Home Blog Page 37

नशा तस्करों पर दून पुलिस का जोरदार एक्शन: मादक पदार्थों की तस्करी करतेकरते 4 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

0

अभियुक्तों के कब्जे से 07 लाख रू0 से अधिक अनुमानित मूल्य की 24.51 ग्राम अवैध स्मैक, 01 किलो 200 ग्राम अवैध गाँजा तथा 151 ग्राम चरस हुई बरामद

*चरस तस्करी में गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी एंव अन्य आपराधिक गतिविधियों में जा चुका है जेल*

मां0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” के विजन को साकार करने के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी/बिक्री में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में दून पुलिस द्वारा लगातार चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए ऐसे अभियुक्तों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

इसी क्रम में दून पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण निम्नवत है।

*1- कोतवाली डोईवाला*

*साढे 05 लाख रू0 अनुमानित मूल्य की 18.37 ग्राम अवैध स्मैक के साथ महिला अभियुक्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार*

दिनांक 27-03-2026 को डोईवाला पुलिस द्वारा केशवपुरी बस्ती, डोईवाला क्षेत्र में आकस्मिक चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर 01 अभियुक्ता शाहिन खातून पत्नी नाकी उर्फ सुन्दर को 18.37 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्ता के विरूद्ध कोतवाली डोईवाला पर मु0अ0सं0- 92/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्ता:-*

शाहिन खातून पत्नी नाकी उर्फ सुन्दर निवासी केशवपुरी बस्ती, कोतवाली डोईवाला, देहरादून, उम्र 27 वर्ष

*बरामदगी का विवरण:-*

18.37 ग्राम अवैध स्मैक *(अनुमानित कीमत 05 लाख 50 हज़ार रूपये)*

*02: 151 ग्राम अवैध चरस के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार, गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में जा चुका है जेल*

डोईवाला पुलिस द्वारा दिनांक 27-03-2026 की रात्रि चैकिंग के दौरान सौंग नदी पुल के पास से 01 अभियुक्त मुकुल उर्फ माइकल को 151 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध कोतवाली डोईवाला पर मु0अ0सं0- 91/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में जेल जा चुका है।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*

मुकुल उर्फ माइकल पुत्र स्व0 भगवान दास निवासी ज्ञान विहार रेलवे कॉलोनी वार्ड नंबर 18, डोईवाला, देहरादून, उम्र- 32 वर्ष

*बरामदगी:* 151 ग्राम अवैध चरस

*अभियुक्त का आपराधिक इतिहास*
01- मु0अ0स0: 95/25 धारा 305ए/331(4)/317(2) बीएनएस
02- मु0अ0स0: 317/24 धारा 305ए/331(4)/317(2) बीएनएस
03- मु0अ0सं0: 11/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट
04- मु0अ0सं0: 91/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट

*02: कोतवाली ऋषिकेश*

*02 लाख रू0 अनुमानित मूल्य की 6.14 ग्राम स्मैक के साथ 01 अभियुक्त गिरफ्तार*

चैकिंग के दौरान ऋषिकेश पुलिस टीम द्वारा ट्राजिंट कैंप गेट न0- 03 के पास से 01 अभियुक्त आकाश उर्फ गोलू को 6.14 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध कोतवाली ऋषिकेश पर मु0अ0सं0- 121/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*

आकाश उर्फ गोलू पुत्र आनंद मणी निवासी गली न०- 05, कुम्हार बाडा, ऋषिकेश, उम्र- 23 वर्ष

*बरामदगी:* 06.14 ग्राम अवैध स्मैक *(अनुमानित मूल्य 02 लाख रू0)*

*3- थाना नेहरू कॉलोनी*

*1 किलो 200 ग्राम गांजे के साथ 01 अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार*

नेहरुकोलोनी पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान दून यूनिवर्सिटी रोड से एक अभियुक्त जीतनाथ को 1 किलो 200 ग्राम अवैध गाँजे के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध थाना नेहरू कॉलोनी पर मु0अ0स0- 114/26 धारा: 08/20 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:*

जीत नाथ पुत्र मोनी नाथ उम्र 24 निवासी सपेरा बस्ती, निकट रिस्पना पुल, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून

*बरामदगी:* 01 किलो 200 ग्राम अवैध गाँजा

 

दून पुलिस का “ऑपरेशन नाईट वॉच” : हुड़दंगियों पर कसता नकेल 

0

“ऑपरेशन नाईट वॉच” के तहत सभी रात्रि में थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा लगातार चलाया जा रहा सघन चेकिंग अभियान

*नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार वृहद स्तर पर की जा रही कार्यवाही*

*शराब पीकर वाहन चलाने वाले 42 व्यक्तियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 15 चौ-पहिया तथा 27 दो-पहिया वाहनों को किया सीज*

*रैश ड्राइविंग/ओवरस्पीडिंग व यातायात नियमो के उल्लघंन पर 45 वाहनो को किया सीज*

*यातायात नियमों के उल्लंघन पर 80 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई कर किया 46000 रू0 का जुर्माना*

*रात्रि में 1600 से अधिक व्यक्तियों की चेकिंग कर की आवश्यक पूछताछ, डेढ़ हजार से अधिक वाहनों को किया चैक*

*रात्रि में आवश्यक रूप से घूम रहे 400 से अधिक व्यक्तियों से की पूछताछ, 64 संदिग्धों को 172 bnss में लाया गया थाने*

*38 संदिग्ध व्यक्तियों के 81 पुलिस एक्ट में चालान कर किया 9500 /- रू0 का जुर्माना*

*एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिये लगातार चल रहा दून पुलिस का अभियान “ऑपेरशन नाईट वॉच”*

एसएसपी देहरादून द्वारा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रो में स्थित शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी कर माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले छात्रों को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा रात्रि में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के साथ-साथ अराजक तत्वों पर नकेल कसने हेतु लगातार स्थान बदल बदल कर सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही रात्रि चेकिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए “ऑपरेशन नाइट वॉच“ की शुरुआत की है। उक्त निर्देशों के क्रम में जनपद में नगर से देहात तक सभी थाना क्षेत्रो में पुलिस द्वारा “ऑपरेशन नाइट वॉच“ के तहत लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

 

इसी क्रम में दिनांक: 27/03/2026 की रात्रि में जनपद के नगर तथा देहात के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की अलग-अलग टीमो द्वारा सीमावर्ती चौक पोस्टों/आन्तरिक मार्गों पर आकस्मिक रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा रात्रि वृहद स्तर पर कार्यवाही करते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शराब पीकर वाहन चलाने वाले 42 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सभी 42 वाहनो को सीज किया गया। इस दौरान वाहनों में हूटर, काले शीशे लगाने व यातायात नियमो के उल्लंघन पर 45 अन्य वाहनो को सीज करते हुए 80 वाहन चालको के एम0वी0 एक्ट में चालान कर 46000/- ₹ का जुर्माना किया गया तथा 96 कोर्ट के चालान किये गये। इस दौरान पुलिस द्वारा 1580 वाहनों को चैक किया गया तथा 1650 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ कर उनके सत्यापन संबंधित जानकारी प्राप्त की गई।

रात्रि में अनावश्यक रूप से घूम रहे 400 व्यक्तियों से पुलिस द्वारा मौके पर पूछताछ करते हुए 64 संदिग्ध व्यक्तियों को 172 bnda में थाने लाया गया, इस दौरान 38 व्यक्तियों के विरूद्ध 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्यवाही करते हुए उन पर 9500/- रू0 का जुर्माना किया गया।

 

पीएम मोदी के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट:  तैयारियों को लेकर DM ने दिए आवश्यक निर्देश

0

 

देहरादून,।  दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम में मा० प्रधानमंत्री जी के संभावित प्रतिभाग एवं जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर व्यापक तैयारियों की समीक्षा की तथा रेखीय विभाग के आला अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच), एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मा० प्रधानमंत्री के संभावित भ्रमण मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर लें तथा मार्ग पर आवश्यक सौन्दर्यीकरण, डिवाइडर मरम्मत, सड़क सुधार एवं अन्य कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित रूट पर अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों के अंतर्गत सड़क किनारे पड़ी केबलों को तत्काल हटाया जाए, जिससे आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो तथा मार्ग सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बना रहे।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मंच निर्माण, सुरक्षा प्रबंध, पार्किंग व्यवस्था, बैठने की समुचित व्यवस्था, मोबाइल शौचालय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण किया जाए। नगर निगम को कार्यक्रम स्थल एवं संभावित रूट पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मा० प्रधानमंत्री के प्रस्तावित जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में संभावित रूट पर चल रहे समस्त निर्माण कार्यों हेतु पूर्व में दी गई अनुमतियां कार्यक्रम तक तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा कहा कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम प्रवीन कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
—–0—–

कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने सांसद निधि से 19.85 लाख से नवर्निमित शिक्षण कक्ष – केशव सभागार का किया लोकार्पण 

0

 

स्कूल में वर्षो पूर्व बने भवन जर्जर होकर टूट रहे है व बच्चो की संख्या बढ़ने पर भवन की आवश्यकता को देखते हुए व छात्रों की संख्या को देखते हुए भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने नव भवन के लिए 19.85 लाख का बजट दिया था।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि विद्यालय विद्या का मन्दिर होता है। विद्या ही विकास का मूल मंत्र है, विद्या के इस मन्दिर से निकले हुए छात्र , छात्राएं देश के विभिन्न संस्थानों में अपना परचम लहरा रहे हैं। डा. शेलेन्द्र ने कहा कि विद्यालय में अच्छे संस्कार दिये जाते है, जिनकी वजह से वे छात्र अपने लक्ष्य की ऊचाईयों को प्राप्त कर लेते है।

छात्र, छात्राओं ने स्वागत गीत और देश भक्ति नाटक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन ने सांसद जी सहित सभी सम्मानित अतिथियों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर विधायक श्री बृज भूषण गैरोला जी, स्कूल प्रबंधकरणी, शिक्षक एवं विद्यालय के समस्त छात्र और छात्राए उपस्थित मौजूद रही ।

द्वारा
निजी सचिव
डा. नरेश बंसल जी
माननीय भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा

Big Action: DM की क्यूआरटी अलर्ट , 7 गैस एजेंसियों व 87 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी, 05 घरेलू सिलेंडर जब्त

0

 

एलपीजी गैस कालाबाजारी पर अभी तक 6 मुकदमे दर्ज; 210 घरेलू व 139 व्यवसायिक तथा 13 छोटे सिलेंडर जब्त

एलपीजी गैस की कालाबाजारी को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में निरंतर छापेमारी की कार्रवाई गतिमान है।

देहरादून, दिनांक 28 मार्च, 2026 (सूवि)। जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन की क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) द्वारा निरंतर सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 7 गैस एजेंसियों एवं 87 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। छापेमारी के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 05 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के तहत अब तक जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी से संबंधित 6 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। साथ ही अभियान के दौरान कुल 210 घरेलू, 139 व्यावसायिक एवं 13 छोटे गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस की कालाबाजारी एवं घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण करते हुए गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी अथवा अनियमितता की सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा जनहित में यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

—-0—-

कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून

 

नारी निकेतन में संवासिनी की संदिग्ध मृत्यु की निष्पक्ष जांच की की मांग

0

 

देहरादून स्थित नारी निकेतन में एक संवासिनी की मृत्यु का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है, जबकि परिस्थितियाँ कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित महिला का अपने परिवार, विशेषकर पति से नियमित संपर्क था और वह शीघ्र ही अपने घर लौटने वाली थी। ऐसे में अचानक इस प्रकार की घटना होना संदेह उत्पन्न करता है। यदि महिला किसी मानसिक तनाव से गुजर रही थी, तो नारी निकेतन प्रशासन द्वारा उसकी समुचित निगरानी और परामर्श की व्यवस्था क्यों नहीं की गई—यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

जन प्रहार के प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी सुश्री मीना बिष्ट से मुलाकात की और इस बात पर आपत्ति की कि बिना जांच के इस हादसे को आत्महत्या बताया जा रहा है।

वहीं विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति सामने आई है। समाज कल्याण मंत्री श्री खजान दास के कार्यालय ने कि यह महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत आता है जबकि मंत्री श्रीमती रेखा आर्य के कार्यालय ने बताया कि वह शहर से बाहर है। जैन प्रहार के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलने का समय मांगा है ताकि निष्पक्ष जांच के लिए वह अपना ज्ञापन उन्हें सौंप सके। श्रीमती रेखा आर्य के कार्यालय ने जल्दी ही समय देने का आश्वासन दिया है क्योंकि मंत्री जी मौजूदा समय में शहर से बाहर बताई जा रही हैं।

जन प्रहार की संयोजक सुजाता पॉल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि महिला सुरक्षा एवं संरक्षण तंत्र की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती हैं। भाजपा के शासनकाल में नारी निकेतन में भी युवतियां सुरक्षित नहीं है। यदि उक्त महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी तो उसका इलाज किस डॉक्टर के द्वारा किया जा रहा था और उसकी देखरेख में कहां कमी रह गई? यदि यह आत्महत्या है तब भी यह गंभीर स्थिति हो जाती है क्योंकि उसकी देखरेख के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने चाहिए थे।

जन प्रहार के सहसंयोजक एडवोकेट पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिस पर त्वरित और ठोस कार्रवाई आवश्यक है। इस मामले को दबाए जाने की कोशिश करना अत्यंत गंभीर सवाल उत्पन्न कर रहा है जिस कारण इसकी निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई बाहर नही आ सकती।

अतः *”जन प्रहार “* उत्तराखंड सरकार से मांग करता हैं कि:

1. इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या मजिस्ट्रियल स्तर पर कराई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके।
3. घटना के समय तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
4. यदि किसी प्रकार की लापरवाही, मानसिक उत्पीड़न या अन्य कारण सामने आते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
5. नारी निकेतन जैसी संस्थाओं में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।

हम विशेष रूप से उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण मंत्री श्रीमति रेखा आर्य एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मांग करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इस मौके पर “जन प्रहार” की संयोजक सुजाता पॉल, सह संयोजक एडवोकेट पंकज सिंह क्षेत्री और प्रवक्ता श्री रविन्द्र गुसाईं मौजूद रहे।

— जारीकर्ता
पंकज सिंह क्षेत्री
सह संयोजक
जन प्रहार

 

राज्यपाल का पौड़ी दौरा: स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की सराहना, विकास योजनाओं की की समीक्षा

0

महिलाओं की मेहनत को राज्यपाल ने सराहा, उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर दिया जोर

*विकास, नवाचार और स्वरोजगार पर राज्यपाल का फोकस, विकास कार्यों की समीक्षा कर दिए निर्देश*

दो दिवसीय जनपद दौरे पर पहुंचे महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने सर्किट हाउस, पौड़ी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से उनके उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन व्यवस्था, उत्पादन प्रक्रिया एवं आय में हुई वृद्धि के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उनके प्रयासों को सराहा।

जनपद मुख्यालय पहुंचने पर राज्यपाल को सुरक्षा बलों द्वारा सलामी दी गई। इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश्वर पंवार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस पहुंचने पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने पारंपरिक तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया।

सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्वारा दो महिलाओं की गोद भराई की गई तथा आंगनबाड़ी के 10 बच्चों को ट्रैकसूट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत चार पशु सखियों को स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिससे वे अपने कार्यों को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बना सकें। कार्यक्रम में उमंग स्वायत्त सहकारिता, नव उज्जवल स्वयं सहायता समूह, श्री तीमली आजीविका समूह, कृषक उत्पादक संघ, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जिला उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का राज्यपाल ने निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं उपयोगिता की सराहना करते हुए उन्हें बड़े बाजारों एवं वैश्विक मंच तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभवों को जाना। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद देश के प्रमुख महानगरों तक पहुंचने चाहिए और इसके लिए प्रशासन द्वारा महिलाओं का निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने महिलाओं को पंतनगर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कराने पर भी बल दिया, जिससे वे नवीन तकनीकों एवं नवाचारों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि महिलाओं को आधुनिक पैकेजिंग एवं प्रभावी विपणन हेतु सुदृढ़ प्रशिक्षण प्रदान किया जाय, जिससे उनके उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

कार्यक्रम में बालिका स्वस्ति नौटियाल ने राज्यपाल से संवाद करते हुए बाल रोग विशेषज्ञ बनने की इच्छा व्यक्त की तथा सांस्कृतिक प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध किया। राज्यपाल ने बालिका को सम्मानित कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इसके उपरांत राज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा जनपद में संचालित सतत एवं समावेशी विकास की अभिनव पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, बायोमास ऊर्जा, पर्यटन एवं नवाचार से संबंधित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने हेतु बिलखेत में पैराग्लाइडिंग तथा पाली गांव (लैंसडाउन) में जिपलाइन व होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही विज्ञान संग्रहालय, इंडोर स्टेडियम एवं कंडोलिया मैदान का विकास प्रगति पर है, जबकि मोहनचट्टी को आयुर्वेद ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, एंबुलेंस और डायग्नोस्टिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बायोमास ऊर्जा के क्षेत्र में चीड़ (पिरूल) के उपयोग से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा नशा उन्मूलन अभियान, साइबर अपराध नियंत्रण, मानव तस्करी रोकथाम एवं गुमशुदा बच्चों की खोज से संबंधित प्रयासों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने मशरूम, कीवी, सेब एवं फ्लोरीकल्चर जैसी नवाचारी खेती की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान डीएफओ महातिम यादव द्वारा वनाग्नि नियंत्रण, लीसा निष्कर्षण परियोजना एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।

राज्यपाल ने किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण तथा महिलाओं में एनीमिया परीक्षण पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीरूल के संग्रहण एवं प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों के विजन की सराहना करते हुए कहा कि जनपद पौड़ी में अपार विकास संभावनाएं निहित हैं, जिनके प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। राज्यपाल ने संसाधनों के बेहतर उपयोग, नवाचारी उत्पादों को बढ़ावा देने एवं पलायन रोकने की दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पीडी डीआरडीए विवेक उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

भरसार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 283 छात्रों को प्रदान की उपाधि

0

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का संदेश- ज्ञान से समाज और राष्ट्र निर्माण में दें योगदान

*कृषि, औद्यानिकी व वानिकी में नवाचार से होगा पर्वतीय कृषि का कायाकल्प- राज्यपाल*

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, पौड़ी गढ़वाल के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) पहुंचे। उन्होंने द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा वानिकी, औद्यानिकी और कृषि के 283 छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी डिग्रियां व उपाधियां प्रदान की गई।

इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में बने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पार्क में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इसके उपरांत उन्होंने सभा कक्ष, ई-गवर्नेंस पोर्टल व ई-फाइलिंग डिजिटाइजेशन मॉड्यूल का उद्घाटन किया। प्रशासनिक, शैक्षणिक भवन एवं ट्रांसिट हॉस्टल निर्माण कार्य का शिलान्यास, बहुद्देशीय भवन का लोकार्पण किया।

तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने बीएससी ऑनर्स के साक्षी वर्मा, प्रदीप कुमार, संजना बिष्ट, मैत्रेय नौटियाल, युक्ता लोहनी को स्वर्ण पदक प्रदान किया। जबकि इशिता नेगी, सवेरा पंवार, श्वेता सेमवाल, सुहर्षिता बहुगुणा को रजत पदक से सम्मानित किया।

राज्यपाल ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे उनके परिश्रम, समर्पण और अनुशासन का परिणाम बताया।

राज्यपाल ने कहा कि कृषि, औद्यानिकी और वानिकी उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन क्षेत्रों में नवाचार व आधुनिक तकनीक अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करें तथा पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों को अवसर में बदलें।

उन्होंने विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए शोध को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया और स्वर्ण व रजत पदक विजेताओं को बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों को ईमानदारी, नैतिकता और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीएल गौतम व प्रगतिशील किसान प्रेम चंद शर्मा को शॉल ओढ़ाकर वी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल सहित अन्य अतिथियों द्वारा यूनिवर्सिटी स्मारिका, कॉफी टेबल बुक, विश्वविद्यालय का विजन डॉक्यूमेंट 2027, प्रोसिडिंग 14वीं ब्रेन स्टोर्मिंग सेशन पुस्तकों का विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षांत समारोह में उपस्थितों को वर्चुअल माध्यम से उपाधि प्राप्त कर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस विश्विद्यालय में नवाचार का परिवेश है। उन्होंने कहा कि कृषि, औद्यानिकी और वानिकी केवल आर्थिक विकास के साधन नहीं है बल्कि सांस्कृतिक धरोवर व पर्यावरणीय पहचान के अभिन्न अंग है। आज आप केवल एक उपाधि प्राप्त नहीं कर रहे हैं बल्कि जिम्मेदारी को भी स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रखकर राज्य और राष्ट्र के कल्याण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा अर्जित ज्ञान और कौशल पर्वतीय कृषि की चुनौतियों को अवसर में बदलेगा।

कृषि एवं कृषक मंत्री गणेश जोशी ने सभी 283 उपाधि प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का समर्पित शैक्षणिक वातावरण और नवाचार से देश विदेश में नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद भले ही कृषि क्षेत्रफल कम हुआ है लेकिन उत्पादन 3 लाख टन बड़ा है। उन्होंने उत्तराखण्ड के उच्च गुणवत्ता वाले मिलेट विदेशों तक पहुंचाने और इसे विश्वपटल पर पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आप जो कुछ भी यहां से सीख कर जा रहे हैं, उससे लोगों का जीवन बदलना है।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. परविंदर कौशल ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय किसानों की आय बढ़ाने, उन्नत तकनीकों के प्रसार तथा पर्वतीय कृषि को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न शोध परियोजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए करें।

इस अवसर पर कॉलेज के डीन डॉ. एके जोशी, रजिस्ट्रार डॉ. एसपी सती, डायरेक्टर रिसर्च केएस पंत, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल*

नारी निकेतन में संवासिनी की आत्महत्या मामलें में महिला आयोग ने लिया संज्ञान: DM को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश

0

मृत्यु के कारणों की हर पहलू से हो गहन पड़ताल, 35 वर्षीया संवासिनी की संदिग्ध ‘खुदकुशी’ पर महिला आयोग सख्त*

 

*मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की सुरक्षा हेतु बने विशेष योजना; सीसीटीवी और नाइट शिफ्ट स्टाफ बढ़ाने के आदेश*

देहरादून: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने देहरादून स्थित राजकीय नारी निकेतन में एक 35 वर्षीया संवासिनी द्वारा सीढ़ियों की रेलिंग से फंदा लगाकर कथित रूप से आत्महत्या किए जाने के प्रकरण का अत्यंत गंभीर संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष ने इस मामले में शाम नारी निकेतन पहुंची और मामले में जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून, सविन बंसल को फोन पर वार्ता के क्रम में निर्देशित करते हुए प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा विस्तृत जांच रिपोर्ट तत्काल आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा आयोग का स्पष्ट मत है कि एक राजकीय संस्थान के भीतर, जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी पूर्णतः प्रशासन की है, वहां इस प्रकार की हृदयविदारक घटना का होना तंत्र की संवेदनहीनता और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

नारी निकेतन में मौजूद जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतका ममता (निवासी हमीरपुर, उत्तर प्रदेश) पिछले 6 माह से संस्थान में उपचाराधीन थी और उसकी मानसिक स्थिति में निरंतर सुधार देखा जा रहा था। रिकॉर्ड के अनुसार, घटना की रात लगभग 11:00 बजे राउंड के दौरान कर्मचारी ने उसे अपने बिस्तर पर सोते हुए पाया था, किंतु रात्रि 3:00 बजे के अगले राउंड में वह सीढ़ियों की रेलिंग से फंदे पर लटकी पाई गई।

इस पर आयोग की अध्यक्ष ने इस 4 घंटे के अंतराल और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर तीखी आपत्ति दर्ज की है। अध्यक्ष ने जिलाधिकारी सविन बंसल से कहा है कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका की विस्तृत जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद संवासिनी की गतिविधियों पर रात के समय विशेष नजर क्यों नहीं रखी गई।

आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु कड़े सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की सुरक्षा के लिए एक ‘विशेष सुरक्षा योजना’ तैयार की जाए, जिसमें उनकी निगरानी हेतु अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और नाइट शिफ्ट में तैनात कर्मचारियों की संख्या में भी वृद्धि की जाए। आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि संवेदनशील वार्डों और गलियारों में 24 घंटे सक्रिय निगरानी तंत्र सुनिश्चित होना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके।

आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि राज्य महिला आयोग समय-समय पर स्वयं इन संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण करता है, संवासिनियों से प्रत्यक्ष संवाद किया जाता है और वहां दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता की निरंतर जांच की जाती है। इस सक्रियता के बावजूद ऐसी घटना होना विचलित करने वाला है।

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने निर्देश दिए हैं कि इस बात की भी सूक्ष्मता से जांच हो कि क्या महिला अपने परिवार के पास जाने को लेकर किसी प्रकार के दबाव, भय या नाराजगी में थी। आयोग इस मामले की निरंतर निगरानी कर रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मामले में जिलाधिकारी ने कहा की मामले में मृतका का पोस्टमार्टम किया जा चुका है जांच कराई जाएगी और जल्द से जल्द संवासिनियों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी कराए जाएंगे।

राज्य महिला आयोग, उत्तराखंड

कुम्भ 2027 बनेगा ‘डिजिटल कुम्भ’, AI और IoT तकनीक से होगा स्मार्ट प्रबंधन

0

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से भेंट कर रेल एवं ‘डिजिटल कुम्भ 2027’ पर की चर्चा

*कुमाऊँ से गढ़वाल तक रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई परियोजनाओं पर जोर*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर त्वरित कार्यवाही का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार एवं रेल मंत्रालय द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सामरिक, भौगोलिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने दिल्ली से मेरठ के बीच आरआरटीएस (Regional Rapid Transit System) के सफल संचालन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों को समय एवं ईंधन की बचत के साथ सुगम यात्रा का अनुभव मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार, ऋषिकेश, चारधाम एवं अन्य पर्यटन स्थलों पर बढ़ते यातायात दबाव का उल्लेख करते हुए मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक आरआरटीएस के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया और इस दिशा में शीघ्र कार्यवाही का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रथम चरण का कार्य वर्ष 2026 तक पूर्ण कर लोकार्पण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। कुमाऊँ क्षेत्र के विकास के लिए टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में स्वीकृति प्रदान करने तथा बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) की अनुमति देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण, रायवाला बाई-डक ब्रिज के विकास कार्य, चारधाम रेल परियोजना के अंतर्गत डोईवाला-उत्तरकाशी एवं कर्णप्रयाग-पीपलकोटी खंडों के फाइनल लोकेशन सर्वे को शीघ्र पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान करने तथा मोहण्ड-देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं उत्तराखण्ड के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को अवगत कराया कि राज्य सरकार कुम्भ 2027 को भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियाँ कर रही है। इस बार कुम्भ को ‘डिजिटल कुम्भ’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘डिजिटल कुम्भ’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, त्वरित सूचना प्रसार, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि ‘डिजिटल कुम्भ’ परियोजना हेतु ₹143.96 करोड़ की वित्तीय सहायता के लिए भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्रस्ताव पर शीघ्र कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से कुम्भ 2027 का आयोजन आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।