Sunday, February 8, 2026
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Uttarakhand News: उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, योग-ध्यान को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच

सीएम धामी ने दोनों मंडलों में स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन बनाने के निर्देश दिए हैं। योग, आयुर्वेद, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शीतकालीन यात्रा सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर।

देहरादून: उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को (Uttarakhand News) उत्तराखंड में बनेगा स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन, दोनों मंडलों में तैयार होगी मेगा आध्यात्मिक परियोजना) एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। मुख्यमंत्री आवास में (Uttarakhand spiritual economic zone cm dhami high level meeting) आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक ‘स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन (SEZ) स्थापित करने की विस्तृत कार्ययोजना जल्द तैयार की जाए। यह परियोजना उत्तराखंड के पर्यटन, आध्यात्मिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देने का लक्ष्य रखती है।

उत्तराखंड बनेगा वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी-सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन न केवल राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा देगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में भी भारी उछाल लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना से उत्तराखंड को दुनिया के नक्शे पर एक वैश्विक ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

सीएम धामी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को इसी वित्तीय वर्ष में धरातल पर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके तहत धार्मिक स्थलों के संरक्षण, आसपास के क्षेत्रों के विकास और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

योग, ध्यान, आयुर्वेद और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बड़ा मंच

सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि परियोजना में योग, मेडिटेशन, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय कला और पहाड़ी उत्पादों को प्रमुख स्थान दिया जाए। इससे न केवल आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने, पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने और हस्तशिल्प को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।

शीतकालीन यात्रा को और मजबूत करने पर फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के शीतकालीन स्थलों जैसे औली, मसूरी, चोपटा, खिर्सू, हर्षिल पर सुविधाओं का विस्तार किया जाए।उन्होंने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में:

  1. बेहतर आवास सुविधाएं
  2. परिवहन में सुधार
  3. सुरक्षा व्यवस्था
  4. स्थानीय गाइड और होमस्टे नेटवर्क मजबूत जैसे कदम तेजी से उठाए जाएं ताकि अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सकें।

पर्यटन संभावनाओं का देश-विदेश में प्रचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन यात्रा और नए स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन दोनों का डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, प्रमोशनल कैंपेन और आधुनिक तकनीक के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन को नई उड़ान देना, लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और प्राकृतिक व आध्यात्मिक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए सतत विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों को हर चरण की टाइमबाउंड मॉनिटरिंग करने और ठोस कार्यनीति तैयार करने के निर्देश दिए।


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