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कांग्रेस नेता करन माहरा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर बोला जोरदार हमला

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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य श्री करन माहरा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा ने देश की आधी आबादी मातृशक्ति के साथ विश्वासघात किया है और अब अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए झूठ और भ्रम का जाल बुन रही है। श्री माहरा ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रबल पक्षधर रही है और वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन भी कांग्रेस ने पूरी मजबूती से किया था। लेकिन भाजपा ने इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने के बजाय इसे जानबूझकर जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं में उलझाकर टालने की रणनीति अपनाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के बजाय इसे केवल चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, ताकि जनता की भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। संसद में हालिया घटनाक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि परिसीमन और सीटों के पुनर्गठन से जुड़े संविधान संशोधन को इस तरह प्रस्तुत किया गया मानो विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध कर रहा हो, जबकि सच्चाई इसके ठीक विपरीत है। कांग्रेस न केवल महिला आरक्षण के पक्ष में है, बल्कि वह चाहती है कि इसे बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि देश की महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।

श्री माहरा ने आगे कहा कि भाजपा का पूरा तंत्र आज देश को गुमराह करने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को जारी किए गए नोटिफिकेशन को भी भाजपा ने एक बड़े प्रचार अभियान का हिस्सा बना दिया, जिससे यह भ्रम पैदा किया जा सके कि महिला आरक्षण लागू हो चुका है, जबकि ज़मीनी हकीकत यह है कि महिलाओं को अभी तक वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो वर्तमान लोकसभा सीटों के भीतर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता क्यों नहीं निकाला गया? उन्होंने कहा कि भाजपा जानती है कि जैसे ही महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व मिलेगा, उसकी राजनीति की जमीन खिसक जाएगी, इसलिए वह जानबूझकर इस मुद्दे को लटकाए हुए है। श्री माहरा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है और महिलाओं के नाम पर केवल “राजनीतिक ड्रामा” कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। अंत में उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे भाजपा के इस झूठे प्रचार और भ्रम की राजनीति को समझें, सच को पहचानें और उन ताकतों के खिलाफ आवाज उठाएं जो महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को केवल चुनावी मुद्दा बनाकर इस्तेमाल कर रही हैं।

(श्री करन माहरा)

देहरादून में कचरा संकट पर नागरिकों का फूटा गुस्सा: जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु ‘सफाई मित्र’ लॉन्च

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देहरादून: देहरादून सिटिज़न्स फोरम, जो शहर के 500 से अधिक नागरिकों का एक सक्रिय समूह है ने आज देहरादून को कचरा-मुक्त और कचरा जलाने से मुक्त शहर बनाने की अपनी मांग को दोहराया। इसके साथ ही फोरम ने एक नागरिक-केंद्रित मोबाइल एप्लीकेशन ‘सफाई मित्र’ लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य शहर की कचरा प्रबंधन प्रणाली में जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

देहरादून सिटिज़न्स फोरम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं जैसे पेशेवर, उद्यमी, शिक्षक, पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त अधिकारी, व्यवसायी और युवा नागरिक। शहर के भविष्य के प्रति साझा चिंता के साथ, फोरम लगातार नागरिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर सक्रिय रहा है। इसका उद्देश्य एक ऐसे विश्वसनीय मंच के रूप में विकसित होना है, जो नागरिकों और सरकार के बीच “सेतु” (पुल) का कार्य करे—संवाद को बढ़ावा दे, कमियों को उजागर करे और सहभागी व टिकाऊ शहरी शासन में योगदान दे।

आज की प्रेस वार्ता का मुख्य संदर्भ बढ़ती चिंता और असंतोष रहा। फोरम के सदस्यों ने देहरादून नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बने अंतर पर कड़ी नाराज़गी जताई। पिछले एक वर्ष में कई आश्वासनों के बावजूद शहर के कई हिस्सों में कचरे का ढेर, अनियोजित डंपिंग साइट्स और कचरा जलाने की घटनाएं लगातार देखने को मिल रही हैं।

मीडिया को संबोधित करते हुए फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बैठकों, संवादों और जनसंपर्क कार्यक्रमों जैसे मेयर संवाद और दून लाइब्रेरी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा के बावजूद जमीनी स्तर पर परिणाम सीमित रहे हैं। “संवाद तो हुआ है, लेकिन ठोस कार्रवाई की कमी है,” यह भावना कई वक्ताओं ने व्यक्त की।

जगमोहन मेंदीरत्ता ने फोरम और इसके सदस्यों का परिचय देते हुए बताया कि यह आज लगभग 500 जागरूक नागरिकों का मजबूत नेटवर्क है, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फोरम एक लोकतांत्रिक और सामुदायिक पहल है, जहां सभी सदस्य बिना किसी कठोर संरचना के मिलकर कार्य करते हैं।

रितु चटर्जी ने फोरम की यात्रा और पिछले एक वर्ष में किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पहले किए गए वादों के बावजूद नागरिकों को अभी तक जमीनी स्तर पर ठोस और मापनीय सुधार देखने को नहीं मिले हैं।

आगे, रमना कुमार और नितिन शाह ने नगर निगम के साथ हुई बैठकों और पत्राचार का विवरण साझा करते हुए कहा कि संवाद तो हो रहा है, लेकिन कार्यान्वयन और फॉलो-अप कमजोर बना हुआ है। बार-बार आश्वासनों के बावजूद सुधार न दिखने से जनता में निराशा बढ़ रही है।

इसी संदर्भ में, देहरादून सिटिज़न्स फोरम ने एक सकारात्मक कदम उठाते हुए कंवर्जेंट डिफेंस फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘सफाई मित्र’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया। इस अवसर पर मेजर रितेश उनियाल और प्रशांत उनियाल, जो इस तकनीकी समाधान के संस्थापक हैं, ने बताया कि यह ऐप नागरिकों को कचरे से संबंधित समस्याएं—जैसे कचरा जमा होना, कचरा न उठना या कचरा जलाना—सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देता है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक अनुभव और फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में इस एप्लीकेशन की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि यह और अधिक प्रभावी बन सके।

इस पहल के बारे में बताते हुए अनूप नौटियाल ने कहा कि ‘सफाई मित्र’ का उद्देश्य मौजूदा सिस्टम को बदलना नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता को बढ़ाना और अंतिम स्तर तक जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने पिछले एक वर्ष के समाचारों के कुछ अंश भी प्रस्तुत किए, जिनमें नगर निगम द्वारा किए गए वादों का उल्लेख था। उन्होंने इसे “लक्ष्य बदलना और वादों का टूटना” बताया।

फोरम ने आशा व्यक्त की कि नगर निगम और मेयर कार्यालय इस पहल को सकारात्मक रूप में लेंगे और इसे अपनी कार्यप्रणाली सुधारने तथा जनता का विश्वास पुनः स्थापित करने के अवसर के रूप में देखेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की पहल, प्रशासनिक जिम्मेदारी का विकल्प नहीं हो सकती और स्थायी समाधान के लिए संस्थागत जवाबदेही आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में भारती जैन ने मीडिया और उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद किया और आशा जताई कि प्रशासन अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करेगा।

देहरादून सिटिज़न्स फोरम ने दोहराया कि एक स्वच्छ, टिकाऊ और रहने योग्य शहर बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी और प्रशासनिक जिम्मेदारी दोनों आवश्यक हैं। अब समय केवल इरादों का नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर निरंतर और मापनीय कार्रवाई का है।

प्रेस वार्ता में फोरम के सदस्य शंकर दत्त उनियाल, रिंकू सिंह, जया सिंह, देवेंद्र कांडपाल, शिशिर प्रशांत, डॉ. सुमीत गोयल, अभिषेक भट्ट, प्रवीण उप्रेती सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

सादर, आभार
टीम देहरादून सिटीजंस फोरम

 

नारी शक्ति वंदन का विरोध राष्ट्र की हर बेटी के अपमान का विषय : कुसुम

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महिलाओं की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्नचिह्न लगाना उनकी शक्ति का अपमान; विरोध करने वाले दलों का महिला-विरोधी चेहरा हुआ बेनकाब : कुसुम कंडवाल

*उन सभी शक्तियों का पुरजोर विरोध होगा जो मातृशक्ति के व्यापक हितों और उनके राजनीतिक अधिकारों के मार्ग में दीवार बनेंगी : कुसुम कंडवाल*

​देहरादून: उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने 16 से 18 अप्रैल 2026 के मध्य आयोजित संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से संबंधित महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों को पारित न होने देने की कड़े शब्दों में निंदा की है।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जब केंद्र सरकार महिलाओं को नीति-निर्धारण के सर्वोच्च स्तर पर लाने के लिए संकल्पित है, तब कुछ दलों का यह नकारात्मक रुख करोड़ों भारतीय महिलाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात है। आयोग का मानना है कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं है, बल्कि उस संवैधानिक न्याय को रोकने का प्रयास है, जिसका अधिकार भारत की नारी शक्ति को दशकों पहले मिल जाना चाहिए था।

​अध्यक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने वाले दल शायद धरातल की सच्चाई से अनभिज्ञ हैं। उत्तराखंड, जहाँ पंचायत राज संस्थाओं में 50% महिला आरक्षण ने समाज की दिशा बदल दी है, वहाँ की मातृशक्ति आज शासन और प्रशासन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। जब ये मातृशक्ति प्रदेश की महिलाएं विषम परिस्थितियों में भी विकास के मानक स्थापित कर सकती हैं, तो संसद में उनके सामर्थ्य पर संदेह करना न केवल तर्कहीन है बल्कि वैचारिक संकीर्णता की पराकाष्ठा है।

जो लोग आज तकनीकी बाधाओं का बहाना बना रहे हैं, उनका एकमात्र उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व से वंचित रखना है।

​कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य महिला आयोग उन सभी शक्तियों का पुरजोर विरोध करेगा जो महिलाओं के व्यापक हितों और उनके राजनीतिक अधिकारों के मार्ग में दीवार बनेंगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि देवभूमि की मातृशक्ति अब जागरूक है और वह इस अपमान को राष्ट्र की हर बेटी के सम्मान से जुड़ा विषय मानती है। जो दल महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित रखते हैं और सदन में अधिकार देने के समय पीछे हट जाते हैं, उन्हें आने वाले समय में देश की संगठित नारी शक्ति को जवाब देना होगा।

आयोग महिलाओं के संवैधानिक हक की इस लड़ाई में अंतिम क्षण तक मातृशक्ति के साथ तक उनके साथ खड़ा है।

आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य महिला आयोग उन सभी शक्तियों का पुरजोर विरोध करेगा जो महिलाओं के व्यापक हितों और उनके राजनीतिक अधिकारों के मार्ग में दीवार बनेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि देवभूमि की मातृशक्ति अब जागरूक है और वह इस अपमान को राष्ट्र की हर बेटी के सम्मान से जुड़ा विषय मानती है। जो दल महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित रखते हैं और सदन में अधिकार देने के समय पीछे हट जाते हैं, उन्हें आने वाले समय में देश की संगठित नारी शक्ति को जवाब देना होगा।

 

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में 28 अप्रैल को बॉलीवुड सिंगर विशाल मिश्रा बिखेंरेगे अपने संगीत का जादू

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श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में दो दिवसीय स्टार नाइट: 27 अप्रैल को प्रियंका मेहर और 28 अप्रैल को बाॅलीवुड गायक विशाल मिश्रा का लाइव काॅन्सर्ट

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में 27 और 28 अप्रैल को सुर-संगीत की भव्य महफिल सजने जा रही है। 27 अप्रैल को प्रियंका मेहर अपनी मधुर आवाज से उत्तराखण्डी लोक संगीत की छटा बिखेरेंगी। डीजे निक के हाई-वोल्टेज साउंड के साथ धमाकेदार म्यूजिक का ऐसा जबरदस्त संगम होगा, जो हर किसी को झूमने पर मजबूर कर देगा। वहीं 28 अप्रैल की शाम बॉलीवुड सिंगर विशाल मिश्रा के लाइव कॉन्सर्ट से गुलजार होगी। एसजीआरआर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में इस दो दिवसीय आयोजन को लेकर खासा उत्साह और बेसब्री देखी जा रही है। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय के वार्षिक फैस्ट जैनिथ 2026 को लेकर जोरशोर से तैयारियों को पूरा किया जा रहा है।
पथरी बाग स्थित विश्वविद्यालय के हैलीपैड को कार्यक्रम स्थल के रूप में विशेष रूप से सजाया जा रहा है, जहां हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। 27 अप्रैल को प्रियंका मेहर उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक धुनांें से इस आयोजन को और खास बनाएंग, जहां पहाड़ की मिट्टी की खुशबू गीतों के जरिए हर दिल तक पहुंचेगी। लोक संगीत की मधुर तानें न केवल संस्कृति से जोड़ेंगी बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से भी रूबरू कराएंगी। 28 अप्रैल को बॉलीवुड का तड़का युवाओं की धड़कनों को और तेज कर देगा। विशाल मिश्रा की सुरीली आवाज और हिट गानों की प्रस्तुति से माहौल रोमांचक और यादगार बनने वाला है, जहां हर बीट पर युवाओं का उत्साह चरम पर नजर आएगा। दो दिनों तक चलने वाला यह संगीत उत्सव सांस्कृतिक और युवा जोश का अनूठा संगम साबित होगा।

Action: फिरौती हेतु अपहरण के संगीन अपराध में वांछित अभियुक्ता को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

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अपराधियों पर दून पुलिस का ऑपरेशन प्रहार लगातार जारी

*प्रकरण में 05 अभियुक्तों को पूर्व में गिरफ्तार कर भेजा जा चुका है जेल।*

दिनांक 2/3/2026 को श्रीमती पुष्पा देवी निवासी भोजावाला विकासनगर द्वारा कोतवाली विकास नगर पर एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि दिनांक 02.03.2026 की सांय के समय उनके घर के आस-पास कुछ अनजान व्यक्तियों जिनमें एक लडकी भी थी द्वारा वाहन सं0-UK07FS 4482 तथा कुछ मो0सा0 से उनके घर में जबरन घुसकर उनके पुत्र शक्ति पुण्डिर के साथ मारपीट करते हुए उसे जबरन गाडी में अगवा कर अपने साथ ले गये तथा कुछ समय पश्चात उनके पुत्र को घर वापस छोड़ने की एवज में 01 लाख रुपयों की मांग की गई। तहरीर के आधार पर वाहन सं0-UK07FS 4482 के चालक व अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध मु0अ0सं0-63/2026 धारा- 140(2)/115(2)/333 BNS पंजीकृत किया गया।
प्रकरण की संवेदनशीलता के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा गठित पुलिस टीमों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए
अपहर्त शक्ति सिहं को सकुशल बरामद करते हुए दिनांक 2/3/2026 को प्रकाश में आये 05 अभियुक्तों 01- प्रवीण पुत्र प्रीतम नि0 वार्ड नं0 3 पहाडी गली थाना विकासनगर उम्र 44 वर्ष , 02- नीरज पुत्र मदन बैरागी नि0 माईकोटा थाना नागल सहारनपुर उ0प्र0 उम्र 34 वर्ष, हाल पता धर्मावाला थाना सहसपुर देहरादून , 03- विकास बैरागी पुत्र सत्यपाल बैरागी नि0 पंजाबी बाग हकीकत नगर पुलिस थाना सदर जिला सहारनपुर, हाल पता फतेहपुर धर्मावाला थाना सहसपुर देहरादून उम्र 35 वर्ष , 4- सचिन पुत्र शान्ति प्रसाद नि0 सावडा थाना चकराता देहरादून ,हाल पता लाईन जीवनगढ विकासनगर देहरादून उम्र 31 वर्ष , 05- नवीन खन्ना पुत्र महेन्द्र सिंह नि0 डांडा वार्ड नं0 15 डाकपत्थर थाना विकासनगर देहरादून उम्र 27 वर्ष, सम्बन्धित मु0अ0सं0 63/2026 धारा 115(2)/140(2)/333 BNS को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। अभी तो से पूछताछ के दौरान प्रकरण में अभियुक्ता शिल्पी पुत्री स्व0 पूनाराम निवासी टोंस कॉलोनी डाकपत्थर कोतवाली विकासनगर जिला दहेरादून उम्र 26 वर्ष का नाम प्रकाश में आया । जो घटना के दिन से ही अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये लगातार फरार चल रही थी।
प्रकरण में लगातार फरार चल रही अभियुक्ता की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली विकासनगर पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए । निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा लगातार सुराग रसी पतारसी करते हुए अभियुक्ता के सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दाबिशें दी जा रही थी, पुलिस
टीम द्वारा किये जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप आज दिनांक- 17/4/2026 को मुखबिर की सूचना पर अभियुक्ता शिल्पी पुत्री स्व0 पूनाराम को विकासनगर रोड समरफील्ड स्कूल के पास से गिरफ्तार किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्ता*
01-शिल्पी पुत्री स्व0 पूनाराम निवासी टोंस कॉलोनी डाकपत्थर कोतवाली विकासनगर जिला दहेरादून उम्र 26 वर्ष

*पुलिस टीम।*
01-उ0नि0 चन्द्र शेखर नौटियाल
02-म0उ0नि0 रुबी मौर्य
03- कानि0 प्रवीन

STF को मिली बड़ी कार्यवाही:15 म्यूल बैंक अकाउंट्स पर कानूनी कार्यवाही, 2 एजेंट गिरफ्तार

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देहरादून: साइबर ठगी के पैसों को पार्क करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ उत्तराखण्ड एसटीएफ ने बड़ी छापेमारी की है।
ऑपरेशन प्रहार के तहत एसटीएफ की टीमों ने राज्य में संचालित 15 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों पर कानूनी कार्यवाही की तथा 80 से अधिक अन्य म्यूल खातों का सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि इन खातों के माध्यम से साइबर अपराधी आम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे।
एक खाते में अकेले ₹1.53 करोड़ की ठगी से जुड़ी 28 शिकायतें दर्ज हैं। एसटीएफ ने डिजिटल साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।


दो प्रमुख एजेंट गिरफ्तार
जांच के दौरान साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
1. दानिश अंसारी (29 वर्ष), पुत्र नौशाद अंसारी, मूल निवासी देवबंद (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी कण्डोली, देहरादून।
2. अंकित एन्थोनी (32 वर्ष), पुत्र स्व. सुरेश एन्थोनी, निवासी राजीव नगर, तरली कण्डोली, देहरादून।
बरामदगी
• 2 मोबाइल फोन
• 3 पासबुक (उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक)
• 4 सिम कार्ड एवं फेक आईडी
मामला दर्ज
साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा संख्या 26/2026 धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा धारा 66(D) आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
कैसे काम करता था गिरोह?
अपराधी सोशल मीडिया और कॉल के जरिए लोगों को “घर बैठे कमाई”, “कमीशन”, “नौकरी” या अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते या किराए पर लेते थे। बाद में इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। कुछ लोगों ने लालच में अपने खाते, ATM कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और नेट बैंकिंग डिटेल्स अपराधियों को सौंप दीं।

बॉक्स

एसटीएफ की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, अजय सिंह ने जनता से अपील की है:
• अपना बैंक खाता कभी भी किसी को किराए पर न दें या इस्तेमाल करने न दें।
• अनजान व्यक्ति को अपना आधार, PAN, पासबुक या नेट बैंकिंग डिटेल्स न साझा करें।
• कमीशन या आसान कमाई के लालच में न फंसें।
• संदेह होने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।
शिकायत कहाँ करें?
• साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930
• ऑनलाइन: www.cybercrime.gov.in
• चाक्षु पोर्टल (संचार साथी वेबसाइट)
एसटीएफ ने राज्य में लगभग 2200 संदिग्ध म्यूल खातों की पहचान की है और सत्यापन का अभियान तेज कर दिया है। 12 टीमें लगातार इस पर काम कर रही हैं।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की प्रगति देखने सीएम धामी उतरे ग्राउंड जीरो पर

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देहरादून: फाइलों में शिकायत दबाने के बजाय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनता की समस्या को खुद ग्राउंड पर जाकर देखा। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज एक शिकायत की पड़ताल करते हुए वे देहरादून के जाखन क्षेत्र पहुँच गए।


शिकायतकर्ता विवेक मदान ने राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडरग्राउंड करने के दौरान फुटपाथ को हुए नुकसान की शिकायत की थी। यूपीसीएल द्वारा फुटपाथ खोदने के बाद मिट्टी का सही भरान न होने से टाइल्स बैठ गईं और फुटपाथ इस्तेमाल के अयोग्य हो गया। साथ ही कई जगह बिजली की लाइनें अभी भी ऊपर दिख रही थीं, जिससे जनता को खतरा हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता विवेक मदान को साथ लेकर अपने मोबाइल से वीडियो कॉल के जरिए अधिकारियों को मौके की हकीकत दिखाई। स्थिति देखकर सीएम धामी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “विभाग समन्वय के बिना काम करते हैं, जिससे पब्लिक परेशान होती है और सरकारी धन की बर्बादी होती है।”
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्लानिंग के साथ काम करें, अन्यथा बार-बार खुदाई से लोगों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है।
प्रदेशभर में चलेगा अभियान
सीएम धामी ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी ऐसी शिकायतें आ रही हों तो उन्हें तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि वे आगामी दौरों में नियमित रूप से ऐसे मौके पर निरीक्षण करेंगे और पूरे प्रदेश में इस तरह की लापरवाहियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।

 

CM धामी ने लोक निर्माण विभाग की मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन

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सीएम धामी ने कहा कि विजन के साथ विकास हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई आगामी 05 वर्षों (2026-2031) के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा आगामी 05 वर्षों के विजन पर आधारित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया जाना सराहनीय पहल है। यह पुस्तिका राज्य में बुनियादी ढांचे को विकसित करने, सशक्त और सुरक्षित, भविष्य को सुनिश्चित करने का मार्ग है। उन्होंने कहा राज्य में विकास की संभावनाओं एवं विकसित भारत 2047 के संकल्पों को पूरा करने में यह मास्टर प्लान पुस्तिका अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य तेजी से गए बढ़े हैं। बीते सालों में राज्य में व्यापक स्तर पर सड़कों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा संकल्प है कि राज्य को तय लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए और विजन के साथ विकास किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य, पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की आवश्यकताओं को देखते हुए हम विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य में टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा यह पुस्तिका निश्चित ही राज्य को आगे बढ़ाने का विजन तय करेगी।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग स्पष्ट विजन के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा विकास के लिए कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है, जिसपर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक प्रोजेक्ट के विजन को रखा गया है। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता अनुसार पुस्तिका में संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने बताया पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी इकनॉमी हब कनेक्टिविटी , ब्रिज डेवलपमेंट एवं सेफ्टी, सड़क सुरक्षा एवं स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन एवं पॉलिसी जैसे विभिन्न प्राथमिकताओं पर विभाग का विजन रखा गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख अभियंता राजेश चन्द्र शर्मा, मुख्य अभियंता रणजीत रावत, राजेन्द्र सयाना, अधीक्षण अभियंता मनोज बिष्ट, अरूण पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बी.एन द्विवेदी, राजेश कुमार, नीरज त्रिपाठी एवं अन्य लोग मौजूद थे।

पेंशनरों के भौतिक सत्यापन हेतु 22 व 24 अप्रैल को विशेष शिविर: प्रथम चरण में सहसपुर एवं डोईवाला में होंगे शिविर

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देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा पेंशनरों के भौतिक सत्यापन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रथम चरण में सहसपुर एवं डोईवाला विकासखंडों में शिविर लगाए जाएंगे।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 अप्रैल को सहसपुर ब्लॉक के ग्राम खुशहालपुर स्थित पंचायत भवन तथा 24 अप्रैल को डोईवाला ब्लॉक के राइका बुल्लावाला में प्रातः 11 बजे से पेंशनरों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शिविरों में ग्राम प्रधान, सहायक समाज कल्याण अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा मौके पर ही परिवार रजिस्टर की नकल प्रस्तुत कर सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।

पेंशनरों (वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता) को शिविर में स्वयं उपस्थित होकर अपने वोटर आईडी एवं आधार कार्ड की मूल प्रति साथ लाना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो पेंशनर निर्धारित तिथियों पर सत्यापन हेतु उपस्थित नहीं होंगे, उनकी आगामी पेंशन धनराशि का भुगतान रोक दिया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए शत-प्रतिशत पेंशनरों का सत्यापन समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।