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आत्मनिर्भर उत्तराखंड की प्रेरक कहानी: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से महेश कुमार ने लिखी सफलता की कहानी 

सीएम स्वरोजगार योजना से मिली नयी राह; महेश कुमार ने दोबारा खड़ा किया सफल रेस्टोरेंट, बने अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना जनपद पौड़ी गढ़वाल में अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कोटद्वार निवासी महेश कुमार इसकी प्रेरक मिसाल हैं। कभी लगातार व्यावसायिक असफलताओं और कोविड-19 महामारी के कारण उनका कारोबार पूरी तरह बंद हो गया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सरकारी सहायता, समय पर मिले वित्तीय सहयोग और जिला उद्योग केंद्र के मार्गदर्शन से उन्होंने न केवल अपने सपनों को नई उड़ान दी, बल्कि आज एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान भी स्थापित की है।

महेश कुमार ने शुरुआत में कई छोटे व्यवसाय किए, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। वर्ष 2019 में उन्होंने एक छोटा रेस्टोरेंट शुरू किया, जो धीरे-धीरे गति पकड़ रहा था। इसी दौरान कोविड-19 महामारी ने उनके कारोबार को गहरा झटका दिया और उन्हें रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। आर्थिक संकट के उस दौर में भविष्य की राह धुंधली नजर आने लगी थी।

ऐसे समय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना उनके लिए नई उम्मीद बनकर सामने आयी। वर्ष 2022 में उन्होंने जिला उद्योग केंद्र, कोटद्वार से संपर्क किया। अधिकारियों के मार्गदर्शन में योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिससे उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया रेस्टोरेंट स्थापित किया।

आज उनका रेस्टोरेंट सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और उसका वार्षिक कारोबार 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस उद्यम के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिला है। महेश कुमार कहते हैं कि यदि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का सहयोग और जिला उद्योग केंद्र का मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो कोविड के बाद दोबारा व्यवसाय शुरू करना संभव नहीं हो पाता। वे मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि दोबारा आत्मविश्वास के साथ खड़े होने का अवसर भी दिया।

महेश कुमार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली नीतियां युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही हैं। यह योजना आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में जनपद पौड़ी गढ़वाल ने लगातार तीन वर्षों से प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रखा है। प्रत्येक वर्ष शासन से प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गयी है। चालू वित्तीय वर्ष में जनपद को 725 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभाग सक्रियता से कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और इच्छुक उद्यमियों को योजना से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। योजना के माध्यम से लाभार्थियों ने जिम, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवा, ई-रिक्शा संचालन, फोटोग्राफी, सेवा क्षेत्र एवं लघु उद्योग आधारित अनेक उद्यम स्थापित किए हैं, जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

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