आज उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश की राजनैतिक मामलों की समिति की बैठक थी जिसमे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें महत्वपूर्ण रूप से मनरेगा और अंकिता भंडारी प्रकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। यहाँ सिर्फ़ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है यहाँ बात अधिकारो को ख़त्म करने की है मनरेगा एक मांग-आधारित रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति-आधारित योजना बनाता है, जहाँ काम की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी, यह मापदंड प्रधानों के अधिकारों को ख़त्म कर देगा, पॉवर का विकेंद्रीकरण का स्वरूप ख़त्म हो जाएगा,मूल योजना में श्रम लागत का लगभग 90ः केंद्र सरकार वहन करती थी। नए कानून में अधिकांश राज्यों के लिए यह अनुपात 60रू40 कर दिया गया है (पूर्वाेत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90रू10)। यह बदलाव राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालेगा, जिससे वे काम उपलब्ध कराने से हतोत्साहित होंगे।नया कानून राज्यों को चरम कृषि मौसम (चमंा ंहतपबनसजनतंस ेमंेवद) के दौरान 60 दिनों तक काम रोकने की अनुमति देता है, ताकि खेतों में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इससे मजदूरों की सौदेबाजी की शक्ति कम होगी और वे जमींदारों पर निर्भर होने के लिए मजबूर होंगे। पहले यह एक रोजगार गारंटी योजना थी अब ये रोजगार ना मिलना गारंटी है, उन्होंने बताया की पूरे देश में इन बदलावों को लेकर विरोध किया जाएगा जिसमे हर प्रदेश में ये एक योजना बद्ध तरीके से आयोजित होगा जिसमे एक ड्राफ्ट तैयार होगा पंपलेट जिसमे इसकी कमियां उजागर होगी जो लोकल भाषा में भी ट्रांसलेट होगा और उसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, पूरे प्रदेश में १० जनवरी को जिलेवार प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा,११ जनवरी को धरना होगा जो गांधी जी या बाबा साहेब की प्रतिमा के समझ होगा, १२ जनवरी से २९ फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य में अंकिता भंडारी हत्याकांड में आए नए खुलासे से पूरा देश स्तब्ध है, आक्रोशित है और जब तक पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराने की घोषणा नहीं होती कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।
पत्रकार वार्ता का संचालन पूर्व मीडिया चेयरमैंन राजीव महर्षि ने किया।
पत्रकार वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेतागण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सप्पल, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा, सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, सहप्रभारी मनोज यादव, विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत, विधायक ममता राकेश, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व मंत्री नवप्रभात, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेन्द्र सिंह पाल, पूर्व मीडिया चेयरमैंन राजीव महर्षि, प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, विधायक फुरकान अहमद, विरेन्द्र जाति, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, सोशल मीडिया के विकास नेगी, नदीम अख्तर एवं अमित मसीह आदि उपस्थित थे।
मीडिया विभाग
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी






मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ठोस पहल करते हुए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसके माध्यम से माल्टा के उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन से पहाड़ी क्षेत्रों के कृषकों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय फलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार माल्टा के साथ-साथ कीवी, सेब, आडू, पुलम, नींबू प्रजाति के फल एवं अन्य स्थानीय फलों के उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन, किसानों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने का कार्य करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि समकालीन सुरक्षा चुनौतियाँ अब केवल प्रत्यक्ष सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हाइब्रिड वारफेयर, ग्रे-जोन गतिविधियों, द्वि-उपयोगी आधारभूत संरचना, और सीमा क्षेत्रों में निरंतर दबाव जैसे कारकों से भी आकार ले रही हैं। ऐसे परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्रों की दीर्घकालिक सुरक्षा केवल सैन्य तैयारियों से नहीं, बल्कि नागरिक प्रशासन, स्थानीय समुदायों और प्रौद्योगिकी के साथ प्रभावी समन्वय से सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने सीमावर्ती गांवों को राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि स्थानीय समुदाय केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सीमाई सुरक्षा के सहभागी और बलवर्धक हैं। उन्होंने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज’ जैसे कार्यक्रम सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ जनसंख्या स्थिरता, लॉजिस्टिक मजबूती और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी राष्ट्रीय उपस्थिति को भी सुदृढ़ करते हैं।
सम्मेलन के प्रथम दिवस (7 जनवरी 2026) की शुरुआत एक भव्य उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें
इसी क्रम में माननीय गणेश जोशी जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं ने सदैव समाज एवं विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए FICCI FLO जैसे मंचों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर FICCI FLO उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन डॉ. गीता खन्ना ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में महिला उद्यमिता को राज्य एवं देश के आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि “The Power to Empower” केवल एक थीम नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, सक्षम एवं नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में एक सशक्त आंदोलन है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं उद्यमिता से जुड़ती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राष्ट्र को भी सशक्त बनाती हैं।



शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 51 शिकायतें दर्ज कराई गईं, इनमें से 06 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध ढंग से निस्तारण के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा प्रमुख रूप से पेयजल, विद्युत, सिंचाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, अवैध खनन एवं अतिक्रमण से संबंधित समस्याएँ उठाई गईं। शिकायतों में लोक निर्माण विभाग की 05, राजस्व विभाग की 12, ग्राम विकास विभाग की 09, वन विभाग की 04, जल संस्थान की 05, पुलिस विभाग की 02, शिक्षा विभाग की 03, उद्यान विभाग की 03, जबकि पूर्ति विभाग, विद्युत विभाग, बाल विकास विभाग एवं कौशल विकास विभाग से संबंधित 01-01 शिकायत शामिल रही।
ग्राम अणु निवासी गंगा राम द्वारा अणु चिल्हाड़ मोटर मार्ग निर्माण से क्षतिग्रस्त कृषि भूमि के लिए बीते 20 वर्षों से लंबित प्रतिकर भुगतान की समस्या उठाई गई। इस पर लोक निर्माण विभाग, चकराता के अधिकारियों को पत्रावली का निरीक्षण कर शीघ्र प्रतिकर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

