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सीएम धामी ने मसूरी रोड शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का किया स्थलीय निरीक्षण :  समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त हुए पुल की कार्य प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल निर्माण का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल देहरादून और मसूरी को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों का आवागमन होता है। उन्होंने कहा कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ओर से आवागमन के लिए वैली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, जो दूसरी ओर से भी शीघ्र ही पूर्ण होकर संचालित हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थान पर स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, जिसे आगामी 2 से 3 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों एवं पुलों के सुदृढ़ीकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण से संबंधित अनेक परियोजनाएं तेजी से क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा एवं आदि कैलास यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक अवसंरचनात्मक कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

 

सीएम धामी ने सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग: युवाओं के शौर्य एवं साहस की की प्रशंसा

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सूर्य देवभूमि चैलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय, चौरास परिसर, टिहरी में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सूर्य देवभूमि चैलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा हाई एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने वाले लोगों ने केदार-बद्री ट्रेल में हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा सभी प्रतिभागियों ने अपने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट परिचय दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभागियों ने साहसिक प्रतियोगिता के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग की भी यात्रा की है। उन्होंने कहा सेना, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाले ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं के भीतर अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये आयोजन समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होने के साथ सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का युवा आत्मविश्वास से परिपूर्ण है, सीमांत क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और साहसिक खेलों तथा पर्यटन के क्षेत्र में हमारा देश वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत हमारे सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष अपने हर्षिल-मुखबा में शीतकालीन प्रवास के दौरान कई साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया था। राज्य सरकार, राज्य में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, साइक्लिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा औली की बर्फीली ढलानों से लेकर ऋषिकेश में तेज गति से बहने वाली गंगा नदी की धारा तक, मुनस्यारी की ऊँचाइयों से लेकर टिहरी झील के विशाल विस्तार तक उत्तराखण्ड का प्रत्येक क्षेत्र साहसिक पर्यटन का एक सशक्त और जीवंत केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे न केवल सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक विकास को भी नई मजबूती मिली है ।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने माणा जैसे दूरस्थ और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र का दौरा कर सीमान्त क्षेत्रों के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का भी कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों और विजेताओं का आभार व्यक्त किया कर, सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मेजर पुष्पेंद्र सिंह गढ़वाल स्काउट ने बताया कि यह प्रतियोगिता सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना व पारम्परिक यात्रा मार्गो को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया। जिसके तहत 113 किलोमीटर लंबी इस कठिन प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को दुर्गम पहाड़ी मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न चरणों में अपनी शारीरिक क्षमता, धैर्य और कौशल का प्रदर्शन करना पड़ा। कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से उखीमठ तक मैराथन चरण आयोजित किए गए।

इस अवसर पर विधायक विनोद कण्डारी, मध्यकमान के जीओसी- इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह बेनिवाल, स्थानीय , भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लाक प्रमुख देवप्रयाग विनोद बिष्ट, कीर्तिनगर अंचला खण्डेवाल, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, कुलपति प्रकाश सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

धर्म और विकास का संगम: सीएम धामी ने भागवत कथा में किया प्रतिभाग, धर्म और पर्यटन पर जोर 

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भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, बोले—श्रीमद्भागवत जीवन को देती है सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा

यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदमों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने भागवत कथा के श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से चारधाम यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कारण यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाटों के निर्माण कार्य, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी कार्यशैली के परिणामस्वरूप यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्रवासियों को व्यापक एवं प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर व्यास पीठ से भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था एवं सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव एवं मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।
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*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों एवं महिला आरक्षण को दी जाए प्राथमिकता : गोदियाल

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों के सम्मुख उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 30 अप्रैल से विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि उत्तराखंड सरकार भी विशेष सत्र आहूत करने जा रही है, तो उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक निंदा प्रस्ताव पारित करना या विपक्ष को कोसना नहीं होना चाहिए।
गोदियाल ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा सत्र जनता के सरोकारों और महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के लिए बुलाए जाते हैं, न कि राजनीतिक प्रतिशोध या आरोप-प्रत्यारोप के लिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया कि यदि विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो उसमें महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण विषय — महिला आरक्षण — को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण कानून देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी का संवैधानिक अधिकार देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार को चाहिए कि वह इस कानून को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए ठोस प्रस्ताव विधानसभा में पारित करे।

गोदियाल ने आगे कहा कि भाजपा सरकारें महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात तो करती हैं, लेकिन जब ठोस कदम उठाने का समय आता है तो वह राजनीतिक मुद्दों में उलझ जाती हैं। उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां महिलाएं सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ हैं, वहां महिला आरक्षण को टालना या उस पर मौन रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रस्तावित विशेष सत्र को जनहित और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे पर केंद्रित किया जाए और महिला आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाए।

गरिमा मेहरा दसौनी

जनगणना 2027: स्वगणना से सशक्त नागरिक भागीदारी की ओर महत्वपूर्ण कदम: सुबोध उनियाल

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कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने खुद की स्वगणना, 24 अप्रैल तक प्रदेशवासियों से की अपील
देहरादून।
राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जनगणना 2027 की स्वगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने स्वयं अपनी जानकारी भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन दर्ज की।
इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भी 24 अप्रैल 2026 तक स्वगणना में शामिल होकर एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाएं।
मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, “जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। प्रत्येक नागरिक द्वारा दी गई सटीक जानकारी ही भविष्य की योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों की सही दिशा तय करती है।”
उन्होंने बताया कि इस बार सरकार ने स्वगणना की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह पहल प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ पारदर्शिता और सटीकता भी सुनिश्चित करती है।
उनियाल ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वगणना करें और अपने परिवार, मित्रों तथा पड़ोसियों को भी इस राष्ट्रीय कार्य में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना 2027 में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है कि हम इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।

 

सरकार पत्रकारों के कल्याण, सुरक्षा एवं उनके हितों के संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध :- ध्रुव रौतेला

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उत्तराखण्ड सरकार की मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री ध्रुव रौतेला ने आज जिला सूचना कार्यालय चम्पावत का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए विभाग द्वारा संचालित प्रचार-प्रसार गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर एवं सूचना केंद्र का भी अवलोकन किया।

उन्होंने जिला सूचना अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक और प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, जिससे इनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

श्री रौतेला ने पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं।

श्री रौतेला ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण, सुरक्षा एवं उनके हितों के संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनकी समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में पत्रकार हितों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान जिला सूचना अधिकारी ने जनपद में मीडिया प्रबंधन, समाचार संप्रेषण एवं प्रचार-प्रसार की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही उन्होंने जनपद के पत्रकारों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों के बारे में भी विस्तार से श्री रौतेला को अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की, बाल आयोग के सदस्य योगेश रजवार, सूचना संरक्षक आशा गोस्वामी, सुधीर कुमार, गीता मेहर, खीमानंद जोशी, लक्ष्मण राम, रोहित कुमार, कमल मेहरा सहित अन्य उपस्थित रहे।

 

IIT रुड़की और उत्तराखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के बीच हुआ MOU

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अंतरिक्ष विज्ञान एवं जियोस्पेशियल तकनीक में सहयोग को बढ़ावा

अकादमिक, वैज्ञानिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु समझौता
एम.टेक एवं पीएचडी छात्रों के संयुक्त मार्गदर्शन और शोध के अवसर
अंतरिक्ष अनुप्रयोग, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाएँ

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने उत्तराखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान एवं जियोस्पेशियल अनुप्रयोगों के क्षेत्र में अकादमिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान सहयोग को सुदृढ़ करना है।

यह समझौता प्रो. कमल किशोर पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की, तथा प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक, यूएसएसी द्वारा आईआईटी रुड़की परिसर में हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर सेंटर फॉर स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रो. संजय एच. उपाध्याय एवं डॉ. प्रियदर्शी उपाध्याय भी उपस्थित रहे।
इस सहयोग के अंतर्गत तीन प्रमुख क्षेत्रों—अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग, एम.टेक एवं पीएचडी छात्रों का संयुक्त मार्गदर्शन, तथा सम्मेलनों एवं कार्यशालाओं का संयुक्त आयोजन—पर कार्य किया जाएगा। दोनों संस्थान वैज्ञानिक ज्ञान, संकाय एवं तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के साथ-साथ शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों की क्षमता निर्माण को भी प्रोत्साहित करेंगे।

अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग के तहत अंतरिक्ष अनुप्रयोग, जियोस्पेशियल तकनीक, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध एवं पायलट परियोजनाएँ संचालित की जाएंगी। आईआईटी रुड़की के छात्रों को यूएसएसी में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट कार्य एवं शोध अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक अनुभव का लाभ मिलेगा।

समझौते के तहत स्नातकोत्तर एवं डॉक्टोरल छात्रों का संयुक्त मार्गदर्शन भी किया जाएगा, जिसमें दोनों संस्थानों के संकाय और वैज्ञानिक मिलकर छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही, छात्रों को दोनों संस्थानों की सुविधाओं का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थान सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाएँ एवं अल्पकालिक पाठ्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित करेंगे। यह साझेदारी उत्तराखंड राज्य में अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुसंधान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 

DM‌ जनदर्शन बेसहारों का बन रहा सहारा: गरीब गंगा राम की पुत्री के विवाह के लिए 50 हजार मौके पर किए स्वीकृत

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जिला प्रशासन के जनदर्शन में न्याय का भरोसा, हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई, 239 फरियादी पहुंचे न्याय की आस में

विधवा कनिष्का गर्ग का रू0 47230 हाउस टैक्स जिला प्रशासन ने करवाया जमा

66 वर्षीय विधवा बुजुर्ग नीलम का पानी का बिल सेटलमेंट उपरांत 12776 जिला प्रशासन ने करवाए जमा

*विधवा किरण धीमान को रोजगार; पुत्री की शिक्षा नंदा-सुनंदा से पुनजीर्वित, पुत्र की फीस माफ कराने को जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को लिखा पत्र*

*बेटियों की शिक्षा नंदा सुनंदा से पुनर्जीवित करने हेतु मिले दर्जनों आवेदन, डीएम ने समिति से तत्काल मांगी रिपोर्ट*

*अपार जन संवेदनाओं का भार लिए डीएम जन दर्शन; किसी का हाउस टैक्स माफ तो, किसी का पेयजल बिल; किसी को शिक्षा, तो किसी को रोजगार, सब एक मंच पर*

*हालातों की मारी रजनी कश्यप; विधवा हसीना; कविता; नसीम, पायल गोयल और कैंसर से ग्रस्त धीरज रावत की बेटी की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा से पुनर्जीवित*

*मा0 मुख्यमंत्री के संकल्प से प्रेरित जिला प्रशासन; जन सुनवाई में समाधान से लेकर प्रवर्तन एक्शन तक*

*देहरादून ।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जन दर्शन/जनता दरबार का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, फीस माफी, आर्थिक सहायता, बिजली-पानी बिल माफी, राशन कार्ड, मुआवजा से संबंधित कुल 239 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इसमें सबसे अधिक स्कूल फीस माफी को लेकर सामने आई। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बुजुर्ग नीलम ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति की मृत्यु वर्ष 2020 में हो गई है तभी से उनकी आर्थिक स्थिति खराब है तथा मंदिर व भंडारों में भोजन कर अपना गुजर बसर कर रही है, उनका पानी का बिल रू0 18335 आया है जिसने माफ करने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को निर्देश दिए कि रू0 5579 धनराशि सेटलमेंट करते हुए शेष धन राशि 12776 का भुगतान जिला प्रशासन द्वारा जल संस्थान को कर दिया जाएगा।

समाज कल्याण से संबंधित मामलों में देहरादून निवासी गंगा राम को पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश समाज कल्याण अधिकारी को दिए गए। मालदेवता निवासी संध्या रमोला के पति के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने के लिए प्रकरण अग्रसारित करने को कहा गया।

अजबपुर कलाम निवासी जरीना बानो के प्रकरण में, जिन्हें उनके पुत्र द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया है, जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर करने के निर्देश दिए।

आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं एवं विधवाओं के प्रकरणों में जिलाधिकारी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टर्नर रोड निवासी विधवा हसीना, प्रेम नगर निवासी कविता एवं रजनी कश्यप, राजपुर निवासी पायल गोयल तथा चंदरनगर निवासी नसीन द्वारा पुत्रियों की स्कूल फीस माफी की मांग पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को आवश्यक पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में बीएससी नर्सिंग की एक छात्रा, जिसके पिता 50 प्रतिशत दिव्यांग हैं, को भी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत सहायता दिलाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के उपरांत आवेदन प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए। ऋषिकेश निवासी धीरज सिंह रावत, जो विगत दो वर्षों से कैंसर से पीड़ित हैं, की पुत्री की स्कूल फीस भी उक्त योजना के माध्यम से वहन करने के निर्देश दिए गए।

प्रेमनगर निवासी रजनी कश्यप, जिनके पति दुर्घटना के कारण दिव्यांग हो गए हैं, की पुत्री की फीस माफी हेतु भी प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

आतिशा खत्री, विधवा संतोषी नेगी तथा चंदरनगर निवासी सरिता की पुत्री की स्कूल फीस प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत वहन किए जाने के आवेदन पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग को समिति के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कांवली रोड निवासी विधवा किरण धीमान की पुत्री की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत कराने तथा उनके पुत्र की स्कूल फीस माफी के लिए संबंधित विद्यालय (श्री गुरु राम राय स्कूल) प्रबंधन को जिला प्रशासन की ओर से अनुरोध पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, सरिता के रोजगार संबंधी प्रकरण में जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

डांडीपुर निवासी विधवा मंजू देवी द्वारा सफेद राशन कार्ड बनाए जाने की मांग पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खुडबुड़ा निवासी अनु के राशन कार्ड ब्लॉक होने की समस्या पर उसे अनब्लॉक कराने के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

शिवलोक कॉलोनी कावली रोड निवासी कनिष्का ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पति का निधन हो चुका है। अब तक उनके पिता ही उनका भरण-पोषण कर रहे थे, किंतु हाल ही में उनके पिता का भी दुर्घटना में घायल होने के कारण उपचार चल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने गृहकर (हाउस टैक्स) माफ करने की प्रार्थना पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब फंड से कनिष्का का गृहकर जमा कराने के निर्देश दिए।

अन्य प्रकरणों में वरिष्ठ नागरिक सूरज नाथ गौतम की एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। धर्मपुर निवासी अंजू रानी की भूमि धोखाधड़ी के मामले में तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

लखवाड़ बांध प्रभावितों-चतर सिंह, लुदर सिंह, महिपाल सिंह एवं रोशनकृद्वारा मुआवजा न मिलने की शिकायत पर संबंधित अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में पहुंची फ्रीडम फाइटर समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा लाल ने जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से जिले में बुजुर्गों, पीड़ित नागरिकों तथा महिलाओं को त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे सतत् और प्रभावी कार्यों को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने जिलाधिकारी को संविधान के अनुच्छेद-21 पर आधारित एक पुस्तक भेंट कर उनके प्रयासों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रे राहुल आनंद, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

 

MDDA की मुहिम ला रही रंग:  मियावाला में तालाब बना खूबसूरत पार्क, लोगों को मिली नई सैर की जगह

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) जनहित से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रहा है। खास तौर पर शहर के पुराने प्राकृतिक तालाबों, जल स्रोतों और पार्कों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की दिशा में प्राधिकरण की पहल अब साफ तौर पर नजर आने लगी है। इसी कड़ी में देहरादून के मियावाला क्षेत्र में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को विकसित कर लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक तालाब तथा पार्क के रूप में तैयार किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।

मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े पुराने प्राकृतिक तालाब के कायाकल्प के बाद तैयार इस पार्क का लोकार्पण आज रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एमडीडीए के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता सहित हॉर्टिकल्चर अनुभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और प्राधिकरण की कार्यशैली की सराहना की। तेजी से शहरीकरण के दौर में जहां प्राकृतिक जल स्रोत और हरित क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे हैं, वहीं एमडीडीए द्वारा इन संसाधनों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

*पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश*
नए विकसित पार्क में आमजन की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्क का मुख्य द्वार उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है, जो स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। इसके अलावा पार्क में योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षा के लिए रेलिंग, आकर्षक गज़ीबो, व्यवस्थित वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच और हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

*शहर की सुंदरता और हरियाली को मिलेगा बढ़ावा*
एमडीडीए द्वारा इस तरह की परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं हरित क्षेत्रों के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि इसी तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे देहरादून को एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके। मियावाला में विकसित यह पार्क न केवल एक विकास परियोजना है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि योजनाओं को सही दिशा और दृष्टि के साथ लागू किया जाए, तो विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। एमडीडीए की यह पहल देहरादून के लिए एक मॉडल बन सकती है, जिसे आने वाले समय में अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।

*प्राकृतिक धरोहरों को नया जीवन देने की पहल- उमेश शर्मा काऊ*
रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मियावाला में विकसित किए गए इस पार्क का लोकार्पण करते हुए एमडीडीए की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने जिस संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ प्राकृतिक तालाब को संरक्षित करते हुए उसे जनसुविधा से जोड़ने का कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। काऊ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है और एमडीडीए उसी सोच को जमीन पर उतार रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह की योजनाएं अन्य क्षेत्रों में लागू होंगी, जिससे लोगों को बेहतर जीवन स्तर और स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

*पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन- बंशीधर तिवारी*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि मियावाला परियोजना इसी सोच का परिणाम है, जहां एक पुराने जल स्रोत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे कई अन्य स्थलों की पहचान की गई है, जहां इसी तरह के कार्य किए जाएंगे। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से शहर की सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।

*प्रकृति और विकास का संगम- मोहन सिंह बर्निया*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मियावाला पार्क का निर्माण निर्धारित समयसीमा और मानकों के अनुरूप पूरा किया गया है। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

 

प्रदेश में सशक्त बनेगी महिलाएं : पिरूल आधारित बायोमास उद्योग से मिलेगा महिलाओं के रोजगार : रेखा आर्या

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मंत्री रेखा आर्या ने पड़ोलिया में किया पिरूल आधारित बायोमास प्लांट का शुभारंभ

*अल्मोड़ा 19 अप्रैल।* कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को अल्मोड़ा के पड़ोलिया में पिरूल आधारित बायोमास प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस यूनिट के लगने से आसपास क्षेत्र की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं पिरुल एकत्रित करके उद्योगों को बेचेंगी, उनके हित सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पहले ही नीति बना चुकी है ।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इससे न सिर्फ जंगलों की आग रोकने में मदद मिलेगी, साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्र में उद्योगों को ऊर्जा के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया है और आगामी चुनाव में आधी आबादी विपक्षी दलों को इसका मुंह तोड़ जवाब देगी।

इस अवसर पर अनिल सिंह शाही, मंडल अध्यक्ष सुंदर सिंह राणा, प्लांट के निदेशक बालम भाकुनी, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, पवन भाकुनी आदि उपस्थित रहे।