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“धामी सरकार के 4 साल बमिसाल”:  हल्द्वानी में बोले राजनाथ सिंह धाकड़ धामी अब धुरंधर धामी

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सीएम धामी ने बनाया रिकॉर्ड: 5 साल बाद बना लिया अपनी पूरी टीम

धामी सरकार में उत्तराखंड को विकसित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता : राजनाथ सिंह

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ ने भव्य कार्यक्रम में शिरकत की इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में जिस गति से विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं, उससे यही प्रतीत होता है कि अब विकसित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने 4 साल पूरे किए हैं और दूसरे कार्यकाल में जिस तेजी से विकास हुआ है, उसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य में बुनियादी ढांचे का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में असाधारण कार्य हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आज अध्यात्म और आधुनिकता का संतुलन बनाते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि, तपोभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि यहां के सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा में हमेशा सर्वोच्च बलिदान दिया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चारधाम ऑल वेदर रोड सहित कई ऐतिहासिक परियोजनाएं केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस समय उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

रेलवे विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच उत्तराखंड में रेलवे पर हर साल लगभग 187 करोड़ रुपये खर्च होते थे, जबकि अब यह बढ़कर करीब 4500 करोड़ रुपये वार्षिक हो गया है, जो एक रिकॉर्ड है।उत्तराखंड यात्रा गाइड

अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने सख्त रुख अपनाने पर सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अवैध रूप से बसने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कानूनी रूप से आकर बसने वालों का स्वागत है, लेकिन गैर-कानूनी गतिविधियों पर सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है, जो सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 10,000 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए हैं, जो किसी भी राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही नकल पर सख्त पाबंदी लगाने के निर्णय को भी उन्होंने ऐतिहासिक बताया और कहा कि इस दिशा में धामी सरकार का कदम अभूतपूर्व है।

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की तारीफ करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले वे उन्हें “धाकड़ धामी” कहते थे, लेकिन अब उनके कार्यों को देखते हुए “धुरंधर धामी” कहना ज्यादा उचित है। उन्होंने कहा कि धामी का धुआंधार काम अब खुद बोल रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय उन्होंने पहले ही यह विश्वास जताया था कि धामी के नेतृत्व में भाजपा स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाएगी, और अब चार साल के कार्यकाल को देखने के बाद यह और स्पष्ट हो गया है कि धामी एक साधारण नहीं बल्कि मजबूत और प्रभावी नेतृत्व देने वाले मुख्यमंत्री हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस तेजी से राज्य में विकास कार्य हो रहे हैं, उससे उत्तराखंड कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा हो गया है और आने वाले समय में यह विकास और तेज होगा।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रेखा आर्या ,  राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक, गणेश जोशी , खजनदास,  केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट , सांसद महेंद्र भट्ट,  विधायक सरिता आर्या, बंशीधर भगत , दीवान सिंह बिस्ट, डॉ मोहन सिंह, सुरेश गढ़िया कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित है।

ICFRE में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया शुभारंभ

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देहरादून। शनिवार को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय के तहत मनाया जा रहा है। जो आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और आजीविका को सहारा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है। इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 21-22 मार्च को ICFRE, देहरादून में “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।
भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने वानिकी के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया, और वन संसाधनों को बनाए रखने में सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी), और कार्बन क्रेडिट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात के साथ किया कि वन केवल अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति के लिए भी आवश्यक हैं।
इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सचिव तन्मय कुमार; वनों के महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी; ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी और वनों के अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे भी उपस्थित रहे।
वर्कशॉप में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यावसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह वन संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य मूल्य-वर्धित उत्पादों का निर्माण करना, स्थानीय आजीविका को सहारा देना और प्राकृतिक वनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। तकनीकी सत्रों में कृषि-वानिकी, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, इंजीनियर्ड काष्ठ उत्पाद, वन उद्योग, कार्बन बाज़ार, वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज़्म और डिजिटल निगरानी जैसे विषय शामिल हैं।
यह कार्यशाला पूरे देश से वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और वन प्रबंधकों को एक मंच पर लाती है, ताकि भारत की वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा सके; इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना, अवसरों की तलाश करना और इस क्षेत्र में नीतिगत तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों को दिशा देना है।

MDDA Housing Scheme पर बढ़ा लोगों का भरोसा:  ISBT और आमवाला तरला के सभी HIG फ्लैट बुक

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“पहले आओ-पहले पाओ” मॉडल हिट, कम कीमत और बेहतर गुणवत्ता के दम पर एमडीडीए बना लोगों की पहली पसंद

निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर भारी पड़ रही एमडीडीए की सस्ती और भरोसेमंद योजनाएं

देहरादून में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की आवासीय योजनाएं अब आमजन की पहली पसंद बनती जा रही हैं। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं को जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। आईएसबीटी हाउसिंग योजना के सभी HIG फ्लैट “पहले आओ-पहले पाओ” आधार पर पूरी तरह बुक हो चुके हैं, जबकि आमवाला तरला में निर्माणाधीन आवासीय योजना के एचआईजी श्रेणी के फ्लैट भी पूरी तरह बुक हो चुके हैं। जून 2024 में दोबारा लॉन्च के बाद से ही इस योजना के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ा है, जो अब पूरी बुकिंग के रूप में सामने आया है।

*गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी सबसे बड़ी ताकत*
एमडीडीए की योजनाओं की सफलता के पीछे निर्माण की उच्च गुणवत्ता और पारदर्शी प्रक्रिया सबसे बड़ा कारण है। फ्लैटों के निर्माण में तय मानकों का सख्ती से पालन किया गया है। बुकिंग प्रक्रिया को “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर सरल और निष्पक्ष रखा गया, जिससे हर वर्ग के लोगों को समान अवसर मिला। यही वजह है कि लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

*निजी बिल्डरों पर भारी एमडीडीए की योजनाएं*
देहरादून में जहां निजी बिल्डरों की परियोजनाएं लंबे समय से बाजार पर हावी रही हैं, वहीं अब एमडीडीए की योजनाएं उन्हें कड़ी टक्कर दे रही हैं। निजी प्रोजेक्ट्स में अक्सर ऊंची कीमत, निर्माण में देरी और अतिरिक्त शुल्क जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जबकि एमडीडीए कम कीमत में बेहतर गुणवत्ता और तय समय में आवास उपलब्ध करा रहा है। एमडीडीए के फ्लैट न केवल सस्ते हैं, बल्कि इनमें बुनियादी सुविधाएं, बेहतर लोकेशन और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित किया गया है। यही कारण है कि अब लोग निजी योजनाओं के बजाय सरकारी विकल्प को ज्यादा भरोसेमंद मान रहे हैं।

*आमवाला तरला योजना बनी हॉट फेवरेट*
आमवाला तरला आवासीय योजना तेजी से लोगों की पसंद बनकर उभरी है। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और व्यवस्थित विकास इसे खास बनाते हैं। योजना में पार्किंग, जल आपूर्ति, हरित क्षेत्र और सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यहां रहने का अनुभव बेहतर होता है।

*ISBT योजना ने बनाई मजबूत साख*
आईएसबीटी हाउसिंग योजना की सफलता ने एमडीडीए की विश्वसनीयता को और मजबूत किया है। परिवहन हब के पास स्थित होने के कारण यह योजना शुरू से ही आकर्षण का केंद्र रही। सभी फ्लैटों का पूरी तरह बुक हो जाना इस बात का प्रमाण है कि लोग इन योजनाओं को लेकर कितने आश्वस्त हैं।

*बढ़ती आबादी के बीच सुलझता आवास संकट*
देहरादून में तेजी से बढ़ती आबादी के बीच एमडीडीए की योजनाएं संगठित शहरी विकास का उदाहरण बन रही हैं। प्राधिकरण न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि भविष्य के लिए भी नई योजनाओं और लैंड बैंक पर काम कर रहा है, ताकि अधिक लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके।

*सख्त मॉनिटरिंग से मिल रहा बेहतर परिणाम*
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशन में निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। गुणवत्ता जांच और समयसीमा का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को काम मिल रहा है और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं।

*भविष्य की योजनाओं को लेकर बढ़ी उम्मीदें*
एमडीडीए की मौजूदा योजनाओं की सफलता के बाद अब लोगों की नजर आने वाली परियोजनाओं पर है। उम्मीद है कि भविष्य में और अधिक आधुनिक, किफायती और सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं सामने आएंगी।

*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए की आईएसबीटी और आमवाला तरला आवासीय योजनाओं की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, तो वे निजी क्षेत्र से बेहतर साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि “पहले आओ-पहले पाओ” मॉडल ने आमजन के बीच विश्वास पैदा किया है और बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह सरल बनाया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक जीवन देना है। इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी एमडीडीए इसी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ नई योजनाएं लाता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।

*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए की योजनाओं को मिल रहा जबरदस्त प्रतिसाद इस बात का संकेत है कि लोग अब गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद आवास की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा निर्माण कार्यों में उच्च मानकों का पालन किया जा रहा है और हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखी गई है। उन्होंने बताया कि भविष्य की योजनाओं में भी आमजन की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि देहरादून में सुनियोजित और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित हो सके।

 

Inspection: पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा किया गया थाना बसंत विहार का वार्षिक निरीक्षण

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मालखाने के निरीक्षण में लम्बित माल मुकदमाती के शीघ्र निस्तारण के दिये निर्देश

*थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों से करवाई शस्त्र कवायद*

*थाने पर मौजूद समस्त अभिलेखों को नियमित रूप से अध्यावधिक करने के दिये निर्देश*

*आवसीय परिसर का निरीक्षण कर साफ सफाई की व्यवस्था को उच्च कोटी की रखने की दी हिदायत*

*सीसीटीएन के अन्तर्गत सभी पोर्टलों पर किये जाने वाले कार्योें की करी समीक्षा, अनावश्यक रूप से लम्बित प्रार्थना पत्रों के शीघ्र निस्तारण के दिये निर्देश।*

आज दिनांक 20 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा थाना बसंत विहार का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी द्वारा थाना परिसर का भ्रमण कर थाना में बने आवासीय भवन व बैरकों का निरीक्षण किया गया, थाने के मैस का निरीक्षण कर कर्मचारियों के भोजनp की व्यवस्था की जानकारी ली।

मालगृह के निरीक्षण के दौरान मालखाने में रखे मालों के रखरखाव, उनके निस्तारण एवं संपूर्ण सरकारी संपत्ति की जानकारी ली गई।

थाने पर उपलब्ध सरकारी संपत्ति व असलाह तथा दंगा नियंत्रण उपकरण , आपदा उपकरण का निरीक्षण किया गया, जिसका रखरखाव संतोषजनक पाया गया। थाने पर लंबित माल मुकदमाती, लावारिस , कुर्की आदि मालों का निरीक्षण कर उनके रखरखाव के संबंध में आवश्य निर्देश दिए गए तथा एमवी एक्ट, लावारिस व अभियोगों से संबंधित मालों का शीघ्र निस्तारण व नीलामी प्रक्रिया किये जाने हेतु मालखाना मोहर्रिर को निर्देशित किया गया। इस दौरान असलाह के खोलने और जोड़ने के संबंध में सभी उप निरीक्षक एवं मौजूद कर्म०गणों से जानकारी कर उनका अभ्यास करवाया गया।

थाना अभिलेखो के निरीक्षण में सभी अभिलेखों को अध्यावधि करने हेतु निर्देशित किया तथा सीसीटीएनएस के अंतर्गत समस्त पोर्टल की जानकारी की गई तथा थाने पर नियुक्त समस्त उप निरीक्षक से उक्त पोर्टल में उनके द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी लेकर पेंडिंग सूचनाओं के निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गये।

Police Action: दून पुलिस की दो टूक, दूसरों की जान से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश

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इनोवा कार को खतरनाक तरीके से दौड़ाकर मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति की मृत्यु कारित करने वाले अभियुक्त के विरुद्ध पुलिस ने गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया अभियोग*

*पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर मा० न्यायालय के समक्ष किया पेश*

*मा० न्यायालय में अभियुक्त के विरुद्ध मजबूत पैरवी कर उसका रिमांड स्वीकृत कराते हुए अभियुक्त को भेजा जेल*

*देहरादून पुलिस का स्पष्ट संदेश, दूसरों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध होगी सख्त से सख्त कार्यवाही, जाएंगे सीधे जेल*

दिनांक 19/03/2026 को डी0एल0 रोड पर इनोवा वाहन को खतरनाक ढंग से सड़क पर दौड़ाकर 01 व्यक्ति की मृत्यु कारित करने तथा 02 लोगो को गंभीर रूप से घायल करते हुए कई अन्य वाहनो को क्षतिग्रस्त करने वाले इनोवा वाहन चालक अभियुक्त गुनीत सिंह को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था, जिसके विरुद्ध घटना में मृतक व्यक्ति रोहित फिलिप के परिजनों द्वारा दी गयी तहरीर पर कोतवाली डालनवाला में गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मु0अ0सं0- 47/2026 धारा- 105,125(B),281,324(6) BNS का अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसमे आज दिनांक 20/03/2026 की प्रातः अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार करते हुए मा० न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां अभियुक्त द्वारा जानबूझकर किये गए उक्त कृत्य के लिए पुलिस द्वारा मा० न्यायालय के समक्ष अभियुक्त के विरुद्ध मजबूत पैरवी करते हुए माननीय न्यायालय से उसका न्यायिक रिमांड स्वीकृत करवाते हुए उसे जेल भेजा गया।

*नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त :-*

गुनीत सिंह पुत्र विरेन्द्र पाल सिंह निवासी 4/6 इन्दर रोड, थाना डालनवाला, उम्र 43 वर्ष

*घटना में प्रयुक्त वाहन :-*

इनोवा कार संख्या- UK07DF1795 रंग सफेद

*पुलिस टीम*

1- उ0नि0 विक्की टम्टा, चौकी प्रभारी करनपुर
2- उ0नि0 जयपाल सिंह
3- का0 प्रवीन भण्डारी
4- का0 प्रेम सिंह रावत

मातृशक्ति का सम्मान और अधिकार राष्ट्र की उन्नति का आधार: -जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी राजराजेश्वरम

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​ऋषिकेश के एम्स (सभागार) में ‘पहाड़ की नारी, देश की शक्ति’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन; मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर दी शुभकामनाएं

​ऋषिकेश/देहरादून, 20 मार्च 2026: उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “दान से लाभ” के अवसर पर ऋषिकेश स्थित एम्स के मुख्य सभागार में पहाड़ की नारी देश की शक्ति के नारे के साथ एक भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आध्यात्मिक चेतना के पुंज परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य (शारदापीठाधीश्वर) स्वामी श्री राजराजेश्वरम जी महाराज का पावन सान्निध्य रहा।

प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने पर वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। उत्तराखंड की महिलाओं के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं की उदारता सहयोग भावना तथा उनके बहुआयामी योगदान को सम्मानित करना तथा इस प्रकार की सकारात्मक पहलें न केवल समाज में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम भी बढ़ती है।

पूज्य जगतगुरू शंकराचार्य जी ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में नारी के स्थान को रेखांकित करते हुए कहा, हमारे देश में माताओं का 100% सम्मान है और प्रत्येक क्षेत्र में उनका 100% अधिकार है। यह गौरव की बात है कि आज उत्तराखंड की बेटियाँ हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने सम्मानित होने वाली 12 महिलाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा, मैं उन सभी के लिए प्रार्थना करता हूँ जिन्हें आज यहाँ सम्मानित किया गया है। मुझे आप सभी से यह आशा और उम्मीद है कि आप भविष्य में भी समाज में माताओं के कल्याण के लिए और भी बेहतर कार्य करेंगे।

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित महिलाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “आयोग का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुँचाना है। आज का यह सम्मान समारोह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति हमारे कृतज्ञ भाव का प्रतीक है।

समारोह में मा. विधायक ऋषिकेश श्री प्रेमचन्द अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डॉ. रीमा पंत, एम्स निदेशक डॉ. मीनू सिंह एवं महापौर श्री शम्भू पासवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने ‘दान से लाभ’ विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा की और समाज निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा में मील का पत्थर स्थापित करने वाली 12 विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें श्रीमती जया बलूनी (एसपी देहात), श्रीमती साक्षी सिंह (IIS), श्रीमती गीता चंदोला, श्रीमती तुलसी मेहरा, सुश्री नेहा सिंह, श्रीमती दर्शनी देवी नेगी, श्रीमती रेखा रयाल, श्रीमती कमला नेगी, श्रीमती चन्द्रिका पुंज, कुमारी मुस्कान (स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी), श्रीमती रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।

इस भव्य आयोजन में आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो, वरिष्ठ प्रबुद्धजन दिनेश सेमवाल, आयोग की सदस्य सदस्य कमला जोशी, विमला नैथानी, किरण देवी, वैशाली नरूला, कंचन कश्यप, सरोज बहुगुणा, सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण तोमर, सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, लक्ष्मी सेमवाल, दिव्या बेलवाल, नीलम चमोली, पूनम व्यास, निवेदिता सरकार, कविता शाह, शकुंतला बेलवाल जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सीडीपीओ शिखा कंडवाल सहित आयोग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

निजी सचिव, मा. अध्यक्ष
​उत्तराखंड राज्य महिला आयोग

BHU में प्रशिक्षण लेंगे विज्ञान वर्ग के 50 नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर

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फोकस्ड ट्रेनिंग एंड इंडक्शन प्रोग्राम में शिक्षण तकनीकी पर होगा फोकस

*उच्च शिक्षा विभाग के 35 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों का भी चल रहा प्रशिक्षण*

देहरादून, 20 मार्च 2026
उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने के तहत प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में विज्ञान वर्ग में नव नियुक्त 50 शिक्षकों को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी (बीएचयू) में विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। आगामी 23 मार्च से आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में शिक्षकों को शिक्षण तकनीकों तथा आधुनिक शोध पद्धतियों के गुर सिखाये जायेंगे। उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के 35 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों को भी बीएचयू में ट्रेनिंग चल रही है, जहां पर वह आधुनिक पुस्कालय व्यवस्था का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के दृष्टिगत राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध व नवाचारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जा सके। योजना के तहत इस बार राजकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों विज्ञान वर्ग में नव नियुक्त 50 शिक्षक बीएचयू में प्रशिक्षण लेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आगामी 23 मार्च से 19 अप्रैल तक बीएचयू में विशेष फोकस्ड ट्रेनिंग एंड इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें इन शिक्षकों को उच्च शिक्षा के आधुनिक मानकों, शिक्षण तकनीकों, शोध पद्धतियों एवं शैक्षणिक प्रशासन के गुर सिखाये जायेंगे, जिससे वह अपने शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापरक बना सके और अपने-अपने महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित कर छात्रों में शोध प्रवृत्ति को बढ़ा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विशेषज्ञों एवं बीएचयू के प्रख्यात शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण सत्रों में व्याख्यान दिये जायेंगे।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्द्धन प्रशिक्षण योजना के तहत विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के 35 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों का भी बीएचयू में प्रशिक्षण चल रहा है। उन्होंने बताया कि 09 मार्च से 22 मार्च से चलने वाले 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों को पुस्तकालय प्रणाली के आधुनिक आयामों के बारे में अवगत कराया गया। इस दौरान डिजिटल एक्सेस, ई-लाइब्रेरी, सूचना प्रबंधन तथा पुस्तकालय के नवीन तकनीकी पहलुओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों को इन विषयों के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के तहत सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों को बीएचयू के विभिन्न पुस्तकालयों के साथ-साथ केन्द्रीय उच्च तब्बती शिक्षा संस्थान तथा नागरीप्रचारिणी सभा वाराणसी सहित अन्य प्रमुख संस्थानों के पुस्तकालयों का भी भ्रमण किया। जहां पर उन्हें पुस्तकालय प्रबंधन, डिजिटलीकरण और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की आधुनिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*बयान-*
राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्द्धन प्रशिक्षण योजना के तहत शिक्षकों को देश के उत्कृष्ट संस्थानों में एक्सपोजर विजिट व प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत शिक्षकों को विभिन्न संस्थानों प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विज्ञान वर्ग के नवनियुक्त 50 शिक्षकों को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आगामी 23 मार्च से प्रशिक्षण दिया जायेगा। शिक्षकों के एक्सपोजर व प्रशिक्षण का निश्चित तौर पर प्रदेश के शिक्षण संस्थाओं में सकारात्मक प्रभाव दिखायी देगा।- *डा. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।*

*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय उच्च शिक्षा मंत्री।

Big Breaking: धामी मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, पांच चेहरे हुए मंत्रिमंडल में शामिल 

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देहरादून। आखिरकार काफी लंबे इंतजार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ जिसमें 5 नए चेहरों को शामिल किया गया। इस विस्तार के तहत धामी कैबिनेट में पांच नए चेहरों को शामिल किया गया, जिससे सरकार को राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने में मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लोग भवन में आयोजित समारोह में भव्य शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया जिसमें राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नव नियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में सरकार के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नेताओं में राजपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक खजन दास, रुद्रप्रयाग क्षेत्र से भारत सिंह चौधरी, हरिद्वार से वरिष्ठ नेता मदन कौशिक, रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा तथा कुमाऊं क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए मदन सिंह खेड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
इस विस्तार के साथ ही राज्य में लंबे समय से खाली चल रहे मंत्रियों के पांचों पदों को भर दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे सरकार के कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिलने से विकास कार्यों को गति मिलेगी।

राजनीतिक दृष्टि से इस मंत्रिमंडल विस्तार को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विस्तार के माध्यम से संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
अब देखना होगा कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग सौंपे जाते हैं और वे अपने दायित्वों का निर्वहन किस प्रकार करते हैं। राज्य की जनता को इस विस्तार से विकास कार्यों में तेजी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की उम्मीद है।

डीएम की QRT टीम गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कर रही निरीक्षण

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देहरादून । एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शत्प्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी।
जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 26 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 24459 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 269 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 93 हजार के लगभग बैकलॉग है। एलपीजी का घरेलू 36743 तथा व्यवसायिक का 1592 स्टॉक उपलब्ध है। बैकलॉग का कारण पिछलें दिनों 03 दिन जब बुंकिग सॉफ्टवेयर में क्राईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन की जा रही है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।

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कार्यालय जिला सूचना अधिकारी देहरादून।

 

श्री झण्डे जी मेले की आस्था और सांस्कृतिक गरिमा के बीच एक युवा प्रतिभा ने सबका ध्यान किया आकर्षित 

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हैंड स्केच आर्टिस्ट प्रिंस कुमार की अनूठी कला का सम्मान श्री दरबार साहिब में किया गया, जहां उनकी रचनात्मकता और समर्पण को सराहा गया।

सोशल मीडिया पर अपना लोकप्रिय हैंड स्केच पेज संचालित करने वाले प्रिंस कुमार अपनी कला के माध्यम से ऐतिहासिक और आकर्षक स्थलों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। इस बार उन्होंने अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए प्रसिद्ध श्री झण्डे जी मेला को चुना। मेले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पक्ष को समझते हुए उन्होंने दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज की विरासत को अपने स्केच में बारीकी से उकेरा।

मेले के दौरान प्रिंस कुमार ने एक अनोखी पहल करते हुए मेला आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों, स्टाफ, संगतों और दूनवासियों के मौके पर ही आकर्षक हैंड स्केच बनाकर उन्हें भेंट किए। उनकी खासियत यह रही कि वे सामने बैठे व्यक्ति का स्केच बेहद कम समय में सजीव रूप में तैयार कर देते हैं। उनकी इस अद्भुत कला ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों को खासा प्रभावित किया, और सभी ने खुले दिल से उनकी प्रतिभा की सराहना की।

प्रिंस कुमार की इस उत्कृष्ट कला साधना को देखते हुए दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने उन्हें सम्मानित किया। श्री दरबार साहिब में आयोजित एक विशेष अवसर पर उन्हें 5,100 रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर प्रिंस कुमार ने अपने द्वारा बनाए गए स्केच श्री महाराज जी को प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर श्री महाराज जी ने उनकी कला की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।✨💐

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