नई दिल्ली (India Retail Inflation):अगस्त 2025 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) मामूली बढ़कर 2.07% पर पहुंच गई है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित यह आंकड़ा शुक्रवार को जारी किया गया. अच्छी खबर यह है कि यह दर अब भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2 से 6 प्रतिशत के तय लक्ष्य के भीतर बनी हुई है. जुलाई 2025 में खुदरा महंगाई दर 1.55% थी, जो जून 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर था. अगस्त में इसमें 46 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई और यह 2.07% हो गई. खाद्य महंगाई (Food Inflation) अगस्त में -0.69% दर्ज की गई. ग्रामीण इलाकों में -0.70%, शहरी इलाकों में -0.58%. इसके बावजूद सब्जियों, मांस और मछली, तेल-घी और अंडे जैसी चीजों की कीमतों में वृद्धि ने महंगाई को ऊपर खींचा.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई
अगस्त 2025 में पांच राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा दर्ज की गई. इनमें केरल, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु. भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार 11 बार रेपो रेट 6.5% पर स्थिर रखने के बाद फरवरी 2025 में लगभग पांच साल बाद पहली बार कटौती की थी. इसका उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना था. RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 2025-26 के लिए महंगाई अनुमान को घटाकर 3.7% कर दिया है, जबकि पहले यह 4% था.
आने वाले समय का अनुमान
अगर मानसून सामान्य रहता है तो तिमाहीवार महंगाई का अनुमान इस प्रकार है:
पहली तिमाही (अप्रैल-जून): 2.9%
दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर): 3.4%
तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर): 3.9%
चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च): 4.4%
ग्लोबल लेवल पर भारत की स्थिति
दुनिया के कई विकसित देशों में महंगाई अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. इसके मुकाबले भारत ने अपनी महंगाई दर को नियंत्रित रखने में बेहतर प्रदर्शन किया है. विश्लेषकों का मानना है कि आगे भी खुदरा महंगाई RBI के दायरे में रहेगी और अब फोकस आर्थिक विकास की गति बढ़ाने पर होगा. अगस्त में महंगाई दर हल्की बढ़ी है लेकिन यह अब भी सुरक्षित सीमा में है. सरकार और RBI दोनों के लिए यह संकेत राहत भरे हैं कि कीमतों पर नियंत्रण रखते हुए विकास को मजबूत किया जा सकता है.




