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पद्मश्री अनिल जोशी की FIR के आधार पर CBI जांच का आदेश – न्याय नहीं, न्याय को भटकाने की साजिश है – गरिमाश

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड सरकार द्वारा पद्मश्री अनिल जोशी की एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच के आदेश देना कहीं न कहीं पूरी जांच को भटकाने और असली मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास प्रतीत होता है, यह कहना है उत्तराखंड कांग्रेस की नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी का

गरिमा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस जघन्य हत्याकांड में एक बेटी की जान गई, उस मामले में सरकार ने पीड़ित परिवार को ही प्रक्रिया से बाहर रखने का प्रयास किया है।

दसौनी के अनुसार सवाल यह है कि —
जब अंकिता भंडारी के माता-पिता ने स्वयं मुख्यमंत्री को लिखित अर्जी दी है,
तो फिर उनकी तहरीर के आधार पर सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई गई?

क्या सरकार पीड़ित परिवार की आवाज से डर रही है?
क्या सरकार उन ताकतों को बचाने की कोशिश कर रही है जिनके नाम इस पूरे मामले में सामने आते रहे हैं?

न्याय की प्रक्रिया में सबसे पहला अधिकार पीड़ित परिवार का होता है।
लेकिन इस मामले में सरकार ने जानबूझकर पीड़ित पक्ष को हाशिये पर डाल दिया है, जिससे पूरी जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गरिमा ने कहा कि हम मांग करते हैं कि
1. सीबीआई जांच पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर दर्ज की जाए।
2. जांच की हर प्रक्रिया में अंकिता के माता-पिता को पक्षकार बनाया जाए।
3. जांच की निगरानी सिटिंग जज की देखरेख में हो।
4. दोषियों को बचाने की किसी भी साजिश की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
अगर सरकार सच में न्याय चाहती है, तो उसे पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना होगा, न कि उनके अधिकारों को कुचलना होगा।
गरिमा ने कहा अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में उत्तराखंड की जनता चुप नहीं बैठेगी।

गरिमा मेहरा दसौनी

 

हल्द्वानी में किसान द्वारा की गई आत्महत्या को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर बोला हमला

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उधमसिंह नगर से सामने आई किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या की खबर अत्यंत दुखद, चिंताजनक और राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर करने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के गृह जनपद में एक किसान न्याय की तलाश में अपनी जमीन की रक्षा की लड़ाई लड़ता रहा, लेकिन उसे प्रशासन और पुलिस से राहत नहीं, बल्कि अपमान, धक्के और गाली-गलौज मिली। यह स्थिति न केवल अस्वीकार्य है बल्कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था पर एक गहरा प्रश्नचिन्ह है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सुरक्षा, शिकायतों पर कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना था, परंतु आज सरकार के संरक्षण में संस्थाएं पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी हैं। जमीनों के धोखाधड़ी नेटवर्क से लेकर भ्रष्टाचार तक, आम नागरिक को बचाने वाली प्रणाली अब उन्हीं के खिलाफ खड़ी दिखाई देती है। किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या इसी सड़े हुए तंत्र की प्रत्यक्ष तस्वीर है।
कुछ ही दिन पहले हरिद्वार में पुलिस अभिरक्षा में एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या की गम्भीरता अभी ठंडी भी नहीं हुई थी, और अब एक किसान ने आत्महत्या कर प्रशासन और सरकार के व्यवहार को कठघरे में खड़ा कर दिया। ये घटनाएं इशारा करती हैं कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था बिखर चुकी है और सरकारी मशीनरी जनता के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल हो चुकी है।
कांग्रेस पार्टी इस घटना की निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई, और राज्य में बढ़ते भूमि घोटालों के खिलाफ विशेष अभियान की मांग करती है। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह बयानबाज़ी छोड़कर जमीन पर कार्रवाई करें और अपनी व्यवस्था को पटरी पर लाएं।
हम किसान सुखवंत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। लेकिन यह संवेदना पर्याप्त नहीं बल्कि प्रदेश की जनता को न्याय चाहिए। उत्तराखंड कांग्रेस हर नागरिक के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहेगी।

— करन माहरा
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस एवं CWC सदस्य

हजारा बुणजाई बिरादरी 1950, देहरादून द्वारा लोहड़ी के भव्य वार्षिकोत्सव ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

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हजारा बुणजाई बिरादरी 1950, देहरादून (पंजी.) द्वारा लोहड़ी के वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन

 

आज देहरादून के पटेल नगर क्षेत्र स्थित मानभावन वेडिंग प्वाइंट में हजारा बुणजाई बिरादरी 1950, देहरादून (पंजी.) द्वारा लोहड़ी पर्व का वार्षिकोत्सव इस वर्ष विशेष तैयारियों के साथ भव्य स्वरूप में हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्यों एवं आमजन की सहभागिता रही। लोहड़ी जलाकर प्राचीन परंपराओं का विधिवत निर्वहन किया गया, जिसके पश्चात ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच लोहड़ी के पारंपरिक गीत गाए गए। इस अवसर पर लोहड़ी के पारंपरिक प्रसाद का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हजारा बुणजाई बिरादरी के कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर हजारा बुणजाई बिरादरी के सभी वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया गया। साथ ही सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इस वर्ष अन्य बिरादरियों के सदस्यों को भी आमंत्रित गया। पंजाबी समाज द्वारा इस अवसर पर भाईचारे, सर्वधर्म समभाव एवं सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पंजाबी लोकनृत्य, भांगड़ा, गिद्धा, पारंपरिक गीतों एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रचार मंत्री एवं मीडिया प्रभारी अभिनव थापर ने कहा कि हजारा बुणजाई बिरादरी वर्ष 1950 से निरंतर समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है और सामाजिक एकता, आपसी सौहार्द व भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है। उन्होंने कहा कि बिरादरी वर्ष 1950 से प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से लोहड़ी का वार्षिकोत्सव मनाती आ रही है, जिसके माध्यम से समाज में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ एकता और समरसता का संदेश दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष बिरादरी के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिससे आने वाले समय में बिरादरी को आगे बढ़ाने हेतु उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद निरंतर मिलता रहे।

कार्यक्रम में अध्यक्ष पवन चंडोक, महामंत्री सचिन विज, प्रचार मंत्री अभिनव थापर, संजय उप्पल, अभिषेक तलवाड़, सतीश कक्कड़, बाबूराम सहगल, संजीव पूरी, प्रद्युम्न कक्कड़, प्रदीप सुदी, संजय सुदी, धीरज ओबेरॉय, योगेश नंदा सहित बिरादरी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन अभिनव थापर व सचिन विज ने किया व अंत में सभी ने आयोजन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु सभी सदस्यों को बधाई दी।


*मीडिया विभाग*
*हजारा बुणजाई बिरादरी 1950, देहरादून (पंजी.)*

बड़ी खबर:  हल्द्वानी किसान आत्महत्या मामलें में सीएम धामी ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

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उधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी किसान द्वारा हल्द्वानी में आत्महत्या किए जाने के गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस दुखद घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस संबंध में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ से भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने दिवंगत किसान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

दून उद्योग व्यापार मंडल 11 जनवरी के बंद में नहीं होगा सम्मिलित: सीबीआई जांच पर संस्तुति पर लिया फैसला

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मुख्यमंत्री जी की संस्तुति और विधिक कार्रवाई होने के बाद औचित्यहीन और राजनीति से प्रेरित है बन्द

देहरादून 10 जनवरी, 2026 को दून उद्योग व्यापार मण्डल की पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।

बैठक में सर्व सम्मति से दिनांक 11 जनवरी, 2026 को अंकिता भंडारी हत्याकांड के चलते उत्तराखंड बंद का जो राजनैतिक दलों ने आह्वान किया है उसपर पीड़ित पक्ष की माँग को स्वीकार करते हुए सीबीआई जांच पर मुख्यमंत्री जी द्वारा संस्तुति दी जा चुकी है और विधिक कार्रवाई भी हो चुकी है अपराधी आजीवन कारावास काट रहे है, इतने के बाद भी के बाद एक औचित्यहीन और राजनीति से प्रेरित बन्द का आह्वाहन व्यापारी को नुकसान पहुंचाने का उद्देश्य मात्र है ।सभी व्यापारियों द्वारा उसका एक स्वर में विरोध किया गया है।

किसी संगठन ने अपना पक्ष रखते हुए ना तो दून उद्योग व्यापार मण्डल से संपर्क किया है ना ही कोई समर्थन माँगा गया है बस एक तानाशाही घोषणा करके व्यापारियों को डराया जा रहा । यदि किसी व्यापारी के साथ कोई छेड़खानी की गई तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । व्यापार मण्डल द्वारा एसएसपी महोदय से संपर्क करके व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की जाएगी और यदि कोई उपद्रव करता पाया जाए तो उसके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई करे पुलिस ताकि शांतिप्रिय दून का माहौल खराब ना हो ।

दून उद्योग व्यापार मण्डल, देहरादून के अध्यक्ष विपिन नागलिया जी ने कहा कि व्यापारी वर्ग किसी भी रूप से बंद का जो यह आह्वान हुआ है इसके झांसे में ना आंए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में हुए बेटी अंकिता भण्डारी जी के हत्याकांड में उत्तराखण्ड सरकार उसका त्वरित संज्ञान लेते हुए एस. आई. टी. का गठन कर दिया था और एस. आई. टी. जांच में जिन तीन लोगों पर साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित हुए थे उन्हें मा. न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा भी सुना दी गई थी तो गत दिनों में विभिन्न सामाजिक संगठनों व राजनीति से प्रेरित कुछ लोगो द्वारा कुछ विषय उठाए जिसके क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के द्वारा तुरन्त एक्शन लेते हुए यह आश्वासन दिया गया कि जो भी जांच आवश्यक होगी और पीड़ित माता पिता जो जांच कहेंगे उसको करने का काम सरकार करेगी तत्पश्चात बेटी अंकिता भंडारी जी के माता पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की तथा उनसे CBI जांच की मांग की और तुरंत उनकी मांग का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड सरकार ने CBI जांच की संस्तुति भी कर दिया है, *ऐसी स्थिति में इस बंद का कोई औचित्य नहीं है अत: दून उद्योग व्यापार मण्डल की समस्त ईकाइयां रोज की भांती अपने व्यापार प्रतिष्ठानों को खोलें व अपना व्यापार करें। रविवार के दिन जिन बाजारों में व्यापार जिस प्रकार पूर्व में संचालित होता रहा है वो यथावत वैसे ही संचालित होंगे।*

नागलिया जी ने कहा कि प्रदेश के माहौल को बिगड़ने का प्रयास नहीं होना चाहिए व्यापारी वर्ग सदैव से प्रदेश हित में कार्य करता आया है पर अब औचित्यहीन बातों पर आंदोलन करना प्रदर्शन करना और व्यापार बंद करवाना यह कदापि उचित नहीं है।

दून उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव श्री सुनिल मैंसोंन ने बताया कि दून उद्योग व्यापार मंडल का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है और रही बात बहन अंकिता भंडारी जी हत्याकांड की तो उस पर सभी आरोपी जेल में हैं और हाल ही में जो प्रदेश के अन्दर उक्त कांड में सीबीआई. जांच की मांग चल रही थी उस पर भी प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बहन अंकिता भंडारी जी के माता पिता से मिलकर उनका पक्ष जाना और प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआई जांच को स्वीकार कर लिया गया है तो ऐसी स्थिति में व्यापार और व्यापारी का कोई नुकसान ना हो अत: देहरादून के अन्दर जितने भी बाजार हैं फिर चाहे व संडे बाजार इत्यादि ही क्यूँ ना हो वह नियानयमानुसार चलते रहेंगे व खुले रहेंगे।

धन्यवाद
विपिन नागलिया
अध्यक्ष
दून उद्योग व्यापार मंडल

सुनील मेसोन
महामंत्री
दून उद्योग व्यापार मंडल

डिजिटल इंडिया: सीएम धामी ने किया 6 वेब पोर्टल का शुभारंभ: अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से मिलेंगी सत्यापित खतौनी‌

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इन वेब पोर्टलों के शुभारंभ से नागरिकों को मिलेगी बड़ी राहत : सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में राजस्व परिषद द्वारा राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों से सम्बन्धित 6 वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इसमें ई-भूलेख ( अपडेटेड वर्जन), भू-नक्शा, भूलेख अंश, भू-अनुमति, एग्री लोन एवं ई-वसूली पोर्टल ( ई – आरसीएस पोर्टल) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विज्ञान, आईटी और एआई के माध्यम से आमजन को अधिक से अधिक सहूलियत प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा इन वेब पोर्टलों के शुभारंभ से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, उनका जीवन सरल होगा एवं उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे समय की भी बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार – सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत राजस्व से जुड़ी नई सेवाओं का ऑनलाइन उपलब्ध होना महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी एवं नागरिक घर बैठे ही खतौनी सहित अन्य राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में ऑनलाइन भुगतान कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन की गई है। साथ ही भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 वेब एप्लीकेशन का नवीन संस्करण डिजिटल इंडिया की भावना, विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्यों तथा समय की मांग के अनुरूप आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उन्नत किया गया है। इस पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता एवं नागरिक सुविधा में वृद्धि होगी। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग को भी बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि ई-भूलेख पोर्टल के तहत भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन नियत शुल्क का भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से कर, प्राप्त की जा सकती है। पूर्व में खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए आमजन को तहसील आना पड़ता था, जिससे समय एवं संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती थी, जबकि अब यह सुविधा पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध है।
भूलेख अंश पोर्टल के तहत प्रदेश के भू-अभिलेखों में संयुक्त खातेदारी एवं गोलखातों में दर्ज खातेदारों एवं सहखातेदारों का पृथक-पृथक अंश निर्धारित डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस कार्यवाही में भू-अभिलेखों में खातेदारों की जाति, लिंग एवं पहचान संख्या को भी संकलित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भू-अभिलेखों का समेकित डाटाबेस तैयार किया जा सकेगा।
भू-अनुमति पोर्टल के तहत प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से भू-कानून के अनुसार प्रदेश में उद्योग एवं जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में कृषि व बागवानी के उ भूमि कय की अनुमति को पूर्णतः डिजिटलाईज किया गया है।
एग्रीलोन पोर्टल के तहत प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। किसानों को बैंक से अपनी भूमि के सापेक्ष कृषि एवं कृषि संबंधित गतिविधियों के लिए ऋण लेने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। अब किसान या भूमि स्वामी पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिए आवदेन कर सकता है। और ऋण अदायगी के उपरान्त बैंक द्वारा एन.ओ.सी जारी करने पर स्वतः ही चार्ज रिमूव भी हो जायेगा।
ई-वसूली पोर्टल के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया को पूर्णः डिजिटल बनाते हुए बैंक अथवा संबंधित विभाग अब अपने बकायेदारों से वसूली के लिए प्रकरणों को ऑनलाइन माध्यम से कलेक्टर को भेज सकेंगे, जिसमें पूरी वसूली प्रकिया की प्रत्येक स्तर पर ट्रेकिंग की जा सकेगी एवं भू-नक्शा पोर्टल के तहत भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव राजस्व एस.एन पांडेय, सचिव, आयुक्त राजस्व परिषद श्रीमती रंजना राजगुरु, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, स्टाफ ऑफिसर श्रीमती सोनिया पंत, एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक (आईटी) मनीष वालिया, नरेंद्र सिंह नेगी, संयुक्त निदेशक (आईटी) चंदन भकुनी एवं राज्य के सभी जिला मुख्यालयों से जिलाधिकारी, मंडल आयुक्त तथा विभिन्न तहसीलों से संबंधित अधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच की संस्तुति किए जाने पर उठाए सवाल

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सरकार द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की प्रेस वार्ता

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने पर धामी सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी द्वारा पहले दिन से जांच को भटकाने का काम कर उत्तराखंड की मातृशक्ति और उत्तराखंड की अस्मिता पर प्रश्न लगा कर अपमानित करने के लिए धामी जी को हमेशा जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए भेजे गए प्रतिवेदन में टर्म्स ऑफ रिफरेंस सार्वजनिक करे और यह साफ करें कि क्या यह जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में किए जाने की सिफारिश की गई है। टर्म्स ऑफ रिफरेंस या विचारार्थ विषय से यह स्पष्ट हो जाता है कि जांच किन बिंदुओं पर किया जाना है परंतु सरकार उन बिंदुओं को सीमित करके संभावित वीआईपी के होने या ना होने पर केंद्रित करके जांच को भटका रही है। इसमें कतई कोई संशय नहीं है कि वीआईपी है तथा जांच में वीआईपी को पता लगाने की बात होनी चाहिए।

टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस या जांच के दायरे में सरकार को निम्न बिंदुओं को सम्मिलित करना चाहिए:
1. जिस दौरान अंकिता भंडारी वनांतरा रिजॉर्ट में कार्य कर रही थी और जब तक उसकी हत्या हुई, उसके फोन पर जिन लोगों के फोन आए सीबीआई जांच उसे रिकॉर्ड में लाए और तत्पश्चात, वे सार्वजनिक हो।
2. अंकिता भंडारी और उसके मित्र पुष्पदीप के व्हाट्सएप चैट की प्रमाणिकता कर बताए कि वे चैट क्या अंकिता की ही थी।
3. जो अपराधी साबित हो चुके हैं उनकी व्हाट्सएप और कॉल डिटेल सीबीआई द्वारा शामिल किया जाए।
4. यमकेश्वर की विधायक रेणु बिष्ट द्वारा अंकिता के शव की बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री के अलावा जिन दो लोगों से उनकी वार्ता हुई वे लोग कौन थे और मुख्यमंत्री ने उनसे क्या-क्या बात की?
5. रेनू बिष्ट के गवाही एसआईटी के समक्ष हुई परंतु उनकी गवाही कोर्ट में क्यों नही हुई?
6. घटनास्थल की सुरक्षा एसआईटी की जिम्मेदारी थी परंतु घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने की कार्यवाही किसके आदेशों पर हुई और पुलिस द्वारा इसको क्यों नहीं रोका गया?

गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की जनता, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दल ने यह ठाना है कि तटस्थ और ईमानदार जांच के लिए 11 जनवरी 2026 को बंद का आह्वान किया है जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर तरीके से समर्थन करती है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार उनके ऊपर जितने भी मुकदमे करना चाहे, वे कर ले परंतु आमजन, युटयुबर्स, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों से संबंधित लोगों को प्रताड़ित करना बंद करें और तुरंत किए गए समस्त केस वापस ले। सभी विसलब्लोअर्स जो सरकार पर सवाल उठा रहे हैं उनकी लड़ाई को कांग्रेस पार्टी लड़ेगी।

गणेश गोदयाल ने कहा कि हल्द्वानी की ज्योति अधिकारी द्वारा वीआईपी के संदर्भ में सांकेतिक रूप में दराती उठाई गई और सरकार ने उसे पर आपराधिक मामला दर्ज कर जेल में डाल दिया जो नामंजूर है। ऐसे करतूत से सरकार बाज आए वरना कांग्रेस पार्टी लोगों की प्रताड़ना पर आंदोलन करेगी।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने उर्मिला सनावर से एसआईटी की पूछताछ के दौरान एक भाजपा महिला कार्यकर्ता की मौजूदगी पर सवाल उठाए। ज्योति अधिकारी के लिए जो संभावित प्रयास किए जा सकते है उस पर महिला कांग्रेस कार्य कर रही है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के ऊपर जो भी मुकदमे करें वह उन्हें डटकर लड़ेंगे।

प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता सुजाता पॉल, राजीव महर्षि, गिरीश हिन्दवान, मौजूद रहे।

राज्यपाल ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश को दिलाई शपथ

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देहरादून। राज्यपाल ले.ज.(से.नि.) गुरमीत सिंह ने आज लोक भवन देहरादून में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को पद की शपथ दिलायी। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राष्ट्रपति द्वारा न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति बनाए जाने से संबंधित अधिपत्र पढ़ा।


शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आशीष नैथानी, प्रथम महिला गुरमीत कौर, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, प्रदीप बत्रा व सविता कपूर, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, नैनीताल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता, विधि परामर्शी राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी सहित वरिष्ठ न्यायमूर्तिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण व अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में  प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव में किया प्रतिभाग

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टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में सरकार संकल्पित: सीएम धामी

टिहरी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा यूसीसी के तहत पंजीकरण करवाने वाले लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर तथा बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम को भव्य रूप दिया गया है। राज्य सरकार भी राज्य में हरिद्वार – ऋषिकेश कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं तथा झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना एवं आयुष वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिसे बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।राज्य सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया है एवं 6 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगारोधी कानून के तहत दंगाइयों से एक-एक पाई की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी तथा देवभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा बहन स्व. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी थी और आज भी उनके साथ खड़े हैं। सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया, जिसने लगभग ढाई वर्ष तक गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई।

जब अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और आगे भी राज्य सरकार उनके साथ खड़े रहेगी।

विधायक प्रीतम सिंह पंवार, विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कहा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में यूसीसी, नकल विरोधी कानून सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर थौलधार ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख ज्योत सिंह बिष्ट, संजय नेगी, विनोद उनियाल, ब्लाक भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख ख़ेम सिंह चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीबीआई जांच का आदेश देवभूमि की जनता की जीत — गणेश गोदियाल

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो, तभी सामने आएगी सच्चाई- गोदियाल

देहरादून।
उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के आदेश को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने नाकाफी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह देवभूमि की जागरूक जनता की जीत तो है, लेकिन यह जीत अधूरी है।

गोदियाल ने कहा कि केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार है। ऐसे में सीबीआई की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जिन लोगों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, वे रसूखदार पदों पर बैठे हैं और सत्ता रूढ़ दल से जुड़े हैं। ऐसे में केवल सीबीआई जांच का आदेश देना जनता की आशंकाओं को दूर नहीं करता।

उन्होंने कहा कि यह मामला इतना संवेदनशील और गंभीर है कि इसकी जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए थी, तभी सच्चाई सामने आ सकती है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सीबीआई जांच के आदेश देकर धामी सरकार ने यह स्वीकार कर लिया है कि अतीत में उनसे बहुत बड़ी चूक हुई है। यह अच्छी बात है कि सरकार ने अपनी त्रुटि सुधारने का प्रयास किया, लेकिन यह प्रयास अभी नाकाफी है।

गोदियाल ने स्पष्ट कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का खुलासा नहीं हो जाता, जब तक बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों के नाम सामने नहीं आते और उन्हें सजा नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता आज भी कई अनसुलझे सवालों के जवाब चाहती है। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सीबीआई जांच पूरी तरह टाइम-बाउंड हो, ताकि न्याय में देरी न हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।

उत्तराखंड कांग्रेस देवभूमि की बेटी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

गरिमा मेहरा दसौनी