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बड़ी खबर: सीएम धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की दी संस्तुति,  बड़ा फैसला

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देहरादून। पिछले कुछ दिनों से देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही सियासी घमासान के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा फैसला लेते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति दी है। स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति सीएम धामी ने प्रदान की है ।

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान की गई है।

सीएम धामी ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

आपदा प्रबंधन सामूहिक जिम्मेदारी, सभी विभाग समन्वय से करें कार्य : सीएम धामी

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सीएम धामी ने किया ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला में ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने शीतलहर, बाढ़, मॉक अभ्यास, हवाई यातायात सहायता की एस.ओ.पी., आपदा प्रबंधन विभाग के नववर्ष कैलेंडर 2026 एवं आपदा प्रबंधन हस्तपुस्तिका का विमोचन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा आपदा मित्रों एवं वर्ष 2025 में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। आपदा प्रबंधन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार वाहनों का भी मुख्यमंत्री ने फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रबंधन किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि समस्त प्रशासन, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और आम जनता की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को एक प्रमुख एजेंडा बनाया गया है।

उत्तराखंड सरकार भी उन्हीं के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेंसर लगाने, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम एवं आधुनिक रैपिड रिस्पॉन्स टीमों के गठन जैसे कदमों से आपदा जोखिम को घटाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में हिमस्खलन (एवलांच) एक गंभीर प्राकृतिक जोखिम है। राज्य के कई क्षेत्र हिमस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में पर्यटन, तीर्थाटन एवं पर्वतारोहण गतिविधियों को सुरक्षित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, प्रशिक्षित रेस्क्यू बलों की तैनाती तथा सुरक्षित पर्यटन प्रोटोकॉल को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

शीतलहर और अत्यधिक हिमपात से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए भी राज्य में कई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए गए हैं। सभी जिलों को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है और अलाव, रैन बसेरों तथा कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखें और अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करते हुए शीतलहर तथा हिमपात वाले क्षेत्रों में समय पर चेतावनी और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें।

शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया, जुकाम, फ्लू, निमोनिया जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सभी जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय रखना होगा। विशेष रूप से सीमांत और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, हीटिंग उपकरणों एवं प्राथमिक उपचार सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘युवा आपदा मित्र’ एवं ‘आपदा सखी’ जैसी पहल को और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के माध्यम से शीत ऋतु के दौरान होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा तथा विभागों के मध्य समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि शीतलहर धीरे-धीरे अपना प्रभाव दिखाती है, परंतु इसका असर भयावह होता है।

यह आमजन की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से संवेदनशील लोगों के जनजीवन को प्रभावित करती है। शीतलहर प्रबंधन को हमें केवल मौसमी प्रबंधन की चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व के रूप में देखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में आपदा प्रबंधन को सशक्त, संगठित और नीति-आधारित स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य राजेन्द्र सिंह, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

अच्छी पहल:  शिक्षा की ‘स्पार्क’ जलाए रख रहीं होनहार बेटियों का भविष्य संवारने में जुटे डीएम सविन

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जीविका अंथवाल का सीए बनने का सपना होगा साकार; पिता आईसीयू में है भर्ती, सीएसआर फंड 1 लाख केे साथ ही उच्च शिक्षा हेतु लैपटॉप; पिछले सप्ताह शिक्षा ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से पुनजीर्वित

नन्दिनी करेंगी नीट, बन सकेंगी डॉक्टर; सीएसआर फंड से 01 लाख; 11वीं की शिक्षा नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित

मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन बेटियों की शिक्षा को दे रहा नया जीवन

जीविका अंथवाल का सीए बनने का सपना होगा साकार, नन्दिनी राजपूत करेंगी नीट की तैयारी

सीएसआर फंड से 2 बेटियों को 1-1 लाख की सहायता, नंदा-सुनंदा से शिक्षा पुनर्जीवित

देहरादून, दिनांक 09 जनवरी 2026 (सूवि), जिलाधिकारी सविन बंसल विषम परिस्थितियों से जूझ रही होनहार बेटियों की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे परिवारों के लिए संबल बनकर उभर रहा है, जहाँ संसाधनों की कमी के बावजूद बेटियों के सपनों में उड़ान भरने का जज़्बा मौजूद है। जिला प्रशासन बेटियों की शिक्षा को नया जीवन दे रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जीविका अंथवाल (बी.कॉम द्वितीय वर्ष) एवं नन्दिनी राजपूत (कक्षा 11) को सीएसआर फंड से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। दोनों बेटियों की शिक्षा को विगत सप्ताह प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनर्जीवित की गई है।

जीविका अंथवाल- संघर्षों के बीच सीए बनने का संकल्प
जीविका अंथवाल के पिता गंभीर लीवर रोग से ग्रसित हैं और कई महीनों से आईसीयू में भर्ती हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी माता के कंधों पर है, जो अत्यंत सीमित संसाधनों में घर चला रही हैं।
शिक्षा के लिए आवश्यक लैपटॉप एवं आर्थिक सहायता हेतु जीविका की माता द्वारा जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था। पारिवारिक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से जीविका के बैंक खाते में 1 लाख रुपये हस्तांतरित किए हैं। साथ ही राइफल फंड से लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि जीविका की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके।

नन्दिनी राजपूत- नीट कर डॉक्टर बनने की तैयारी
नन्दिनी राजपूत कक्षा 11 की छात्रा हैं। वर्ष 2018 में उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हैं और पार्ट-टाइम सिलाई कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। नन्दिनी सहित उनकी तीन बेटियाँ कक्षा 12, 11 और 6 में अध्ययनरत हैं। नन्दिनी नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नन्दिनी के बैंक खाते में भी सीएसआर फंड से 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपेक्षा व्यक्त की कि शिक्षा हेतु दी गई धनराशि का उपयोग पूर्णतः बेटियों की पढ़ाई में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सीएसआर फंड का उद्देश्य सदैव पात्र एवं जरूरतमंदों के कल्याण में उपयोग करना है। उन्होंने उप जिलाधिकारी न्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं उनकी टीम को पात्रों के चयन हेतु सराहना एवं आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि परिस्थितियों की मार झेल रहे परिवारों की होनहार बेटियों की शिक्षा को जीवित रखना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। बेटियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने हौसले और आत्मविश्वास को बनाए रखें, शिक्षा की ‘स्पार्क’ को कभी बुझने न दें और अपने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर आगे बढ़ती रहें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अवैध निर्माणों पर एक बार फिर चला एमडीडीए का बुलडोजर

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मालसी-मसूरी रोड़ व ग्राफिक ऐरा यूनिवर्सिटी रोड़ पर की गई अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्यवाही

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई कर रहा है। एमडीडीए की विभिन्न टीमें अपने-अपने सेक्टरों में सक्रिय रूप से निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर सीलिंग तथा अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित कर रही हैं। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य नियोजित विकास को बढ़ावा देना, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं कानूनी विकास का लाभ देना है। एमडीडीए प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा व्यवसायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं एमडीडीए क्षेत्रान्तर्गत आज विभिन्न अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। देहरादून मालसी-मसूरी रोड, स्थित आर्यन चौधरी द्वारा किए गए अवैध निर्माण, संदीप खुराना एवं मनीष खुराना द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। इस पूरी कार्रवाई में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशानुसार सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में विधिवत रूप से पूर्ण की गई।

इसके साथ ही अतिरिक्त देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड स्थित यामीन एवं आमीर द्वारा अवैध व्यवसायिक निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। यह कार्रवाई भी संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप, नेहा एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में नियमानुसार संपन्न की गई।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा रोड, मालशी-मसूरी रोड तथा ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। एमडीडीए का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि नियमों के अनुरूप सुरक्षित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता और नियमों के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीमों द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाता है, तत्पश्चात नियमानुसार सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रवर्तन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।09/01/2026

CM  धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ: प्रेस क्लब भवन निर्माण होगा  जल्द

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उत्तरांचल प्रेस क्लब का भवन बनेगा मॉडल, कैबिनेट से मिली मंजूरी

देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब के अपने भवन का सपना अब साकार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस क्लब के भवन निर्माण को शीघ्र शुरू कराने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए एमडीडीए को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भवन एक आधुनिक, सुविधायुक्त और मॉडल प्रेस क्लब के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शुक्रवार को परेड मैदान स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तरांचल प्रेस क्लब के भवन निर्माण का प्रस्ताव उन्होंने स्वयं कैबिनेट में रखा था, जिस पर कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के हितों और उनकी सुविधाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और इसी सोच के साथ यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब और पत्रकार लोकतांत्रिक चेतना के सशक्त संवाहक हैं। उत्तरांचल प्रेस क्लब ने हमेशा निष्पक्ष, निर्भीक और विश्वसनीय पत्रकारिता की मिसाल पेश की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के बीच पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता ही समाज को भ्रम से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पत्रकारों ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में साहस और प्रतिबद्धता के साथ अपनी भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आवास, आकस्मिक सहायता और पेंशन से जुड़े विषयों पर लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के अंतर्गत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया सेंटरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा 2026-27 के सामान्य बजट में भी मीडिया सेंटरों को लेकर प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा इससे आने वाले समय में अन्य जिलों में भी पत्रकारों को अच्छी सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के प्रति उनका भी ऋण और उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा वो स्वयं भी सामान्य परिस्थितियों से उठकर राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। वो अपने कर्तव्य का निर्वाह करते रहेंगे। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने अपनी कर्तव्यों का निर्वहन पहले भी किया है और आगे भी करते रहेंगे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भवन निर्माण को लेकर कैबिनेट में लिया गया निर्णय पत्रकारों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदैव पत्रकारों के कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं और यह फैसला उसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

समारोह में मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाई, महामंत्री योगेश सेमवाल, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, मीना नेगी, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, सम्प्रेक्षक विजय जोशी एवं कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, रश्मि खत्री, वीरेन्द्र डंगवाल ‘पार्थ’, सुलोचना पयाल, मनोज सिंह जयाड़ा, हरीश थपलियाल, मनबर सिंह रावत, ओम प्रकाश जोशी, हिमांशु जोशी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, दायित्वधारी डॉ. देवेंद्र भसीन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

योगेश सेमवाल
महामंत्री

 

Action: अवैध निर्माणों के विरुद्ध एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग अभियान जारी

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एमडीडीए का संकल्प देहरादून क्षेत्र का सुरक्षित एवं पर्यावरणीय संवेदनशील तरीके से सुनियोजित विकास: बंशीधर तवारी

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) द्वारा क्षेत्राधिकार में अनियमित एवं अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी है। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में आज सिटी फॉरेस्ट पार्क, तरला नागल, सहस्रधारा रोड के पीछे स्थित एक निर्माण स्थल पर कठोर कार्रवाई की गई।

प्रकरण में श्री विक्रमप्रताप सिंह द्वारा स्वीकृत तीन सिंगल ड्वेलिंग यूनिट के मानचित्रों को आपस में जोड़कर समस्त सेट-बैकों को प्रभावित करते हुए फ्लैटों का निर्माण किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि निर्माणाधीन भवन को पूर्व में सील किए जाने के पश्चात सील को ध्वस्त कर लगातार निर्माण कार्य जारी रखा गया, जो कि नियमों का घोर उल्लंघन है। उक्त गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आज निर्माण के अशमनीय भाग को ध्वस्त किया गया ।

एमडीडीए द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन, भूमि उपयोग परिवर्तन तथा सील तोड़कर निर्माण जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

प्राधिकरण ने आम नागरिकों, बिल्डरों एवं भू-स्वामियों से अपील की है कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें तथा निर्माण को स्वीकृत मानचित्र एवं भवन उपविधियों के अनुरूप ही करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई, सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आज देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई।

सूरज द्वारा चौहान मोहल्ला, मेहुवाला, देहरादून में किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण पर कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील किया गया।

मनीष गुरुंग द्वारा सिनोला फॉरेस्ट सप्लाई रोड, देहरादून में किए जा रहे निर्माण पर नियम विरुद्ध पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

अंकित आहूजा द्वारा इंजीनियर एन्क्लेव, जाखन, देहरादून में किए जा रहे निर्माण पर भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सील किया गया।

उपरोक्त सभी कार्रवाइयाँ संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में शशांक सक्सेना एवं शैलेंद्र सिंह रावत (सहायक अभियंता), सचिन तोमर (अवर अभियंता), उमेश वर्मा, ललित नेगी, अभिजीत सिंह, संबंधित सुपरवाइजर एवं पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया का पालन किया गया।

एमडीडीए ने यह भी दोहराया कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, जल निकासी, यातायात तथा आपदा जोखिम को भी बढ़ाते हैं। प्राधिकरण भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, शिकायतों की त्वरित जांच तथा प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखेगा।

नागरिकों से अपेक्षा है कि वे नियमों का पालन कर शहर के सतत और सुरक्षित विकास में सहयोग करें।

*उपाध्यक्ष, एमडीडीए- बंशीधर तिवारी का बयान*

एमडीडीए का संकल्प है कि देहरादून क्षेत्र का विकास नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से हो। स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन या सील तोड़कर निर्माण जैसे कृत्य कानून के प्रति अवहेलना हैं, जिन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्ती होगी। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि निर्माण से पहले सभी अनुमतियाँ लें और भवन उपविधियों का पालन करें। प्राधिकरण पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। शहर के हित में नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है।

*सचिव, एमडीडीए- मोहन सिंह बर्निया का बयान*

प्राधिकरण द्वारा सभी निर्माण प्रकरणों की तकनीकी और विधिक जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है। आज जिन स्थलों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण हुआ, वे स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध पाए गए। सील तोड़कर निर्माण करना गंभीर अपराध है। एमडीडीए की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और उल्लंघन मिलने पर त्वरित कार्रवाई होगी। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण से पूर्व स्वीकृति लें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

DM सविन बंसल को उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए जर्नलिस्ट यूनियन ने किया सम्मानित

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देहरादून जनहित में उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल को आज जर्नलिस्ट यूनियनऑफ उत्तराखंड द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यूनियन की ओर से जिलाधिकारी को शॉल ओढ़ाकर एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया । उनको सम्मानित करते हुए यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी सविन बंसल एक कुशल, कर्तव्यनिष्ठ एवं दूरदर्शी प्रशासक हैं। जनता के प्रति उनका समर्पण एवं संवेदनशीलता सराहनीय है। उनके द्वारा किए जा रहे जनहितैषी कार्यों से आम जनता में संतोष और विश्वास है। यूनियन के प्रदेश महामंत्री गिरीश पंत ने कहा कि जर्नलिस्ट यूनियन का उद्देश्य पत्रकारिता की मर्यादाओं एवं परंपराओं को बनाए रखना तथा पत्रकारों के हितों एवं अधिकारों को संरक्षण प्रदान करना है।
जिलाधिकारी के सम्मान समारोह में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर प्रवीण मेहता, प्रदेश महामंत्री गिरीश पंत, प्रदेश कोषाध्यक्ष ललित बलूनी, जिला कोषाध्यक्ष ज्योति भट्ट, ललित मोहन लखेड़ा, वीरेश रोहिला, अशोक शर्मा, अफरोज खान, समीना एवं आरती वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने की देहरादून के विकास कार्यों की समीक्षा: समन्वय और समयबद्धता पर दिया जोर

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सीएम धामी ने दस्तावेजों के सत्यापन और अतिक्रमण पर सख्ती के दिऐ निर्देश

*विकास के साथ ही नवाचार पर भी ध्यान दें अधिकारी : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस की भूमिगत लाईन सहित अन्य जो भी कार्य होने हैं, उन्हें संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समयावधि के अन्दर कार्य पूर्ण करें। सभी विभाग वर्षभर में प्रस्तावित कार्यों को सूचीबद्ध कर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समय निर्धारित करते हुए ही कार्य करने की अनुमति दी जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली के बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही नियमित की जाए। जिन लोगों के गलत तरीके से दस्तावेज बने हैं, उनको निरस्त करने की कार्यवाही निरंतर की जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए, एवं नगर निगम अतिक्रमण हटाने की भी निरंतर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क एवं कॉरिडोर के विस्तार व सुधार कार्यों से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शहर में पर्यटकों एवं आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के विचार-विमर्श कर योजनाओं पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के माध्यम से जन समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग जिन योजनाओं के तहत पात्रता की श्रेणी में हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ अवश्य मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। शीतकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पुलिस को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता के साथ ही रैण्डम चैकिंग करने के निर्देश भी दिये।

कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनको समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे।

जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रमुख उपलब्धियों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। जनपद में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन करते हुए 5,590 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसी प्रकार 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के चार प्रमुख प्रोजेक्ट सहित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। साथ ही पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा एवं 12 बेडेड एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं खेल सामग्री का प्रावधान किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा-सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया गया है तथा परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट एवं दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण किया गया है।

बैठक में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायकगण श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त श्रीमती नामामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह, डीएफओ श्री अमित कंवर, सीएमओ डॉ एमके शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री प्रत्यूष सिंह, एसडीएम श्री हरि गिरी, एस.एल.ई.ओ. श्रीमती स्मृता प्रमार, एसडीएम सुश्री कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ग्रामीणों के द्वार पर सरकारः विकास नगर में 1775 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

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मौके पर निस्तारण की मिसालः 214 में से 150 शिकायतें का ऑन द स्पॉट समाधान

 मुख्यमंत्री का विज़न, जनता का विश्वास, सुशासन की मजबूत नींव-विधायक*

*देहरादून ।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर’ अभियान के तहत गुरुवार को विकास नगर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय धर्मावाला में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार की अध्यक्षता में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण किया गया और विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 1775 लोगों को लाभ प्रदान किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान, विधायक श्री सहदेव पुण्डीर, राज्य मंत्री श्याम अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

शिविर में ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी के समक्ष 214 शिकायतें प्रस्तुत कीं, जिनमें से 150 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। उप जिलाधिकारी ने विभागों से संबंधित शिकायतों को अग्रसारित करते हुए निर्देश दिए कि शेष शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आम जनता को सभी योजनाओं का लाभ पहुँचाने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान हेतु प्रत्येक न्याय पंचायत में बहुउद्देशीय शिविर लगाए जा रहे हैं।

मा० विधायक मुन्ना सिंह चौहान एवं विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि राज्य सरकार जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के माध्यम से शासन को गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर इसी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जहाँ एक ही मंच पर आमजन की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग ने एलोपैथिक में 77, होम्योपैथिक में 15 और आयुर्वेदिक में 52 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की। पशुपालन विभाग ने 17 पशुपालकों को पशु दवाएं उपलब्ध कराई। राजस्व विभाग ने 07 प्रमाण पत्र जारी किए। रीप परियोजना 51, डेयरी 86, कृषि विभाग ने 35, उद्यान विभाग ने 22 किसानों को कृषि यंत्र, बीज और पीएम किसान निधि प्रदान की। समाज कल्याण विभाग ने 35 पात्र लोगों को पेंशन स्वीकृत की। जिला पूर्ति विभाग ने 50 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी करवाई। इसके अतिरिक्त पंचायती राज विभाग ने 11 मामलों का निस्तारण किया। श्रम विभाग ने 06 श्रमिक पंजीकरण योजना के तहत लाभान्वित किया गया। बाल विकास, एनआरएलएम, श्रम, मत्स्य, विद्युत, पेयजल निगम, शिक्षा, रीप, डेयरी और ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से भी कई लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया। सेवायोजन विभाग ने 25 छात्रों को करियर काउंसलिंग दी।

शिविर में विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान, विधायक श्री सहदेव पुण्डीर, राज्य मंत्री श्याम अग्रवाल अन्य जन प्रतिनिधियों सहित तहसीलदार विवेक राजौरी, खंड विकास अधिकारी शक्ति प्रसाद भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य, विभिन्न न्याय पंचायतों के ग्राम प्रधान, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

FICCI FLO CONVENTION 2026 – द्वितीय दिवस अत्यंत उत्साह,  विचार-विमर्श एवं प्रेरणादायक सत्रों के साथ  संपन्न 

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FICCI FLO CONVENTION 2026 – द्वितीय दिवस की शुरुआत **उद्घाटन सत्र (Inaugural Day-2)** से हुई। इस अवसर पर **महामहिम राज्यपाल महोदय की धर्मपत्नी एवं फर्स्ट लेडी उत्तराखंड** द्वारा भेजे गए **वीडियो संदेश** का प्रसारण किया गया, जिसमें उन्होंने FICCI FLO द्वारा महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व विकास एवं सतत विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भूरि-भूरि सराहना की तथा सम्मेलन की सफलता हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

उद्घाटन सत्र में **मुख्य अतिथि श्रीमती गीता धामी** ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि महिलाएँ यदि संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ें, तो वे न केवल स्वयं को बल्कि पूरे समाज को सशक्त बना सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि **उत्तराखंड की महिलाएँ देशभर में अपनी पहचान रोशन करें और इसी प्रेरणा के साथ कार्य करें**।

इसके पश्चात **“संकल्प से सिद्धि तक”** विषय पर आयोजित सत्र में **सुश्री नेहा जोशी** ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्पष्ट दृष्टि, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर सकती हैं।

**तकनीकी सत्र-04 (जलवायु परिवर्तन)** के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला **“Sustainability Made Practical: From Everyday Choices to Climate Friendly Business”** में **School of Policy & Governance, Bangalore** द्वारा यह रेखांकित किया गया कि दैनिक जीवन में अपनाए गए छोटे-छोटे निर्णय और व्यवसाय में सतत उपाय किस प्रकार जलवायु-अनुकूल भविष्य के निर्माण में सहायक हो सकते हैं।

**तकनीकी सत्र-05 (वित्तीय साक्षरता)** के अंतर्गत **“Step to Healthy Finances”** विषय पर **WOMENEYSTA, गुरुग्राम** द्वारा महिलाओं को वित्तीय नियोजन, बचत, निवेश एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर **भारतीय जनता पार्टी के कोषाध्यक्ष श्री पुनीत मित्तल** ने वित्तीय प्रबंधन एवं व्यवसाय में प्रभावी मैनेजमेंट की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुदृढ़ वित्तीय समझ किसी भी व्यवसाय की सफलता की कुंजी है।

कार्यक्रम में **प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट** ने महिलाओं को निरंतर आगे बढ़ने, नेतृत्व संभालने एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं **राज्य मंत्री, श्रम विभाग, श्रीमती गीता रावत** ने महिलाओं से संवाद करते हुए श्रम क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका एवं उनके अधिकारों पर विचार साझा किए।

इसके उपरांत आयोजित **तकनीकी सत्र-06 (पैनल चर्चा)** **“Women in Business: Embedding Sustainability at the Core”** में **श्रीमती श्रीलता कृष्णन, बैंगलोर** सहित अन्य विशेषज्ञों ने व्यापार में स्थिरता को मूल तत्व के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान **श्रीमती लुबना** ने FICCI से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि FICCI FLO ने उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की दिशा दी है, तथा महिलाओं को भी निरंतर प्रगति की राह पर अग्रसर रहना चाहिए।

सम्मेलन की सफलता में **FICCI FLO Executive Members एवं Convention Team** की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर **कोमल बत्रा**, **नेहा शर्मा (नेशनल गवर्निंग बॉडी मेंबर)**, **त्रिप्ती बहल**, **मीनाक्षी सोती**, **स्मृति बट्टा** एवं **हरप्रीत कौर** की सक्रिय सहभागिता एवं कुशल आयोजन क्षमता की विशेष रूप से सराहना की गई।
अंतिम सत्र के अंतर्गत “Sustainability in Women-Led Businesses at its Core” विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की गई, जिसमें डॉ. सुरेखा डंगवाल ने महिलाओं के नेतृत्व में सतत विकास की भूमिका पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विशेष अतिथि श्री श्याम अग्रवाल एवं श्री कैलाश पंत ने भी अपने विचार साझा करते हुए महिला उद्यमिता में पर्यावरणीय एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को आत्मसात करने पर बल दिया।

अंतिम सत्र की समन्वयक (Coordinator) श्रीमती रूपा सोनी रहीं, जिन्होंने सत्र का कुशल संचालन किया। इस सत्र में श्रीमती नीतिका शर्मा, श्री पी.के. जोशी (उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), अमृत सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एकमत से यह विचार व्यक्त किया कि यदि महिलाएँ व्यापार के केंद्र में स्थिरता (Sustainability) को रखें, तो समाज और पर्यावरण दोनों के लिए सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
कार्यक्रम का समापन **वैलेडिक्टरी सत्र एवं डिस्बर्समेंट** के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सम्मेलन की समग्र उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।

**FICCI FLO Convention 2026** का द्वितीय दिवस महिला नेतृत्व, सतत विकास, वित्तीय सशक्तिकरण एवं जिम्मेदार व्यवसाय की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।