सूबे में स्थापित होगा त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय का प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट: डॉ धन सिंह रावत
*देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड जहाँ केंद्रीय सहकारी विश्वविद्यालय की खुलेगा पीएमयू*
देहरादून, 14 जून 2026
सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में सहकारिता विभाग ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट’ (PMU) स्थापित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर डॉ रावत की अध्यक्षता में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद तथा त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. शाश्वत विश्वास ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
पांच वर्षों की अवधि के लिए किए गए इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाली पीएमयू उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र के नवाचार, अनुसंधान, क्षमता विकास एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण का प्रमुख केंद्र बनेगी। यह यूनिट सहकारिता क्षेत्र में नई संभावनाओं की पहचान, वैज्ञानिक अध्ययन, नीति निर्माण में सहयोग तथा सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण के लिए कार्य करेगी।
पीएमयू के माध्यम से प्रदेश की पैक्स (PACS), जिला सहकारी बैंक, बहुउद्देशीय सहकारी समितियां एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षण, क्षमता विकास, व्यवसायिक मॉडल निर्माण, विपणन सहायता, प्रबंधन सुधार तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही उत्तराखंड की भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप सहकारिता क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों एवं चुनौतियों का व्यापक अध्ययन कर विकास की नई रणनीतियां तैयार की जाएंगी।
यह परियोजना भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में संचालित होगी। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ उत्तराखंड में सहकारिता के संसाधनों, संभावनाओं और चुनौतियों का गहन अध्ययन कर विकासोन्मुख कार्ययोजनाएं तैयार करेंगे। इससे प्रदेश में सहकारिता आधारित रोजगार, स्वरोजगार, विपणन एवं आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का देश का पहला राज्य बना, जहां त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की जा रही है, जो हमारे लिए गौरव का विषय है।” उन्होंने कहा कि यह पीएमयू सहकारिता के क्षेत्र में नवाचार, शोध और ज्ञान आधारित विकास का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से प्रदेश की सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहायता मिलेगी, जिससे सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।
वहीं त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के
कुलपति प्रो. शाश्वत विश्वास ने कहा कि उत्तराखंड के साथ किया गया यह समझौता सहकारिता क्षेत्र में ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीएमयू के माध्यम से प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया जाएगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को उत्तराखंड में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी एवं आधुनिक बनाना है, जिससे सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।
इस अवसर पर उप सचिव सहकारिता सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, आनंद ए.डी. शुक्ल, उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के प्रबंध निदेशक एम.पी. त्रिपाठी, त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के डीन, स्कूल ऑफ कोऑपरेटिव बैंकिंग एंड फाइनेंस राकेश ऐरावत सहित विभाग एवं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*वी.पी. सिंह बिष्ट*
जनसम्पर्क अधिकारी/मीडिया प्रभारी
माननीय सहकारिता मंत्री




