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Big Breaking: जागेश्वर वन क्षेत्र में विजिलेंस की टीम ने वन कर्मचारी को 25,500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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हल्द्वानी (नैनीताल), 28 मार्च 2026: उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance Department) ने वन विभाग में रिश्वतखोरी का एक और मामला उजागर किया है।
थाना सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल हल्द्वानी में आज दिनांक 28.03.2026 को मुकदमा संख्या-03/2026 दर्ज किया गया। इस मामले में धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त:
नवीन नौटियाल, पुत्र गोविन्द प्रसाद, हाल बाबू/फॉरेस्टर, वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय जागेश्वर (वर्तमान में फॉरेस्ट क्वार्टर, चौकी पनुवानौला)।
आरोप:
शिकायतकर्ता जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि नवीन नौटियाल ने वर्ष 2026 में लीसा गडान ढुलान (Lisa Gadan Dhulan) के कार्य के पंजीकरण के नवीनीकरण एवं लंबित बिलों के भुगतान के एवज में 25,500 रुपये रिश्वत मांगी थी। सतर्कता टीम ने नवीन नौटियाल को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
अन्य अभियुक्त:
इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी (Forest Ranger), रेंज जागेश्वर, आशुतोष जोशी भी नामजद हैं। उनके विरुद्ध भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत की सत्यता की जांच के बाद ट्रैप लगाकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।

 

 GRD इंस्टिट्यूट ने रखी मल्टीस्पेशलिटी चैरिटेबल हॉस्पिटल की नींव: वंचित एवं मध्यवर्गीय परिवारों को होगा समर्पित

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उत्तराखंड के वंचित एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए पूर्णतः समर्पित होगा “सरदार राजा सिंह मेमोरियल चैरिटेबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, राजपुर रोड देहरादून ”

 

देहरादून – 28 मार्च 2026- जी आर डी इंस्टीट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड पैरामेडीकल राजपुर रोड देहरादून ने आज संस्थान के संस्थापक चेयरमैन स्व. सरदार राजा सिंह के नाम से सरदार राजा सिंह मेमोरियल चैरिटेबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की नींव का पत्थर रखा । यह अस्पताल उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाते हुए उत्तराखंड के वंचित एवं मध्यमवर्गीय परिवारो के लिए पूर्णतः समर्पित होगा।

समारोह के मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर कहां कि,” निजी क्षेत्र द्वारा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास उल्लेखनीय हैं। पहाड़ से प्रतिभा पलायन रोकने और राज्य में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में ऐसे पयासो से मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए संस्थान के चेयरमैन सरदार इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उनके पिताजी का हमेशा से यह उद्देश्य रहा था कि संस्था जन हित के लिए निरंतर कार्य करे और समाज के हर वर्ग के लोगों तक हर संभव मदद पहुंचे ! प्रस्तावित अस्पताल में स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ साथ यहां के छात्र छात्राओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, जिससे वे कुशल नर्सिंग एवं पैरामेडिकल प्रशिक्षक बनकर समाज में अपना योगदान दे सकेंगे।

महानिदेशक डॉ. पंकज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि ” उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को मेडिकल के पढ़ाई करने के लिए अब अन्य राज्यों में जाने की जरूरत नहीं है, हम संस्थान के माध्यम से छात्रों के लिए आगामी वर्षो में राज्य में ही सर्वश्रेष्ठ विश्व स्तरीय सुविधा मुहैया कराने जा रहे हैं, जहां पर वे अपना प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुविधाओं के साथ कर सकते हैं। प्रस्तावित अस्पताल उत्तराखंड में सस्ती और श्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति पूर्णतः समर्पित रहेगा । डॉ पंकज चौधरी ने मीडिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि सस्थान की निरंतर सफलताओं में मीडिया का परस्पर योगदान रहा है और इस योगदान को संस्था कभी भी भूलेगी नहीं ।

कार्यक्रम में इस अवसर पर चेयरमैन सरदार इंदरजीत सिंह ओबेराय, प्रेजिडेंट डॉली ओबेराय, वाईस प्रेजिडेंट सरदार प्रबजी ओबेराय, गुरु राम दास एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टीज, महा निदेशक डॉ. पंकज चौधरी, सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष, शिक्षक एवं छात्र छात्राये उपस्थित रहे ।

स्वर्गीय सरदार राजा सिंह जी की याद में आज शौक सभा एवं लंगर का भी आयोजन किया गया जिसमे बढ़ी संख्या में गणमान्य लोगो ने प्रतिभाग किया एवं श्रदांजलि दी साथ ही उनके द्वारा किये गए सामाजिक कार्यो की सराहना की !

सीएम धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारंभ

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न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाते हुए आम जनमानस को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ एवं प्रभावी बनाते हुए आम जनमानस को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल न्याय सुलभता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र की भावना का विस्तार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सदैव इस बात पर बल दिया गया है कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता एवं शीघ्रता से पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व लोक अदालत का आयोजन वर्षों से लंबित राजस्व विवादों के त्वरित एवं सार्थक समाधान हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी विवाद केवल कागजी प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि इनके पीछे किसानों की भूमि, परिवारों की आजीविका एवं व्यक्तियों का आत्मसम्मान जुड़ा होता है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजस्व विवादों के निस्तारण हेतु राज्य स्तर पर राजस्व परिषद, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त न्यायालय, जिला स्तर पर कलेक्टर न्यायालय तथा तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालय कार्यरत हैं।

वर्तमान में प्रदेश में 400 से अधिक राजस्व न्यायालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 50 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि’ के मूल मंत्र के साथ ‘राजस्व लोक अदालत’ की अभिनव पहल प्रारम्भ की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘न्याय आपके द्वार’ की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 210 स्थानों पर एक साथ राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 6,933 मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के अंतर्गत भूमि विवादों के अतिरिक्त आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, सरफेसी एक्ट, गुंडा एक्ट, सीआरपीसी, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम एवं रेंट कंट्रोल एक्ट से संबंधित मामलों का भी समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार Minimum Government, Maximum Governance के विजन के अनुरूप प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को ऑनलाइन करते हुए ‘Revenue Court Case Management System’ पोर्टल विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपने प्रकरण दर्ज कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अविवादित विरासत के मामलों में भू-स्वामी की मृत्यु के पश्चात निर्धारित समयसीमा के भीतर नामांतरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मृतक की तेहरवीं/पीपलपानी तक वारिसों के नाम नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कर नई खतौनी परिवार को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्होंने विवादित भूमि की पैमाइश एवं कब्जों से संबंधित मामलों को एक माह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता एवं निष्पक्षता लोक अदालत की प्रमुख विशेषताएं हैं, जहां सभी पक्षों को सुनकर संवेदनशीलता के साथ न्याय किया जाता है। उन्होंने शासन में तकनीक एवं नवाचार के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ के माध्यम से आमजन तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

दून पुलिस ने लौटाई परिवार के चेहरे पर मुस्कान: खेल-खेल में घर से भटक गया था 4 वर्षीय बालक

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बालक को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने ली राहत की सांस

*दून पुलिस की कार्यप्रणाली की करी प्रशंसा, किया आभार प्रकट*

*थाना बसंतविहार*

थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिस टीम को रात्रि में एक 03 से 04 वर्षीय बालक अकेले घूमते हुए दिखाई दिया, बालक के आस-पास उसके परिजनों को ढूंढने का प्रयास किया गया तो उसका कोई परिजन नही मिला। बालक की सुरक्षा की दृष्टि से उसे थाने पर लाया गया। बालक बहुत छोटा था तथा अपने परिजनों के संबंध में कुछ भी नही बता पा रहा था। जिस पर बालक के परिजनों की तलाश हेतु सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी की गई तो उक्त बालक की माता थाना बसंत विहार देहरादून थाने पर आई। बच्चे की माता जी द्वारा बताया कि उनका बेटा जिसकी आयु 04 वर्ष है दोपहर में घर से खेलते हुए कहीं निकल गया था, जिसे ढूंढने का काफी प्रयास किया गया लेकिन वह कहीं नहीं मिला। इस दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से बालक के परिजनों को बालक के थाना बसंतविहार पर होने की सूचना प्राप्त हुई।
बालक के परिजनों से आवश्यक पूछताछ के बाद नाबालिक बालक को सकुशल उसकी माता के सुपर्द किया गया।
अबोध बालक को सकुशल वापस पाकर उसके परिजनों द्वारा दून पुलिस की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए आभार प्रकट किया गया।

Big Action: अवैध निर्माणों पर MDDA की सख्ती, डोईवाला और ऋषिकेश में कई भवन सील

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कान्हरवाला भानियावाला तिराह और निर्मल बाग में कार्रवाई, टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्रों में कई भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की, जिससे अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  1. डोईवाला क्षेत्र के कान्हरवाला भानियावाला तिराह पर नेत्रपाल सिंह सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को प्राधिकरण ने सील कर दिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और निर्माण को बंद कराया। इस दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में भी एमडीडीए की टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर अवैध निर्माणों को सील किया। निर्मल बाग ब्लॉक-बी, गली नंबर 10 में आलोक कुडियाल द्वारा किए जा रहे निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया। इसके अलावा निर्मल बाग ब्लॉक-सी में आयुष अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन दोनों कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार, इन निर्माणों के संबंध में पूर्व में भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

*सुनियोजित विकास के लिए सख्त अभियान*
प्राधिकरण ने साफ किया है कि शहर के सुनियोजित विकास को बनाए रखने के लिए अवैध निर्माणों पर रोक लगाना जरूरी है। एमडीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की पहचान की जा रही है, जो बिना अनुमति या नियमों के विपरीत बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

*बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए का बयान*
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना कानूनन अपराध है और इससे शहर के व्यवस्थित विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी, ताकि अवैध निर्माणों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित किया जा सके और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़े।

*मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए का बयान*
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि डोईवाला और ऋषिकेश में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल सख्त कार्रवाई की जा रही है। बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी पहल: BOCW बोर्ड और CSC के बीच MoU पर हस्ताक्षर

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उत्तराखंड सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (CSC SPV) के बीच देहरादून में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य राज्य के निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण को अधिक सरल, सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाना है।

यह समझौता श्री पी.सी. दुमका (सचिव, UKBOCW) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। आधिकारिक दस्तावेजों पर श्री विपिन कुमार (डिप्टी लेबर कमिश्नर) एवं श्री अशवनी कुमार (स्टेट हेड, CSC SPV) द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

 

मुख्य बिंदु एवं लाभ:

✔️ सरल पंजीकरण प्रक्रिया:
अब उत्तराखंड के निर्माण श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आसानी से पंजीकरणऔर नवीनीकरण करा सकेंगे।

✔️ योजनाओं तक सीधी पहुँच:
पंजीकरण प्रक्रिया आसान होने से पात्र श्रमिकों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान विभाग एवं CSC के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्रीमती दुर्गा (सीनियर आईटी ऑफिसर, UKBOCW), श्री संदीप कुमार शर्मा (स्टेट मैनेजर, CSC SPV) एवं श्री भूपेंद्र कुमार (मैनेजर, UIDAI, CSC SPV) प्रमुख रूप से शामिल थे।

सीएम धामी ने रामनवमी पर सीएम आवास में किया कन्या पूजन: प्रदेश की खुशहाली की की कामना

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रामनवमी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा बालिकाओं का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं को भोजन कराया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “समस्त प्रदेशवासियों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव श्री रामनवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन चरित्र हमें कर्तव्यनिष्ठा के साथ सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि सभी का जीवन सुख, समृद्धि एवं खुशहाली से परिपूर्ण हो तथा प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व मर्यादा, आदर्शों और नैतिक मूल्यों के प्रति हमारी आस्था को और अधिक सुदृढ़ करता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कन्या पूजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है, जो नारी सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।

 

सीएम धामी ने किया देहरादून – पिथौरागढ़ विमान सेवा का शुभारंभ

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एलाइंस एयर देहरादून – पिथौरागढ़ के बीच संचालित करेगा 42 सीटर विमान सेवा

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए 42 सीटर विमान सेवा शुरु होने से पिथौरागढ़ – देहरादून का सफर एक घंटे में पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पूर्व ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

*जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

*एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के जरिए देहरादून- पिथौरागढ़ विमान सेवा के लिए अपनी शुभकामानाएं देते हुए राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्री बृजभूषण गैरोला, पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रा पंत, दायित्वधारी श्री हेमराज बिष्ट, एलाइंस एयर के सीएमडी श्री अमित कुमार, उकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान, एसीईओ श्री संजय टोलिया मौजूद थे।

 सरकार के चार साल बेमिसालः रायपुर ब्लाक मुख्यालय में बहुउदेशीय शिविर का आयोजन

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विधायक उमेश शर्मा की अध्यक्षता में जनसमस्याओं का समाधान, 257 लाभार्थी लाभान्वित*श

*विकास के नए आयाम स्थापित कर रही राज्य सरकार, अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुंचाना प्राथमिकता-विधायक*

*देहरादून ।
जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल‘ कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को रायपुर ब्लाक मुख्यालय में बहुउद्देशीय शिविर आयोजन किया गया। शिविर में रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ) की अध्यक्षता में ब्लाक प्रमुख सरोजनी जवाड़ी तथा उप जिलाधिकारी (सदर) हरिगिर ने जन समस्याएं सुनी। इस दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 257 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया।

विधायक उमेश शर्मा (काऊ) ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जिसके लिए इस प्रकार के शिविर प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
शिविर में लोगों ने 11 समस्याएं प्रस्तुत की गई, जिनका मौके पर ही निस्तारण किया गया। ननूरखेड़ा निवासी आकाश सिंह ने अवगत कराया कि उनके निजी भवन से सटा हुआ विद्युत पोल होने के कारण वे भवन पर दूसरी मंजिल का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। इस पर संबंधित विद्युत पोल को अन्यत्र स्थानांतरित करने हेतु विद्युत विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डिफेंस कॉलोनी, वार्ड-58 में कुछ स्थानों पर पेड़ों के कारण यातायात बाधित होने की शिकायत पर प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं, मोहकमपुर के माजरी माफी क्षेत्र में नालियों को भूमिगत किए जाने के दौरान सिंचाई विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर चौंबर खुले छोड़ दिए जाने से दुर्घटना की आशंका व्यक्त की गई। इस पर विभाग को शेष कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन सुखाखोलीदृसरोजना मोटर मार्ग पर रोड कटिंग के दौरान कुछ स्थानों पर पेड़ों के असंतुलित होकर लटकने की सूचना पर वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, माजरी माफी में पेयजल लाइन में रिसाव की शिकायत पर जल संस्थान को शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।

बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 87 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में 50 आधार कार्ड अपडेशन एवं 16 आय प्रमाण पत्र मौके पर निर्गत किए गए। कृषि विभाग ने 10 तथा उद्यान विभाग ने 18 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं प्रधानमंत्री किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग ने 04 पात्र व्यक्तियों की पेंशन समस्या का निस्तारण किया गया। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 07 राशन कार्ड धारकों की यूनिट वृद्धि व केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 15, उरेडा 03, सेवायोजन 10, पशु चिकित्सा 13, विद्युत 02 तथा राजस्व विभाग द्वारा 16 लाभार्थियों को योजनाओं से आच्छादित किया। सेवायोजन विभाग द्वारा 06 युवाओं को करियर परामर्श प्रदान किया गया।

शिविर में रायपुर ब्लाक प्रमुख सरोजनी जवाड़ी, जिप सदस्य वीर सिंह चौहान, रायपुर अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष महेश कुमार, सहायक खंड विकास अधिकारी सुनील उनियाल, सहायक खंड विकास अधिकारी मोहन लाल रतूड़ी सहित स्थनीय जन प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम जनता मौजूद रही।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

DM Action: देहरादून में घरेलू LPG गैस का संकट खत्म, घर-घर हो रही गैस की होम डिलीवरी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मॉनिटरिंग और जिला प्रशासन का एक्शन की बदौलत गैस की उपलब्धता नियंत्रण

देहरादून में घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था सामान्य स्थिति में आ गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को समय पर सप्लाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
गोदाम से सीधे उपभोक्ताओं को गैस देने पर रोक लगाते हुए होम डिलीवरी व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। इसकी निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात की है, जो क्षेत्रवार एजेंसियों का निरीक्षण कर रही है।

प्रशासन की इस सख्ती के बाद गैस एजेंसियों ने सप्लाई चेन को मजबूत करते हुए उपभोक्ताओं के घर तक घरेलू सिलेंडर की नियमित होम डिलीवरी शुरू कर दी है। अब शहर में गैस की उपलब्धता सामान्य हो चुकी है।
स्थानीय उपभोक्ता भी गैस की आसान उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन की सराहना कर रहे हैं।
घरेलू गैस उपभोक्ता कुलदीप रावत ने बताया कि नियमित तौर पर गैस एजेंटीयों द्वारा घर-घर गैस की होम डिलीवरी हो रही है। उन्होंने बताया की सप्लाई धीरे-धीरे हर जगह पहुंच रही है जिससे कि हमें भी गैस को लेने में आसानी हो रही है। साथी उन्होंने आम जनमानस से अपील की की लोग आप कहां पर ध्यान ना दे गैस को लेकर पानी की स्थिति ना बनाएं।

जिला पूर्ति अधिकारी देहरादून के के अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन चार चरण में गैस की उपलब्धता के लिए तेज गति से कार्य कर रहा है। उपभोक्ताओं द्वारा गैस की बुकिंग को आसान किया जा रहा है। साथ ही जिले की 70 एजेंसियों पर जिलाधिकारी द्वारा 30 लोगों की टीम द्वारा समय-समय कैसे गोदाम का निरीक्षण कर रही है। उन्होंने बताया कि जिला हमारे द्वारातीनों तेल कंपनियों के अधिकारियों से निरंतर रूप से समन्वय बरकरार है इसकी बदौलत गैस की उपयोगिता निश्चित की जारी है। साथ ही घरेलू गैस के दुरुपयोग पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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