एसएसपी दून के निर्देशों पर प्रेमनगर क्षेत्र में दून पुलिस ने चलाया वृहद स्तर पर सत्यापन/चैकिंग अभियान
*एसपी सिटी के नेतृत्व में पुलिस क्षेत्राधिकारियों सहित पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा प्रेमनगर क्षेत्र में हॉस्टल/पी0जी0 में रहने वाले बाहरी छात्रों का किया सत्यापन।*
*सभी हॉस्टल/पी0जी0 संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में रहने वाले छात्र/छात्राओं का शत प्रतिशत सत्यापन कराने की दी हिदायत*
*किसी भी हॉस्टल/पी0जी0 में रह रहे छात्र/छात्राओं के नशे अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त मिलने पर उनके साथ-साथ सम्बन्धित हास्टल/पी0जी0 संचालकों/मालिकों के विरूद्ध भी होगी वैधानिक कार्यवाही*
*पी0जी0/हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के सत्यापन न कराने पर 08 प्रतिष्ठान संचालकों का पुलिस एक्ट में चालान कर किया 80 हजार रू0 का जुर्माना*
*पहचान संबंधित दस्तावेज न दिखा पाने/ बिना सत्यापन के रह रहे 75 छात्रों को पूछताछ हेतु लाया गया थाने*
*अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 52 वाहन चालकों के विरूद्ध की कार्यवाही, 16 वाहनों को किया सीज*
*होटल/ढाबों/रेस्टोरेन्ट की चैकिंग कर सभी संचालकों को निर्धारित समयावधि के बाद प्रतिष्ठानों को न खोलने की दी हिदायत*
*नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 व्यक्तियों के पुलिस एक्ट में किये चालान*
आज दिनांक: 24-03-26 को पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा प्रेमनगर क्षेत्र में वृहद स्तर पर चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीमों द्वारा हास्टल, पी0जी0 आदि में रहने वाले कालेज के छात्र/छात्राओं के सत्यापन की कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान सभी पीजी/हास्टल संचालकों को अपने-अपने प्रतिष्ठानों मंे रहने वाले सभी छात्र/छात्राओं का शत प्रतिशत सत्यापन कराने, गैर प्रान्त के रहने वाले छात्र/छात्राओं का उनके मूल स्थान से भी चरित्र सत्यापन करवाकर उपलब्ध करवाने, पी0जी0/हास्टल में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा रात्रि 10 बजे के बाद किसी भी व्यक्ति को पी0जी0/हास्टल में प्रवेश न करने देने के निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त हास्टल/पी0जी0 में निवासरत छात्र/छात्राओं के नशे अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त मिलने पर उनके साथ-साथ सम्बन्धित हास्टल/पी0जी0 संचालकों/मालिकों के विरूद्ध भी वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई। इस दौरान अपने प्रतिष्ठानों मंे रहने वाले छात्र/छात्राओं का सत्यापन न कराने वाले 08 संचालकों के 83 पुलिस एक्ट में चालान कर 80 हजार रू0 का जुर्माना किया गया।


अभियान के दौरान पुलिस टीम द्वारा प्रेमनगर क्षेत्र में वृहद स्तर पर चैकिंग अभियान चलाते हुए ट्रिपल राइडिंग, रैश ड्राइविंग, ओवर स्पीडिंग करने वाले नव युवकों के विरूद्ध कार्यवाही की गई। चैकिंग के दौरान पुलिस द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने, मुख्य मार्गों पर बेतरतीब तरीके से वाहनों को खडा कर आवागमन बाधित करने वाले 52 वाहन चालको के विरूद्ध एम0वी0एक्ट के तहत कार्यवाही की गई तथा 16 वाहनों को सीज किया गया।
इसके अतिरिक्त प्रेमनगर, पौंधा, नन्दा की चौकी आदि क्षेत्रों में होटल/रेस्टोरेंट/ढाबों में चैकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें सभी होटल/रेस्टोरेंट/ढाबा संचालकों को निर्धारित समयावधि के उपरान्त अपने प्रतिष्ठानों का संचालन न करने तथा अपने प्रतिष्ठानों में किसी भी व्यक्ति को शराब का सेवन न करने देने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही किसी भी प्रतिष्ठान में शराब व अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से सम्बन्धित शिकायत पर प्रतिष्ठान स्वामी के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई।
अभियान में दौरान पुलिस द्वारा मौके पर पहचान सम्बन्धी दस्तावेज न दिखा पाने तथा बिना सत्यापन के रह रहे 75 संदिग्ध छात्रों को पूछताछ हेतु थाने पर लाया गया, जिनसे आवश्यक पूछताछ करते हुए उनके सत्यापन की कार्यवाही की गई, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि में लिप्त न रहने की सख्त हिदायत दी गई, इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 व्यक्तियों के पुलिस एक्ट के अन्तर्गत चालान किये गये।









मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने एवं नागरिकों को सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। जिला प्रशासन द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण कराया गया है, जिससे शहरी यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाया जा सके। जिला प्रशासन की इस योजना के अंतर्गत शहर में कुल तीन प्रमुख ऑटोमेटेड पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें परेड ग्राउंड (111 वाहन क्षमता), तिब्बती मार्केट (132 वाहन क्षमता), कोरोनेशन (18 वाहन क्षमता) शामिल हैं।

कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत जनवरी 2026 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।



सीएम धामी ने 1100 कन्याओं के पूजन को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नारी सम्मान को सुदृढ़ करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।



इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाकर लोगों के प्रमाण पत्र बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बारे में सहायता प्रदान की गई। कैबिनेट मंत्री ने सभी स्टॉल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिला और युवाओं का सशक्तिकरण, रोजगार व विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।