं। शिविर के लिए 2231 से अधिक जरूरतमंदों का पंजीकरण ट्रस्ट द्वारा किया गया। रक्तदान के इच्छुक व्यक्तियों ने भी रक्तदान कर पुण्य प्राप्त किया तथा रक्तदान शिविर में लगभग 45 यूनिट से अधिक रक्त संग्रहित हुआ।
गुरूद्वारा श्री हेमकुंट साहिब ट्रस्ट निरंतर समाज सेवा में संलग्न है। ट्रस्ट द्वारा एम्स ऋषिकेश में प्रतिदिन लंगर सेवा भी प्रदान की जाती है, जिसमें मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह सेवा ट्रस्ट की मानवता एवं गुरु के सिद्धांतों के अनुरूप चल रही अखंड सेवा का हिस्सा है।
शिविर में डॉ. के.जे.एस. सभरवाल, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. मधुर उनियाल, डॉ. एन.बी. श्रीवास्तव, डॉ. कुमार गौरव शर्मा, डॉ. देवव्रत साई, डॉ. बी.एस. जज, डॉ. नईम, डॉ. लोकेश सलूजा, डॉ. सिद्धांत खन्ना, डॉ. आसिफ खान, डॉ. ले. कर्नल मौहम्मद मुजम्मिल, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. नरेन्द्र सिंह जगपांगी, डॉ. सौरभ जैन, डॉ. रंगम, डॉ. अश्वनी कंडारी, डॉ. विमल दीक्षित, डॉ. मुकेश ढांडा, डॉ. सचिन रस्तोगी, डॉ. गिग्गल रस्तोगी, डॉ. महेश कुड़ियाल, डॉ. शेषेंद्र सक्सेना, डॉ. एकता कौर, डॉ. ए.पी.एस. औलख, डॉ. अखिलेश पांडे, डॉ. हरीश कोहली, डॉ. हर्ष जौहरी, डॉ. तरणजीत सिंह, डॉ. पूजा, डॉ. आरती शर्मा, डॉ. प्रियंका गोयल, डॉ. लतिका चावला, डॉ. कंवलदीप सिंह, डॉ. अपूर्व जैन, डॉ. उत्कर्ष शर्मा, डॉ. परविन्दर सिंह, डॉ. एस.एस. खाम्बे, डॉ. मीना खाम्बे, डॉ. तान्या शारदा, डॉ. अर्चना गुलाटी, डॉ. हररीशुप्रीत कौर, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. दीपशिखा, डॉ. वैष्णवी प्रसाद, डॉ. हिमानी सिह आदि डॉक्टरों ने जरूरतमंदों की स्वास्थ्य जांच की।
शिविर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश (एम्स), निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट, गंगा प्रेम हॉस्पिटल, अमृतसर आई क्लीनिक की टीमों के अलावा श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के एन.सी.सी. कैडेट्स ने भी विशेष योगदान दिया।
ट्रस्ट की यह सेवा गुरु महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने का निरंतर प्रयास है।