Homeताज़ा खबरेंSGRRU और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा, शोध व भारतीय ज्ञान...

SGRRU और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा, शोध व भारतीय ज्ञान परम्परा में सहयोग पर हुई चर्चा

श्री दरबार साहिब में आध्यात्मिक समागम, शिक्षा और
संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय

अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक गुरु डॉ. चिन्मय पंड्या ने श्री महाराज जी से की शिष्टाचार भेंट

देहरादून। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति (प्रो वाइस चांसलर) तथा आध्यात्मिक गुरु डॉ. चिन्मय पंड्या ने सपरिवार श्री दरबार साहिब पहुंचकर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने श्री झण्डा साहिब एवं श्री दरबार साहिब में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री दरबार साहिब में डॉ. पंड्या का आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया गया।


बुधवार को श्री दरबार साहिब में भेंटवार्ता के दौरान दोनों आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों की वरिष्ठ विभूतियों ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्म, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। डॉ. चिन्मय पंड्या ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना के विस्तार तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन एवम् श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि शांतिकुंज, हरिद्वार केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठनों में से एक है। श्री महाराज जी ने अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा समाज सेवा, संस्कार निर्माण एवं राष्ट्रोत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन निःस्वार्थ भाव से समाज एवं राष्ट्रहित में सतत योगदान दे रहा है। उन्होंने डॉ. चिन्मय पंड्या के सरल व्यक्तित्व, सेवा-भावना एवं समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
डॉ. चिन्मय पंड्या ने भी श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय तथा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। बैठक के दौरान श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के मध्य शिक्षा, शोध, भारतीय ज्ञान परम्परा, योग, संस्कृति, नवाचार तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने भविष्य में संयुक्त शैक्षणिक, शोध एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अखिल विश्व गायत्री परिवार से करोड़ों लोग जुड़े हैं और संगठन दशकों से सनातन संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और मानव कल्याण की भावना से प्रेरित शांतिकुंज का योगदान विश्वभर में अनुकरणीय है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments